सोनू का काला लंड-1

ही दोस्तो मेरा नाम पाराकश है. मई महारस्तर्क़ से हू, मेरी आगे 26 है, हाइट 5.6 है और दिखने मेी सावला हू. बुत मई जब भी कॉलेज मे था तब मुझे 3 लड़कियो के परोपोसे आए थे.

मई पढ़ाई मे काफ़ी अच्छा था और मई हमेशा सफ्सुडारा रहता था. और मैने एक लड़की का परोपोसे आक्सेप्ट भी किया था. बुत मुझे लड़की मे कोई दिलजासपी नही थी. मुझे शुरू से लड़के पसंद आते थे. मेरा एक दोस्त पर मेरा क्रश भी था. बुत मेरा प्यार एक तरफ़ा ही रह गया. मई हुमेशा उसके बारे मे सोच कर गांद मेी उंगली करता था.

एक दिन मेरे मत टीचर ने कॉलेज टाय्लेट मे मूज़े उंगली करते देखा था. फिर कुछ दीनो बाद टीचर से मैने गांद मरवाई. उनकी आगे 52 है. उस वक्त से अब तक मई उनसे गांद मरवाता हू. 2 साल पहले उनका ट्रान्स्फर किसी गाओं के स्कूल मे हुआ है. बुत हर महीने वो मुजसे मिलने आते है.

मेरे घर मे मई और मेरी मा ही रहती है. 5 साल पहले मेरे पापा का निधन हो गया. मेरी मा की आगे 46 है और वो काफ़ी मोटी है. उनके बूब्स जैसे च्चती पर 2 तरबूज ले के घूमती हो. उनकी गांद भी बहोट बड़ी है. उनका रंग सावला है और दिखने मे इतनी ख़ास्स नही है. मेरे घर मे 1 बेडरूम किचन और बातरूम है. छत पर एक रूम है बुत वो बंद ही रहती है.

इसलिए मई और मा एक ही रूम मे सोते है. मई बेड पर सोता हू और मा ज़मीन पर. बहोट बार मैने मा को रात मे मास्तारबटिंग करते देखा है. काई बार मई सुबा उनका बेड उठाते वक्त मैने उनके बेड के नीचे बैगान, मूली देखी है.

चलो तो अब मई सीधे कहानी पर आता हू..

मई एक परिवते कंपनी मे जॉब करता हू और मेरे कंपनी मे एक बिहार का लड़का भी वर्कर है. उसका नाम सोनू कुमार है, उसकी उमर 21 है. वो पिच्छले 6 मंत से काम कर रहा है. वो मूज़े पाराकश भैया करके बुलाता है. हुमारी अची बनती है. दिखने मे वो कुछ ख़ास नही है बुत उसकी बॉडी बहोट अच्छी है. मेरा भी उसपे मॅन आ गया था.

एक दिन सोनू मेरे पास आया और मुजसे 200 र्स उधर माँगने लगा, सोनू काफ़ी परेशन था. मैने उसको परेशानी पुच्च्ी तो वो बता रहा था की उसको रूम का किराया देना है. उसके रूम का मालिक उसे रूम से निकालने की बात कर रहा है.

तो मैने उसे 2000र्स दिए और बोला मेरे घर मे एक रूम खाली है मेरे घर मे रहो. और टुमारा पेमेंट हो जाए तब पैसे देना. दूसरे दिन वो मेरे घर पर अपना समान ले कर रहने आया. मैने मा से बोलके पहले ही रूम की सफाई कार्वाली थी.

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शाम को खाना खाने उसे बुलाया और हुँने साथ मे खाना खाया. और फिर वो सोने के लिए उपर अपने रूम मे चला गया. सोते वक्त मा उसके बारे मे पुच्छने लगी.

मा:- कों है ये लड़का?

मई :- मेरे कंपनी मे वर्केर है, वो बिहार से है. रूम की दिक्कत थी तो मैने बुला लिया.

मों:- अच्छा, ये अकेला ही आया है या कोई है इसके साथ?

मई:- अकेला ही है. पैसे नही थे इसलिए रूम छ्चोड़ना पड़ा.

मा:- अगर हुमारे रूम का किराया तो डेंगा ना? किराया देते वक्त रूम तो नही छ्चोड़ देगा?

मई:- देगा मा, तू तेनतीओं मत ले..

फिर हम सो गये.

अब मई उसके करीब जाने की कोशिश करने लगा और उसपे नज़र रखने लगा. काश एक मौका मिल जाए इसके साथ मज़े लेने का. पर डाइरेक्ट बोलने की हिम्मत नही हो रही थी. कुछ दिन बिताने के बाद मूज़े वो मौका मिल ही गया.

सुबा के करीब 9 बजे होंगे, मई नहाने जेया रहा था. तभी बातरूम का दरवाज़ा अंदर से बंद दिखा. मैने आवाज़ दी तो अंदर सोनू बोला भैया मई नहा रहा हू.

मैने इधर उधर देखा और फिर च्छेद से बातरूम के अंदर देखा. तो उसका लंड च्छड्डी के बाहर था और वो लंड को धो रहा था. उसका लंड देख कर मेरे मूह मे पानी आ गया था. करीब 9 इंच लंबा था और मोटा था.

फिर उसने निच्चे 2-3 माग्गे पानी डाला. मई समाज गया था की उसने मूठ मारी और अब वो अपना स्पर्म पर पानी डाल रहा है. थोड़ी देर बाद वो बाहर आया और फिर मई नहाने गया.

मैने देखा बातरूम का पानी नाली मे जाता है वाहा मेरे मा के बाल थे. और उसके ही एक साइड उसके स्पर्म की बूंदे भी थी. मई उसे उंगली पर ले कर सूंघने लगा, वो सच मे स्पर्म था..

फिर मई नहाने लगा पर नहाते वक्त मेरे आँखो के सामने उसका लंड च्चाया हुआ था. पता नही कब मैने अपनी गांद पर बहोट सारा साबुन लगाया और गांद मे उंगली करने लगा. फिर मई नाहया और तैय्यर होकर उसे आवाज़ दी और दोनो जॉब पर गये.

उस रात मैने सोचा क्यू ना कल से उसके साथ ही उपर सोने जौ और ट्राइ करू. क्यू की वो भी अकेला है, उसे भी चुदाई करने की चाहत है. फिर मई सोने लगा. करीब रात के 2 बजे मेरी आँख खुली तो मेरे मा की सिसकारिया सुनाई दी.

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मैने धीरे से करवट बदली और मा की तरफ देखने लगा. अंधेरा होने के कारण ज़्यादा कुछ दिखाई नही दिया. पर मेरे मा ने ब्लाउस के बटन खोल कर अपने बूब को आज़ाद किया था और मा की सॅडी कमर तक उठी थी.

एक हाट से मा छूट मे कुछ तो डाल रही थी और एक हाट से अपने बूब्स को दबा रही थी और चूस रही थी. थोड़ी देर बाद मा उठ कर बातरूम गयी और फिर वापस आकर सो गयी.

अगले दिन सॅटर्डे था तो हम जॉब पर गये. वापस आते वक्त मैने देसी दारू की एक बॉटल ली और चिकन लिया. फिर रात को मई उसके रूम मे जाकर थोड़ी दारू पी और उसे भी पिलाई और हम नीचे खाना खाने आ गये.

खाना खाने के बाद मई उसके रूम मे गया और हम बाते करने लगे. करीब रात के 10 बजे हुँने बची हुई दारू पिए और उसे बोला आज रात को मई यही तेरे पास सोता हू. नीचे जौंगा तो मा को पता चल जाएँगा मैने पी रखी है.

वो बोला ठीक है भैया. फिर मई नीचे से एक चादर और तकिया लेके आया और उसने बिस्तर लगाया और हम सोने लगे. मैने मॅन बना रखा था आज रात भर इसके साथ मज़े करने का. अगले दिन सनडे है दिन मे सोएंगे.

मई उसके सोने का इंतज़ार कर रहा था की मा ने आवाज़ दी-

मा:- बेटा तुझे सोना नही है क्या आज?

मई:- आई आज मई यही सोता हू.

मा:- अच्छा ठीक है..

कुछ देर बाद मैने देखा सोनू सो गया है. तो मई उसके तोड़ा पास चला गया और उसकी पंत के उपर हाट रख कर लंड को च्छुने लगा. मूज़े उसे सीर्ग छूकर ही दिल मे अजीब सी हलचल हो रही थी.

थोड़ी देर मे मैने उसके पंत की बटन खोली और हल्के से उसकी चड्डी नीचे की और लंड को हाट मे लिया. उसका लंड सो रहा था फिर भी बड़ा था और एकदम काला था.

तभी उसने मेरी तरफ़ करवट ली और मेरे च्चती पर हाट रख कर सोने लगा. मैने भी अपनी गांद उसकी तरफ की और अपना पंत और चड्डी निच्चे कर के उसका सोया हुआ लंड मेरी गांद को रगड़ने लगा.

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