ससुराल मेंइन में रंडी बनगयी

हैल्लो फ्रेंड्स.. हिंदी चुदाई और सामूहिक चुदाई के दुनिया में आपका स्वागत है.. मेरा नाम रेणु है और मेरी उम्र 24 साल है। में बहुत गोरी और सेक्सी फिगर की लड़की हूँ। मेरे बूब्स ज्यादा बड़े तो नहीं.. लेकिन में बहुत ज्यादा सेक्सी हूँ। मेरा फिगर 32-34-38 है। मेरी गांड को देखकर कई लोगों के लंड पानी छोड़ देते है और में राजस्थान के एक छोटे से शहर भीलवाड़ा की रहने वाली हूँ। दोस्तों आज में जिस कहानी को आप सभी के सामने लेकर आई हूँ.. यह कहानी नहीं.. मेरे साथ हुई एक सच्ची घटना है।

जिसने मेरी पूरी जिन्दगी ही बदल कर रख दी। दोस्तों यह मेरी पहली कहानी है और अगर मुझसे इसमें कोई भी गलती हो तो प्लीज मुझे माफ़ करें। दोस्तों मेरे पिता बहुत ही ग़रीब है और मैंने अपनी पढ़ाई बहुत ही गरीबी की हालत में पूरी की है। में पढ़ाई और घर के सभी कामों में बहुत अच्छी हूँ। लेकिन वक्त से पहले ही दिखने वाले मेरे सेक्सी बदन की वजह से मेरे पापा ने एक साल पहले मेरी शादी पास ही के गावं के एक ज़मींदार के 30 साल के बेटे से करवा दी। अभी तो मैंने अच्छे से अपनी जिन्दगी के वो दिन भी नहीं देखे थे जिसमे मुझे कोई अपनी निगाह से घूरकर देखे।

मेरे सेक्सी बदन को देखकर शादी में ज़मींदार ने मेरे पिताजी से दहेज में कुछ भी नहीं लिया। बस यह कहा कि शादी के बाद लड़की कभी अपने बाप के घर नहीं जाएगी और फिर मेरी शादी एक आम शादी की तरह हुई.. ये कहानी आप हिंदी पोर्न स्टोरीज डॉट ऑर्ग पर पढ़ रहे है.. लेकिन मुझे उनकी नजरें ठीक नहीं लगती थी। मेरे ससुराल में मेरी सास, ससुर मेरा पति और मेरा देवर रहते है। मेरे ससुर ठाकुर ज़मींदार 45 साल के है और मेरी सास 40 साल की और देवर की उम्र 25 साल है। वो मेरी शादी के बाद का घर में पहला दिन था और सभी मेहमानों के जाने के बाद में थोड़ा आराम करने लेट गई। तभी अचानक से मेरी सास कमरे में आई और बोली कि रंडी साली कुतिया तू अभी तक सोई पड़ी है.. चल उठ साली हरामजादी। तो में जल्दी से कांपती हुई उठकर खड़ी हो गई।

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फिर सास बोली कि अभी तो तेरी मुहं दिखाई बाकी है और अब तू इस घर के कुछ नियम सीख ले.. घर पर तुझे सब रंडी या गालियाँ देकर ही बुलाएँगे और तुझे घर में एक नौकरानी की तरह बाकी नौकरो के साथ काम करना पड़ेगा। में जो कपड़े दूँगी तू वो ही पहनेगी और तू किसी भी काम के लिए कभी भी मना नहीं करेगी। फिर में यह सब बातें सुनकर बहुत डर गयी। तो फिर मेरी सास ने मुझे इसके आगे बताया कि तू इस घर की रंडी बनकर रहेगी। आज तेरा मुहं और चूत दिखाई होगी..

तू घर के सभी मर्दों को खुश और संतुष्ट करेगी। यह बात सुनकर तो में बहुत चकित रह गई और फिर उन्होंने अपने साथ लाए कपड़े मुझे दिए और कहा कि नहाकर यह कपड़े पहनकर अपने ससुर के कमरे में आ जाना और थोड़ा जल्दी.. वरना में तेरा बहुत बुरा हाल करूँगी कि तू जिन्दगी भर नहीं भूलेगी। तो में जल्दी से बाथरूम गई और फटाफट नहाकर बाहर आई और जब मैंने वो कपड़े देखे जो मेरी सास ने लाकर मुझे पहनने के लिए दिए थे तो में उन्हें देखकर बहुत हैरान हुई।

उसमे सिर्फ़ लाल रंग की एक चोली और घाघरा था.. वो चोली भी बहुत छोटी और सिर्फ़ पीछे एक डोरी से बंधी हुई थी और उसमे से मेरे 32 साईज़ के बूब्स सब बाहर दिख रहे थे और घाघरा इतना छोटा कि मेरी नंगी जांघे दिख रही थी और उसके साथ एक जाली का दुपट्टा था जो कि कुछ भी छुपा नहीं रहा था।

फिर मुझे अपने आपको ऐसे दिखाने में बहुत शरम आ रही थी और ऐसे ही मुझे अपने ससुर के सामने जाना था। मेरे ससुराल में सब कमरो के बीच में एक खुला आँगन है और जब में अपने कमरे से निकली तो घर के नौकर बंसी और रामू मुझे घूर घूरकर देख रहे थे और तभी इतने में मेरा देवर मेरे पास आया और बोला कि अरे रंडी भाभी तू क्या माल लग रही है? ये कहानी आप हिंदी पोर्न स्टोरीज डॉट ऑर्ग पर पढ़ रहे है.. जब मेरा नंबर आएगा तो में तेरा वो हाल करूँगा कि तू सोच भी नहीं सकती.. चल अभी के लिए एक चुम्मा ही दे दे और यह कहकर वो ज़बरदस्ती मुझे चूमने लगा और मेरे बूब्स दबाने लगा और यह सब वो नौकरो के सामने ही कर रहा था। फिर वो बोला कि चल कुतिया अभी अपने ससुर को अपनी नई नवेली चूत दिखा और फिर उसने मुझे मेरे ससुर के कमरे के दरवाजे पर छोड़ा। तो अपने देवर के चूमने और मेरे बूब्स दबाने से मेरी चूत गीली हो गयी थी। फिर मैंने दरवाज़ा खटखटाया.. तभी मुझे अंदर से मेरी सास की आवाज़ आई कि रंडी अंदर आ जा और अपने घुटनों पर बैठकर कुतिया बन जा।

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फिर मैंने दरवाजे से थोड़ा अंदर आकर देखा कि अंदर कमरे में बहुत रोशनी थी और मेरे ससुर कुर्सी पर बैठे थे और मेरी सास बिस्तर पर। तभी ससुर गुस्से में बोले कि साली रंडी हरामजादी तू कितनी देर में आई है चल अब यूँ ही घुटनों के बल बैठकर कुतिया जैसे चलकर मेरे पास आ और मेरे जूते चाट। फिर जब में घुटनों पर कुतिया बनने के लिए बैठी तो बिना ब्रा के मेरे दोनों बूब्स चोली के बाहर लटक गये और मेरी नंगी गांड दिखने लगी और मुझे बहुत शरम आ रही थी..

लेकिन मेरे पास और कोई रास्ता भी नहीं था। फिर में वैसे ही कुतिया की तरह अपने घुटनों के बल अपने ससुर के पास गयी और उनके जूते चाटने लगी.. ये कहानी आप हिंदी पोर्न स्टोरीज डॉट ऑर्ग पर पढ़ रहे है.. मेरा मुहं नीचे अपने काम में लगा हुआ था और मेरी गांड के ऊपर मेरे ससुर अपना एक हाथ फिराकर दबा रहे थे। उन्होंने धोती कुर्ता पहना था। फिर वो मुझसे बोले कि अब तू अपने बूब्स मेरे पैरों पर रगड़ और अपने आपको गालियाँ दे और मेरा लंड माँग।

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