टीचर की बीवी ने लिया मेरा लौड़ा

भाभी : देखो जो तुम्हारे मन में है वो मुझको साफ साफ बोल दो.. वर्ना में उनको सारी बात बता दूंगी?
में : सॉरी भाभी मैंने सुना था कि आप बहुत सुंदर और..
भाभी : और क्या गुस्से से।
में : भाभी पहले आप वादा करो किसी को नहीं बोलोगी?
भाभी : ठीक है अब बोलो।
में : भाभी मैंने सुना था कि आप बहुत सुंदर और सेक्सी हो।
भाभी : तो तुम लोग ट्यूशन में यही सीखने के लिए आते हो?
में : सॉरी भाभी आज के बाद में आपको कभी नहीं देखूँगा।
भाभी : चलो नीचे वहाँ पर सोचकर बताती हूँ कि तुम्हारे साथ क्या किया जाए?
फिर में नीचे आ गया.. लेकिन भाभी नीचे अभी तक नहीं आई थी। एक मन तो कर रहा था कि यहाँ से भाग जाऊँ.. लेकिन यह सोचकर रुक गया कि जो सज़ा देनी है वो यह दे ही देगी.. पता नहीं अगर भाई साहब को पता चल गया तो बड़ी समस्या हो जाएगी। तभी थोड़ी देर के बाद भाभी नीचे आई और बोली कि तुम कल दोपहर 1 बजे घर पर आना.. में तुम्हारे लिए सजा सोचकर रखूंगी।
में : भाभी प्लीज भाई साहब को मत बोलना.. आप जो भी सजा दोगी.. मुझे मंजूर है।
दोस्तों फिर में वहां से आने के बाद रात भर यह सोचता रहा कि कल पता नहीं भाभी क्या बोलेगी? तो अगले दिन ठीक 1 बजे में भाभी के घर गया और डोर बेल बजाई.. भाभी ने दरवाजा खोला.. यार वो क्या लग रही थी? लाल कलर की जाली वाली मेक्सी और खुले हुए बाल वो क्या कयामत लग रही थी? में फिर से उसको देखने लगा। भाभी ने मुझे अंदर आने के लिए बोला और दरवाजा बंद करके सीधा अपने रूम में चली गई। में वहीं दरवाजे के पास खड़ा रहा और जाते हुए भाभी की मतवाली गांड को देख रहा था। तो 3-4 मिनट के बाद भाभी के रूम से आवाज़ आई और भाभी ने मुझे अंदर आने के लिए बोला और में डरता हुआ भाभी के रूम में गया। भाभी अपने बेड पर पेट के बल लेटी हुए थी और उनकी सफेद कलर की पेंटी और गांड मुझे साफ साफ दिख रही थी और जिसको देखकर मेरा लंड खड़ा होने लगा। तो मैंने भाभी से बोला कि..
भाभी : में रात भर तुम्हारी सजा के बारे में सोचती रही और मैंने एक हल निकाला है अब तेरा।
में : बोलो भाभी में हर सजा के लिए तैयार हूँ.. लेकिन बस आप भाई साहब को मत बोलना।
भाभी : तो जैसा में बोलूँगी तुमको वैसा ही करना पड़ेगा और तुम किसी को कुछ नहीं बताओगे।
में : ठीक है भाभी आप जो कहोगी में वैसा ही करूंगा.. लेकिन आप भाई साहब को मत बोलिएगा।
भाभी : ठीक है सामने बॉडी लोशन पड़ा है वो लाकर मेरे पैरों की मालिश कर दो।
दोस्तों में यह बात सुनकर बहुत खुश हुआ और सोचने लगा कि जिस काम को करने की लिए में 3 दिनों से सोच रहा था आज वो काम मुझे मेरी सजा के तोर पर मिल रहा है और में जल्दी से बॉडी लोशन ले आया और भाभी के पीछे खड़ा होकर उनकी गांड को बड़े प्यार से देखने लगा। तो भाभी ने पीछे मुड़कर मुझे देखा और बोली कि तुम मेरी मालिश करोगे या में तुम्हारी नई किसी सजा का इंतजाम करूं? तभी में जल्दी से भाभी के पास घुटनों के बल बैठ गया और भाभी सीधी लेट गई और उन्होंने अपनी मेक्सी को घुटनों से ऊपर कर लिया और मुझे मालिश करने को बोला। मैंने थोड़ा सा लोशन हाथ में लिया और भाभी के पैर पर आराम आराम से लगाने लगा। मेरी आंखे भाभी की जाँघो और पेंटी पर थी और भाभी भी मुझे देख रही थी। तभी मेरी नजरें भाभी पर पड़ी और मैंने अपनी नजरें वहां से हटा ली। मेरा लंड इतना टाईट हो गया था कि मुझसे बैठा नहीं जा रहा था.. तो में एक हाथ से अपना लंड जींस में ठीक करने लगा।
भाभी मुझे देख रही थी भाभी ने मुझसे कहा कि तुम कल मेरे बारे में क्या बोल रहे थे? जी भाभी कुछ भी तो नहीं बोला। भाभी अब तुम डरो मत में किसी को कुछ नहीं बोलूँगी। तो मैंने थोड़ी हिम्म्त करके भाभी से बोला कि जैसा मैंने आपके बारे में सुना था आप उससे भी ज़्यादा सुंदर हो और सेक्सी भी। तभी भाभी ने मुझसे पूछा कि क्या तुम्हारी कोई गर्लफ्रेंड है? तो मैंने मना कर दिया.. फिर भाभी ने पूछा कि फिर तुम काम कैसे चलाते हो? मैंने बोला कि कैसा काम भाभी? तो भाभी ने कहा कि जब तुम्हारा यह तुमको परेशान करता है तो तुम क्या करते हो? तो भाभी के मुहं से यह बात सुनकर में बहुत हैरान रह गया और मैंने भाभी से कहा कि भाभी बाथरूम में जाकर मुठ मारता हूँ। फिर भाभी ने पूछा कि क्या तुमने कभी किसी से साथ सेक्स किया? तो मैंने कहा कि नहीं.. लेकिन ब्लू फिल्म में देखा जरुर है। फिर भाभी ऐसी बातें करते हुए लंबी लंबी सांसे ले रही थी और मुझे जांघो के ऊपर तक मालिश करने को कहा। दोस्तों क्या जांघे थी भाभी की.. में किसी मखमल पर हाथ घुमा रहा था। मुझसे अब रूका नहीं जा रहा था और में धीरे धीरे भाभी की पेंटी तक हाथ ले जा रहा था और एक हाथ से भाभी की मेक्सी को ऊपर करने लगा। तभी भाभी ने आंखे खोल ली और मुझे देखने लगी.. में डर गया और भाभी से बोला कि भाभी मालिश ठीक से नहीं हो पा रही है और आपकी मेक्सी लाल कलर की है और लोशन सफेद कलर का है यह बार बार लोशन से गंदा हो रही है। तो इस पर भाभी ने कहा कि ठीक है जैसा तुम चाहो.. लेकिन अब यह मत कहना कि मेरी पेंटी काली कलर की है यह भी सफेद कलर में हो जाएगी। तो मैंने ज़्यादा टाईम ना लेते हुए भाभी से बोल ही दिया कि भाभी यह भी उतार दीजिए लोशन तो इस पर भी लग जाएगा.. तो भाभी बोली कि तुम खुद ही उतार दो। फिर में यह बात सुनकर इतना खुश हुआ कि जैसे आज भगवान मुझ पर इतना खुश है कि अगर आज में भगवान से जो भी माँगता वो मुझको मिल जाता। फिर मैंने पेंटी के अंदर हाथ डाला और पेंटी नीचे करने लगा। भाभी ने अपनी गांड ऊपर कर ली और मैंने धीरे धीरे पेंटी को उतार दिया और पेंटी उतारने के बाद जब मैंने भाभी की हल्की गुलाबी कलर की चूत देखी तो में हैरान रह गया। भाभी की शादी को लगभग 8 या 9 साल हो गये थे और अब तक तो भाभी की चूत का कलर गहरा भूरा या काला हो जाना था.. लेकिन अभी तक भाभी की चूत का कलर वर्जिन चूत के जैसा था और चूत की पंखुड़ी भी ज़्यादा नहीं फैली हुए थी। तो में समझ चुका था की भाई साहब के लंड में दम नहीं रहा जो कि भाभी की चूत की सेवा कर सके और भाभी मुझे सजा देने का नाटक कर रही है उनकी चूत की आग उनसे यह सब करवा रही है।

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