सराफत की देवी

इसके बाद विनोद अपना लंड**बहन की चूत** में डाल दिया और  जोर से चोदने लगा ,लगभग 10 मिनट बाद बहन को अपने ऊपर कर दिया और मेरी बहन विनोद के लंड** पर बैठकर  उछलने लगी विनोद एक हाथ से बहन की चूची को दबाने लगा और नीचे से झटके देने लगा. बहन धाकड़ जुदाई करवा रही थी जैसे वह कोई मझी हुई  खिलाड़ी हो, विनोद 20 मिनट के बाद  बहन के चूत** में है सारा वीर्य गिरा दिया. उसके बाद उसके होठों को चूमने लगा. मैं धीरे से जिस तरह अंदर घुसा था उसी तरह बाहर जाकर पीछे के दरवाजेे को बंद कर दिया और  आगे आकर दरवाजे पर आवाज लगाने लगा कि दरवाजा खोलो, जोर जोर आवाज लगाया क्या कर रही हो जल्दी करो, लगभग 7, 8 मिनट बाद दरवाजा खोली गुस्सा दिखाते हुए इतना देर क्यों कर दी, पहली बार मेरी बहन इतना डरी हुई थी मुझे खुशी मिल रही थी वह चेहरा नहीं मिला पा रही थी मुझे पक्का यकीन था.
विनोद घर में होगा लेकिन विनोद मुझसे बड़ा खिलाड़ी निकला छत से अपने घर में चला गया बहन से बोला दरवाजा  क्यों बंद करी थी बहन बोली मैं सो रही थी, मैं बोला यह कोई सोने का समय नहीं है , मैं कल्पना भी नहीं कर सकता था जो बहन इतनी शरीफ और इज्जतदार बनती है. अंदर सेे इतनी चोदकड निकलेगी ना जाने कितने दिनों से विनोद सेे चुदवा रही है मैंं उसकी गांड़ को पीछे से देखने लगा और उसके चुचियों को घूर रहा था मेरा मन कर रहा था. इस साली को जो सरीफ जादी बनती है पटक कर जबरदस्ती चोद दूं अगर मेरे घर में और मोहल्ले में कह दिया जाए कि मेरी बहन किसी से बात करती है तो लोग भी विश्वास नहीं करेंगे मुझे भी आज तक यही भरम मैं पड़ा रहा , अगर विनोद मेरी बातों को सोनिया को लेकर नहीं बहन को बताता तो मैं आज भी इसी भ्रम में रहता.
मेरी बहन कितना शरीफ कोई लड़की नहीं होगी लेकिन आज मैं रंगे हाथों पकड़ लिया था. मुझे शक तभी हो रहा था लेकिन शक था लेकिन आज हकीकत हो गया, मैं सीमा को ही चोदने में मस्त था मुझे क्या पता था कि मेरी बहन भी घर में ही घर बना रही है मेरी तरह मैं तो बहन को लेकर कभी कल्पना मैं भी नहीं सोचा ऐसााा करती होगी मेरी बहन , लेकिन यह कहावत सच हो रही थी कि पर्दे के पीछे सब लोग कुछ ना कुछ राज छिपये बैठेे हैं.
नोटिस करता था कि सीमा और मेरी बहन सपना एक दूसरे से कभी भी टैली नहीं खाते थे सीमा अक्सर कहती थी कि सपना सिर्फ मेकअप लगाकर अपने को सुंदर समझती है. सीमा थोड़ी देखने में बहुत खूबसूरत नहीं थी लेकिन मेरी बहन का शरीर पूरा भरा हुआ था इस कारण सेक्सी लगती थी. सीमा अक्सर जलती थी मेरी बहन सीमा से जलन करती थी कहती थी देखने लायक है नहीं और इस्टाइल ज्यादा मारती हैं अक्सर मैं देखता था कि विनोद अपनी बहन को ज्यादा डरता था.कुछ देर बाद विनोद मेरेे पास आकर बोला खेत की सिंचाई हो गई मैं बोला हां हो गई मुझेे गुस्सा लग रहा था कि मैं अभी इसको साले को यहांं से भगा दूं अंदर अंदर खुशी भी मिल रही थी मेरी बहन को चोद रहा है जिसको मैं अपनी आंखों से देखा अगर यह नहीं  चोदता तो शायद मैं अपनी बहन की चुदाई**देख पाता चूत** दर्शन कराने कााा इतना बड़ा मौका कभी मिलता कि नहीं ,चाहे जो भी हो मैं मन ही मन विनोद को शुक्रिया अदा कर रहा था कुछ देर बाद विनोद चला गया तो मैंं अपनी बहन से बोला विनोद बार बार क्यों आता है वह बोली मैं क्या जानू क्यों आता है मैं बोला तुमको सब पता है तुम्हें बुलाती होगी बहन गुस्से में तुम्हारा दिमाग तो सही है क्या कह रहे हो समझ में आ रहा है मारुंगी गिर जाएगा बदतमीज कहीं का शर्म नहीं आती बहन को ऐसे करते हुए , आज मम्मी पापा को आने दे उनसे बताती हूं जो तेरा दिमाग खराब है ना सब ठीक हो जाएगा कुत्ते कहीं के शर्म नहींं आती.
मैंं भी गुस्से में हो गया और बोला शरीफ पन किसी और दिखाओ मुझेे सब पता, तुम भी विनोद से चोदवाती हो शरीफ बनाने का नाटक ना करो मैं सब जानता हूं वह गुस्सेे में मुझको ही एक झापड़ मारी और बोली कुत्ताा तुझे शर्म नहीं आती बहन  कहते हुए,  मैं चिल्ला पड़ा और बोला वह तुम्हें पीछेेे वाले रुम में अभी आधा घंटा पहले चोद रहा था. तुम नंगी होकर चुदाई करा रही थी बोली तुम्हारा दिमाग खराब , कौन तुम से बोला ऐसा करती हूं. मैं बोला मैं जब खेत से घर पर आया पहले मैं पीछे का दरवाजा बंद  था देखाा कि आगे था दरवाजा बंद था और मैंं जानता था अगर मैं दरवाजा खटखटाया तो तुम उसे पीछे से बाहर कर दोगी अगर मैं पीछे से खटखटाया तो तुुम आगे से बाहर कर
दोगी,, इसीलिए मैं पहलेे पीछे का दरवाजा बंद किया और फिर ऊपर से जीने से चढ़कर नीचे आया देखा कि तुम लोग खूब चूत**** का आनंद ले रहे थे. विनोद तुम्हें नंगा करके चोद रहा था और तुम उससे। चुदवा रही थी मैं जंगले से तुम लोगोंं की चुदाई का** वीडियो बना रहा था, देख लो मेरे मोबाइल में है और एक वीडियो अपने मेमोरी में कॉपी करके छिपा दिया हूं अब शरीफ बनने का नाटक ना करो बहन का चेहरा एकदम पीला पड़ गया था मानो उसके ऊपर कोई विपदा आ गिरी है.
मै बाहर दरवाजा बंद करने चला ग बाद जीने के दरवाजे को बंद करके पिछले दरवाजे को भी बंद कर दिया मैं दिमाग से काम कर रहा था मुझे आज इस मौके को बहुत अच्छे से फायदा उठाना था  अगर आज फायदा नहीं उठा पाया तो कल मां आ जाएगी ज्यादा ज्यादा या होगा कि मैं मां से कह दूंगा मां बहन को  मारेगी और उसका,  पढ़ना-लिखना बंद। करवा देगी और विनोद को उसके घर भेज दिया जाएगा, मुझे क्या मिलेगा जब मैं इतने दिनों से लगातार बहन के पीछे इतना टाइम क्यों बरबाद किया हूं इतनी घमंडी और शरीफ लड़की चोदने को नहीं मिलेगी.

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