चुदाई कहानी आपकी सीमा थ्रीसम की दीवानी

कैसे हो दोस्तो, मैं योगु फिर से एक बार आपके लिए आपकी छूट गीली करवाने हाजिर हू. अभी मुंबई मे एक मंक कंपनी मे जॉब कर रहा हू. आगे 28 है, दिखने मे हॅंडसम हू. मेरे लंड का साइज़ 6.7+ इंच है. अगर किसी आंटी भाभी को या गर्ल्स को सीक्रेट मज़ा करना होगा तो मैल करना.

आज की स्टोरी एक सीमा नाम की लेडी की है. उसका फिगर 38-32 38 का है, आगे 30 के आस पास होगी. उसके बड़े बड़े बूब्स और भरे हुए नितंब देख कर ही लंड खड़ा हो जाएगा किसी का भी. रेशमी बाल और गदराई हुई चल. जब चलती तो गांद उपर नीचे होते देखने को बनती. उसकी और उसके पति की थ्रीसम करने की फॅंटेसी थी.

उन्होने मुझे स्टोरी पढ़ कर अपनी इचा बताई और मिलने को इंट्रेस्टेड है ऐसा बताया. वैसे सच काहु मैने कभी थ्रीसम का एक्सपीरियेन्स नही लिया था. और आपको तो पता है, मैं नये नये एक्सपीरियेन्स लेने को बहुत पसंद करता हू.

तो हमारी बात वग़ैरा हुई और वीडियो कॉल पर सब कन्फर्म वग़ैरा करके हमने मिलने का प्लान बनाया. वैसे वो बहुत आमिर थे. और सेफ्टी के खातिर उन्होने लोनवाला मे एक रिज़ॉर्ट बुक किया. फिर हम उनकी कार से लोनवाला चले गये.

वैसे दोनो ही बहुत खुशमिजाज पर्सन थे और मेच्यूर और पढ़े लिखे थे. हम कार मे एकदुसरे के बारे मैं बाते करते और थोड़ी चुम्मा छाती करते रिज़ॉर्ट पहुँच गये.

आज उसने बहुत ट्रांसपेरांत और डीप नेक वाला ड्रेस पहना था. मैने और उसने कार मे ही किस करते एक दूसरे के बदन को मसलते सफ़र तय किया.

जैसे हम रिज़ॉर्ट पहुँचे हमने चेआक इन किया और नहा कर फ्रेश होकर तोड़ा बियर की चुस्किया लेते रिलॅक्स करते खुल गये.

अब वो मेरे गोद मे आकर मेरे होत चूसने लगी. मैं उसको बाहों मैं भरकर मसालते स्मूच करते उसकी जीभ को चूसने लगा. उसके बड़े बड़े बूब्स को सहलाते हल्के से निपल को उंगलियों मे लेकर मारोरते मारोरते दबाने लगा.

उसका हज़्बेंड हमारी हरकते देखते मस्त बियर पीते एंजाय कर रहा था. अब मैने उसकी छूट को उंगलियों से मसलना शुरू किया. वो अब ज़ोर ज़ोर से सिसकिया निकालने लगी. मेरे होत को चूस्ते अपनी जीभ मेरे मूह मे घुसकर चूसने लगी.

फिर उसने उसके पति की तरफ देखते आँख मारी. और मेरे लंड को मसालते मसालते बाहर निकाल के अपनी जीभ से सहलाने लगी. जैसे जीभ घुमाई मेरे अंग अंग मैं गूसबुमप्स दौड़ने लगे. अब मैं भी उसको नंगा करके उसकी गांद को सहलाते हुए ठप ठप करके छानते लगाने लगा.

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उसकी गदराई भारी हुई गांद पर जैसे ही छाँटा लगता, उसकी गांद गाड़ा गाड़ा हिलने लगती. और छाप छाप की आवाज़ के साथ उसकी सिसकारियाँ निकालने लगती.

अब मैने उसको 69 मे लाकर उसकी मसल गोरी गोरी जाँघो को चाटना शुरू किया.

वो कसमसाते हुए मेरे सर को जाँघो मे दबाने लगी. और मेरे लंड को सूपदे को अंदर बाहर करने लगी. मैं ज़ोर ज़ोर से छूट मे जीभ अंदर तक डाल कर छूट मे. पंखुड़ियो की चीरते अंदर डाल कर छूट पर मानो लिपलोक्क स्मूच करने लगा.

जैसे मेरी जीभ अंदर फड़फदती वो ज़ोर से सिसकिया निकालने लगती. और अपने बदन को मछली की तरहा छटपटाने लगती और ज़ोर ज़ोर से सिसकिया भरते मेरे लंड को चोकोबार की तरहा लालचते चूसने लगती.

वैसे मेरे लंड का सूपड़ा एकदम मस्त है छोछलती, अगर आपको देखना है तो ज़रूर बताना.

मेरा लंड उसकी मूह की गर्माहट महसूस करने पर पूरा खड़ा होकर उसके मूह को छोड़ने लगा था.

मैं अब फटा फट छूट मे जीभ से चाटते चाटते उसकी गांद दबाता थपथपाते चाटने लगता. पूरे कमरे मे बस हमारी सिसकारियाँ और छाप छाप आहह आह ऑश.. एस्स मुहह की आवाज़ गूंजने लगी.

अब उसका हज़्बेंड पास आकर उसकी छूट को हाथ से थपथपाते बोला. आज तेरे और मेरे फॅंटेसी पूरे मॅन से पूरी करके एंजाय करेंगे.

फिर मैने उसको मिशनरी पोज़ मे लिटाया और कॉंडम लगाकर उसकी छूट पर लंड का सूपड़ा घिसते बड़े बड़े नंगे बूब्स को दबोचते मसलने लगा.

वो मछली की तरहा छटपटाने लगी. उसका हज़्बेंड पास मे घुटनो पे बैठा कर मेरे लंड पर और उसकी छूट के निशान पर चाटने लगा. उसका हज़्बेंड मेरे लंड को छूट पर घिसते हुए चाटने लगा और उसकी गांद मे उंगली डाल कर खेलने लगा.

अब मैने ज़ोर से बूब्स को दबोचे. मेरे लंड को कच कच करते उसकी छूट मे घुसा दिया. उसको ज़ोर से लंड अंदर जाने पर आहे और साँसे तेज़ी से चलने लगी.

मैं जैसे लंड अंदर डाल कर मेरी गांद गोल गोल घूमता तो मेरा लंड हर एक झटके के साथ उसकी छूट की पंखुड़ियो को चीरते सरसरते हुए छूट मे अंदर तक घुसकर छूट के कोने कोने मे अपनी मौजूदगी बया करता. अब कचा कच मैं उसकी छूट मारने लगा.

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जैसे मेरा लंड अंदर बाहर होता तो पच पच पच और जांघों पर टकराने की ठप ठप ठप आवाज़ के साथ. आहह आह ऑश यहह सिसकियों की आवाज़ गूंजने लगती. अब उसके पति ने अपना लंड आयेज से उसके मूह मे घुसकर उसका मूह छोड़ने लगा.

और मैं उसके पैर काढ़े मे लेकर नीचे से उसकी छूट मारने लगा. वो एक साथ मूह मे एक और छूट मे एक लंड लेके वो मज़े के साथ चूस्ते हुए चुड़वाती सिसकिया भरने लगी.

उसके बड़े बड़े बूब्स मेरे हर एक झटके के साथ गाचा गछ उपर नीचे आजू बाजू हिचकोले लेने लगे थे. आहह आह ऑश एस्स पच पच पच आह बाबयी… आहह मुहह एसस्स और छोड़ो ज़ोर से.

आह उसकी सिसकिया ज़ोर ज़ोर से झटके के साथ हिलता हुआ गदराया बदन देख कर हम दोनो को और ज़ोर चढ़ने लगता. और हमारे धक्के और तेज होने लगते. मैं अब बीच बीच मे उसकी गांद के छेड़ को उंगली से कुरेदते हुए उंगली अंदर बाहर करने लगा.

वो अब ज़ोर से अपने हाथ पैर छटपटाने लगती. अपना बदन ज़ोर ज़ोर से बेड पर घिसने लगती. वो मस्त कांवासना मे सीत्करते हुए बड़बदबे लगी.

अब मैने उसकी एक जाँघ नीचे करके एक को मेरे कंधे पर रखाके छोड़ना शुरू किया. मेरा लंड ज़ोर ज़ोर से उसकी छूट की गहराइयों मे घुसते अंदर बाहर होने लगा. मेरी गोतिया उसकी छूट का मानो हर एक झटके के साथ छाप छाप की आवाज़ करते मानो चुंबन ले रही हो ऐसा लगाने लगा. मैने पंजो मे उसके बड़े बड़े बूब्स पकड़ते ज़ोर से मसलने लगा.

18-20 मिनिट्स की धुवधर चुदाई के बाद अब हमारे बदन अकड़ने लगे. मैने अब कस कस कर छोड़ते हुए छूट मे मेरा गरमा गरम कमरस छोड़ दिया. उसके पानी ने जैसे मेरे लंड को मानो नहला दिया ऐसा लगने लगा.

उसके पति ने भी लंड हिलाते उसके बूब्स पर अपना पानी छोड़ दिया. और वो ज़ोर ज़ोर से सिसकिया निकालने आहें भरते वैसे ही मेरे और तो कभी पति की और देख के हासणे लगा.

तो कैसे लगी हमारी थ्रीसम फॅंटेसी ज़रूर बताना.