सुष्मिता भाभी का जवाब नहीं भाग 3

गतान्क से आगे……………..

शालु ने उसे अपनी चूत में लंड डाल कर चोदने को कहा. वो शालु को चित सुलाकर उसके जांघों के बीच बैठ गया. शालु ने अपनी जांघों को मोड़ कर फैलाते हुवे अपनी जांघों के बीच उसके लिए जगह बना लिया था. वो शालु के जांघों के बीच बैठ कर अपना सर उसके चूत पर झुकाते हुवे अपने दोनो हाथों से उस के चूत को चिदोर कर उस में अपनी जीभ रगड़ने लगा. वो शालु की चूत चाट रहा था और तुमाहरी बीवी अपना चुटटर उच्छाल उच्छाल कर उस से अपना चूत चाटवा रही थी. उत्तेजना के मारे शालु के मुँह से सिसकारियाँ निकलने लगी थी. अब उस की उत्तेजना इतनी बढ़ गयी थी की वह चुटटर हवा में उठा कर लगातार अपना चूत उसके मुँह में ठेले जा रही थी. शालु उस से बोली, “अब बर्दस्त नहीं हो रहा है जीभ निकाल कर अब मेरे चूत में अपना लंड घुसेड कर चोद दो, फिर चाहो तो चोदने के बाद मेरी फुददी जी भर के चाट लेना”. . अच्छा समबहालो अपना चूत अब मैं अपना फौलादी लंड तेरे चूत में डाल रहा हूँ. अपने हाथों से अपनी चूत को फैलाते हुवे शालु ने कहा, “डालो मेरे भोले राजा अपना फलादी लंड मेरे प्यासी चूत में”. उसने अपने लंड का फूला हुवा बड़ा सा सुपारा शालु की फैली हुई चूत के मुँह पर रख कर एक करारा धक्का लगाया. उस के चूत पर उसने इतने ज़ोर का धक्का मारा था की एक ही धक्के में उसके मोटे लंड का आधा हिसा शालु के गरम चूत में घुस गया. उस के लंड का मोटाई इतना ज़्यादा था कि उत्तेजना के मारे लंड निगलने को व्याकुल तेरी बीवी के चूत में ज़ोर का जलन हुआ जिस से वो उई मा कहती हुई अपनी गांद ऐसे सिकोडी की उसका लंड उसके चूत के बाहर आ गया. अरे गांद क्यों सिकोडी अभी अभी तो बड़ा ऐंठ रही थी लंड डालवाने के लिए, अब क्या हुवा मेरी भाभी जान. कुच्छ नहीं धक्का इतने ज़ोर का था कि मेरी चूत बर्दस्त नहीं कर सकी, अब ज़रा प्यार से मेरे चूत में अपना लंड पेलो फिर हुमच हुमच के चोदना, कहती हुई उसने अपने हाथों से अपना चूत फैला कर फिर से उसका लंड अपनी चूत के मुँह पर रखती हुई अपना दाँत ज़ोर से भींच लिया. उसने फिर पहले से भी अधिक ज़ोर से अपना लंड उसके चूत में तेल दिया. इस बार भी उस के मुँह से चीख निकल पड़ी, पहले से भी अधिक, लगभग उसके लंड का दो तिहाई भाग उसके चूत में एक ही धक्के में समा चुक्का था, लेकिन इस बार उस ने अपनी गांद नहीं सिकोडी. उसने तुरंत अपना लंड थोड़ा सा बाहर खींच कर फिर पूरे ताक़त से एक और धक्का उस के चूत पर मार दिया, जिस से उसका लंबा और मोटा लंड पूरा उसके चूत के अंदर समा गया. उसका लंड शालु के चूत को कस के फिला दिया था. उस का लंड शालु के चूत में ऐसे फिट बैठा था की लगता है किसी लोहे के रोड को किसीने ज़ोर से पिलास से दबा रखा हो. उस के चूत में कहीं से थोड़ा सा भी गॅप नहीं दिख रहा था. थोड़ी देर तक उसने अपने लंड को यूँ ही उसके चूत में छ्चोड़ दिया, जिस पर वो बोल पड़ी, अरे मेरे पेलू राजा क्या ऐसे ही चूत में लंड डाले पड़े रहोगे या चुदाई भी करोगे. चलो अब धक्के मारना सुरो करो, मेरी चूत अब हर फौलादी धक्के के लिए तैयार है. उसने पहले धीरे धीरे शालु के चूत में धक्का मारना शुरू किया फिर धीरे धीरे उस के चूत में धक्कों का स्पीड बढ़ाने लगा. अब वो तेज़ी के साथ शालु के चूत में अपने लंड को पेल रहा था. शालु उसके हरेक धक्कों के जवाब में अपनी चुटटर उपर की तरफ इस तरह उच्छाल रही थी जैसे उसका 10 इंच लंबा लंड भी उसके चूत के लिए छ्होटा पड़ रहा हो और वो और ज़्यादा लंबा लंड अपनी चूत में डालवाने के लिए व्याकुल हो रही हो. उस के मुँह से भी बड़ा अजीब किस्म का आवाज़ निकल रहा था. . उस की चुदाई को देख देख कर मेरी चूत भी पानी छ्चोड़ने लगी थी. मेरी चूत में उस लड़की के घुसती निकलती जीभ अब कोई खाश मज़ा नहीं दे पा रही थी. मन कर रहा था कि मैं अब शालु के चूत से वो मोटा लंड खींच कर अपनी चूत में पेल्वा कर ज़ोर ज़ोर से धक्के मर्वाउ. मैं पलंग पर खिसकते हुवे शालु के पास चली गयी और उस के पेरू के रास्ते अपना एक हाथ उस के चूत तक ले गयी. उस का लंड जब शालु के चूत से थोडा बाहर आता तो मैं उसे अपने हाथों से सहला देती. कभी कभी उस के लंड के साथ ही मैं अपनी एक उंगली भी शालु के चूत में घुसेड देती. इस से शालु की उत्तेजना और बढ़ती गयी. वो बोलने लगी . हे जालिम तुम तो बड़े चडॅक्केड बन रहे थे, लेकिन तुम्हारा लंड तो मेरी चूत में ना जाने कहाँ खो गया है. मेरी चूत में तुम अपना पूरा लंड नहीं डाल रहे हो क्या. पूरा लंड मेरे चूत में पेल के मेरे चूत में जल्दी जल्दी धक्के मारो ताकि मेरी प्यासी चूत की चुदाई की प्यास बुझ जाए. हाय पेलो अपना लंबा मूसल जैसा लंड ओह …. ओह … मेरी चूत में. ओह …. बहुत मज़ा आ रहा है. ओह … वो अपनी पूरी ताक़त के साथ उसके चूत में धक्के मार रहा था लेकिन राजधानी एक्शप्रेस के पिस्टन से भी तेज़ी के साथ उसके चूत में घुसते निकलते उस के लंड का स्पीड भी शालु को कम लग रहा था. वो अपनी गांद उच्छाल उच्छाल कर और ज़ोर ज़ोर से जल्दी जल्दी अपनी चूत में उसके लंड से धक्के मरवा रही थी. साथ ही साथ वो चिल्लाती भी जा रही थी वो इसी तरह चिल्ला चिल्ला कर अपना चूत चुदवा रही थी. उस के चूत में राजधानी एक्सप्रेस के पिस्टन से भी तेज चाल में उस का मोटा लंड घुस निकल रहा था. जितनी तेज़ी से वो उस के चूत में अपना लंड पेलता उतनी ही तेज़ी में वो अपनी गांद उच्छाल उच्छाल कर अपनी चूत में उसका लंड पेल्वा रही थी. इसी तरह लगभग 40 मिनिट की जबरदस्त चुदाई के बाद वो शांत हुई. उस के शांत होते ही उस ने अपना लंड उस के चूत से बाहर खींचा. चूत से बाहर लंड निकलते ही उसकी चूत पक से आवाज़ कर के सिकुड गयी. उस के चूत से खींचने के बाद वो अपना लंड शालु के मुँह के पास लेजकर उसके मुँह में थेल दिया वो उसके लंड को अपने मुँह में लेकर चूसने लगी.

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