टीचर की बीवी ने लिया मेरा लौड़ा

में भाभी के बूब्स को दबा रहा था। 10 मिनट की चुसाई के बाद भाभी ने लंड बाहर निकाल दिया और वो सीधा बेड पर लेट गई। में भी भाभी के ऊपर लेट गया और भाभी के होंठो को चूमने और चूसने लगा। भाभी के होंठो का एक अजीब सा स्वाद था और में एक हाथ से भाभी के बूब्स दबाने लगा। भाभी ने मुझे ज़ोर से भींच लिया और वो मेरे लंड को पकड़कर अपनी चूत में डालने लगी। भाभी की चूत गीली हो रही थी। तो भाभी ने मुझसे कहा कि अशोक अब नहीं रहा जा रहा.. प्लीज़ अपने लंड से मेरी चूत को शांत कर दो.. क्योंकि सालों से ये लंड की प्यासी है। अपने लंड से इसकी प्यास बुझा दो प्लीज़। तो मैंने यह सही टाईम देखकर भाभी के पैर खोलकर उनके बीच में बैठ गया और अपने लंड पर बहुत सारा थूक लगा लिया और एक हाथ से भाभी की चूत खोलकर भाभी की चूत के छेद पर रखकर धीरे धीरे अंदर डालने लगा.. लेकिन मेरा लंड भाभी की चूत में नहीं जा रहा था वो बार बार फिसल रहा था। तभी भाभी ने अपने पैर फैला लिए और भाभी ने कहा कि थोड़ा और थूक लगा लो। तो मैंने कहा कि भाभी अब मेरे मुहं में थूक नहीं है। तो भाभी ने अपने मुहं से थूक निकालकर मेरे लंड पर लगाया और मैंने अपना लंड दोबारा भाभी की चूत के छेद पर रखकर इस बार ज़ोर से धक्का मारा और इस बार मेरा लंड भाभी की चूत को फाड़ता हुआ थोड़ा सा अंदर चला गया.. लेकिन भाभी के मुहं से आहह्ह्ह्ह की आवाज़ निकल गई और उनकी आखों से आंसू भी निकल रहे थे और भाभी मुझे पीछे से धकेल रही थी.. लेकिन में भाभी के ऊपर लेट गया और उनके होंठो को चूसने लगा भाभी ने दर्द के कारण अपने पैरों को आपस में लपेट लिया और में एक हाथ से भाभी के बूब्स को भी दबा रहा था। तभी कुछ टाईम बाद भाभी आराम महसूस कर रही थी और वो मेरे किस का जवाब भी दे रही थी। वो अपनी जीभ मेरे मुहं में घुमा रही थी। फिर मैंने भाभी के पैरों को ऊपर की तरफ घुमा दिया और एक जोरदार धक्का मारा.. इस बार मेरा पूरा लंड भाभी की चूत में चला गया। दोस्तों भाभी की चूत कितनी टाईट थी इसका अंदाज़ा मेरा लंड लगा सकता था। मेरा लंड मुझे ऐसा महसूस हो रहा था जैसे मानो किसी ने अपने हाथ की मुट्ठी में ज़ोर से भींच लिया हो और भाभी के मुहं से इस बार ज़ोर से आवाज़ निकल आई और वो रोने भी लगी और मुझे लंड को बाहर निकालने के लिए बोलने लगी।
में दोबारा भाभी को किस करने लगा और एक हाथ भाभी की गांड के नीचे करके भाभी की गांड को धीरे धीरे दबाने लगा भाभी मेरी कमर को नोचने लगी.. में भाभी के होंठो और गर्दन पर किस करने लगा.. भाभी थोड़े टाईम के बाद कुछ अच्छा महसूस कर रही थी और मुझसे बोली कि आज जैसा दर्द तो मुझे पहली बार सेक्स में भी नहीं हुआ था। अशोक सच में तेरे लंड ने तो मेरी चूत को नानी याद दिला दी और मेरे गालों को काटने लगी.. भाभी की इस हरकत से मेरे शरीर में जोश सा आ गया और में धीरे धीरे धक्के मारने लगा। भाभी ने अपनी आखें बंद कर ली और अपने मुहं से आवाजें निकालने लगी.. आआहा सस्स्स्सीईए सस्स्सस्स और बोल रही थी कि अशोक फाड़ दे मेरी चूत.. आज तू बुझा दे इसकी प्यास.. आज से तू ही इसका स्वामी है। तो मैंने अपनी स्पीड थोड़ी सी बड़ा दी और भाभी के मुहं से अब और ज़ोर से गरम कर देने वाली आवाजें निकल रही थी और करीब 15-20 मिनट की चुदाई के बाद भाभी ने मुझको ज़ोर से जकड़ लिया और अपनी गांड ऊपर की और उठा उठाकर मेरा लंड अंदर लेने लगी और भाभी ने मुझसे कहा कि अशोक में झड़ने वाली हूँ मुझे ज़ोर से पकड़ लो और भाभी ने अपना सारा पानी छोड़ दिया। भाभी की चूत से निकला पानी मुझे महसूस हो रहा था।
चुदाई करने की छप छप की आवाज़ रूम में गूंज रही थी.. लेकिन मेरा लंड अभी भाभी की चूत में और भी खेलना चाह रहा था.. लेकिन 5-6 मिनट के बाद भाभी ने मुझसे कहा कि अशोक प्लीज जल्दी से निकाल लो ना अपना पानी.. मेरी चूत से अब इंतजार नहीं हो रहा है.. क्योंकि आज बहुत सालों के बाद मुझे ऐसी चुदाई मिली है। मेरी चूत में अब बहुत ज़ोर से दर्द हो रहा है। कल जितना तुम्हारा मन करे मुझे चोद लेना.. लेकिन प्लीज आज के लिए इतना ही बहुत है। तो मैंने भी सोचा कि अब तो भाभी की चूत पर मेरे नाम की मोहर लग चुकी है और मैंने अपनी स्पीड तेज कर दी। भाभी ने अपनी आखें बंद कर ली और मुहं से आहहा की आवाजें निकालने लगी और अब मेरे लंड से पानी निकलने वाला था.. मैंने भाभी से पूछा कि भाभी कहाँ पर निकालूँ? तो भाभी ने कहा कि मेरी चूत में ही निकाल दो.. कर दो आज इसको शांत और मैंने भाभी की चूत में अपने लंड का सारा पानी निकाल दिया और भाभी ने मेरे मुहं और होंठो पर किस की बारिश कर दी और मुझे धन्यवाद बोलकर मुझको अपने गले से लगा लिया। में और भाभी लगभग आधे घंटे तक इस पोज़िशन में लेटे रहे और फिर हम दोनों ने एक साथ बाथरूम में शावर लिया। फिर हम दोनों ने बिना कपड़ो के कॉफी पी और मैंने भाभी से पूछा कि भाभी दोबारा कब सजा का ऐसा मौका दोगी? तो भाभी ने कहा कि अशोक अब तो में तुम्हारी हो चुकी हूँ.. जब भी तेरे मन करे तब आ जाना। फिर में भाभी से बाय कहकर अपने घर पर आ गया और रात दिन उनकी चुदाई के सपने देखने लगा ।।

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