टीचर मॉं ने स्टूडेंट के बाप से शादी की

मेरे परिवार मैं टीन लोग रहते हैं. मैं (16 साल).
मम्मी (40 साल)
पापा (52 साल)

मई अभी स्टूडेंट हूँ और स्कूल जाता हूँ. वही पापा करियर का काम करते है इसलिए उनकी सॅलरी बोहोट ही ज़्यादा कम है और ह्यूम घर चलाने मई मुश्किल होता है. पापा सुबह से लेकर रात तक काम करते है.

वही मा के टीचर है जो नर्सरी के बेचो को सिखाती है. मों दिखने मई अची है बिने मेकप के भी क्यूकी मेकप बोहोट महेंगा होता है इसलिए मा नही करती थी. मा स्कूल मई अक्सर सलवार, लेगैंग्स और दुपट्टा पहें कर जाती है.

मा एक बोहोट संस्कारी टाइप की औरत है जो अपने पति को ही सब कुछ मनती है. लेकिन पापा हर रोज घर पर मा को छिलते रहते और शराब पीट थे. मई हर रोज जागता था देखने के लिए की क्या पापा मा की चुदाई करते थे हा नही लेकिन पापा हर रोज तक जाते थे और आते ही सो जाते थे. कम से कम 5-6 सालो से उन्होने मा की ली नही है.

लेकिन मा एक संस्कारी औरत होने के नाते उन्होने कुछ नही कहा ना ही किसी और मर्द के साथ सोई. लेकिन फिर भी पापा मा को छिलते रहते हर छोटी बात पर और फिर उनकी लड़ाई हो जाती थी.

अब हम मा के स्कूल मैं जाते है. मा नर्सरी के बचो को पड़ती थी. उन छोटे बचो को टीचर से ज़्यादा मा उनको अपने बचे जैसे पड़ती और देख बाल करती थी सबकी. सभी बचो को मा बोहोट पसंद थी. अब क्लास मई एक लड़की थी जिसका ना प्रेक्षा(नामे चेंज्ड) था जो बोहोट उदास रहती थी बुत प्रेक्षा को मा बोहोट अची लगती थी.

दो महीने बाद जब सारे पेरेंट्स की मीटिंग रहती है टीचर के साथ मा ने देखा की सिर्फ़ उसके पापा आए है. उन्होने कहा जी मई जे और मई प्रेक्षा का पापा हूँ. तो मा ने कहा की ये एक बोहोट होशियार लड़की है और बोहोट समजदार भी लेकिन मैने देखा है ये क्लास मैं बोहोट उदास रहती है इसका कारण क्या है.

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अंकल भी थोड़े उदास हुए और बोले की जी इसका मा इसको जानम देते हुई ही चल बसी थी, इसलिए ये बोहोट उदास रहती है. मा ने कहा माफ़ कीजिए आज से ये मेरे बेटी जैसी है तो असलम अंकल ने कहा की ये घर मैं आपके बारे मैं बोहोट अची अची चीज़े बोलती है और आप को देखार कुश होती है आपका बोहोट बोहोट सुखरिया. जब मा का ध्यान नही था अंकल मा के बूब्स को घूरते रहते.

जाते वाक्य उन्होने मा को उनका कार्ड दिया और कहा जी मेरा नंबर इसमे है अगर स्कूल मैं कुछ भी होता है आप मुझे कॉल कीजिए. अंकल एक बोहोट बड़े कंपनी मई एक सीनियर मॅनेजर थे. बोहोट अमीर और पैसे थे लेकिन फिर भी कुछ भी घमंड नही था.

यूयेसेस दिन के बाद से अंकल रोज प्रेक्षा को पिक करने आते थे और सब बचे जाने के बाद थोड़ी देर मा से प के बारे मैं करते है की उसका क्लास मैं बिहेवियर कैसा था. जब भी मा की नज़र नही होती वो मा के बूब्स और आस और थाइस की घूरते रहता.

अब वो हर रोज आता है एक महीने बाद वो मा को बोला की मई आपको घर छोड़ देता हूँ मा ने माना कर दिया तो फिर उन्होने कहा मेरे लिए नही पर इश्स बची के लिए है फिर मा मान गयी.

उसकी गाड़ी प्रीमियम थी और प्रेक्षा ने कहा की आप आयेज बैठ जाओ पापा के साथ . अब ये चीज़ हर रोज होती रहती अंकल स्कूल के बाद 30 मीं तक मा से बाते करते थे.

अब वो उनके फ्रेंड जैसे थे कभी कभी अंकल उन्हे अकेले रहना का दुख बताते थे तो मा ने कहा की आप शादी क्यू नही कर लेते प्रेक्षा को मा भी मिल जाएगी तो उन्होने कहा की आप जैसी कोई हो तो ही बताना जो सुशील सुंदर और संस्कारी हो.

मा ये सुनकर तोड़ा शर्मा गयी. ऐसे ही दो महीने बीट गये और फिर अंकल ने कहा की क्या आप प्रेक्षा को मेरे घर पर टुटीओन दे सकती हो क्या मा ने कहा की अभी टीचर की नौकरी ही 4 बजे ख़तम होती फिर मुझे घर के काम होती है मुझे टाइम कहा मिलेगा.

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अंकल: आपको टीचर की नौकरी मई दस हज़ार सॅलरी मिलती है वो सुबह 7 बजे से शाम 4 बजे तक. आप इसका टुटीओन लेंगे तो मई आपको 20 हज़ार सॅलरी दूँगा वो भी सुबह 7 बजे से एक बजे तक. और उपर से इसी आपके साथ रहकर मा की कमी नही लगेगी.

मा ने सोचा और मान लिया और टीचर की नौकरी छोड़ दी. दूसरे दिन से मा अंकल के घर पर गयी. उनका घर एक बोहोट महेंगा और आलीशान 3 भक का अपार्टमेंट था और उनके पास खुद अलग अलग जगह पर बोहोट ज़्यादा ज़मीन और विला है. उनका घर इतना खूबसूरत था मा देखते रह गयी.

अंकल का भी वर्क फ्रॉम होमे था तो वो अपने रूम मई बैठकर काम करते थे. बेच बेच मैने देखा की वो मा को घूरते थे और उनका लंड खड़ा हो ज़्याता. मा और प्रेक्षा की बोहोट बनती थी और अंकल को अब मा से बात करना और उनको ताड़ना बोहोट आसान हो गया था.

फिर एक दिन हुमारे घर पर मा और पापा की बोहोट बुरी लड़ाई हुई थी और पापा मा को गली दिए और उन्होने कहा मई तुमसे डाइवोर्स चाहता हूँ मुझे अकेले रहना है अपने मर्ज़ी से मा ये सुनकर बोहोट रोने लगी और कहा मत कीजिए ऐसा बुत वो ना सुने.

मई और मा ने रात को अपना समान बँधा और पास ही नानी के घर पर चले गये. सुबह को मा अंकल के घर पर गयी लेकिन बोहोट उदास थी. अंकल ने ये नोटीस किया.

अंकल: क्या बात है आप इतनी उदास क्यू है?

मा: कुछ नही बस ऐसी ही.

अंकल: अभी तक आपके आने से मेरी बेटी के जीवन मई कुशियाँ भर गयी है और आप आपका कुछ नही बता र्ही ह्यूम आप मुझे बताए क्या हुआ?

मा ने सब कुछ उन्हे बता दिया.

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