सराफत की देवी

दोस्तों जो घटना मैं बताने जा रहा हूं यह एक सच्ची घटना है. इस कहानी में हम चार लोगों के साथ घटित एक सच्ची घटना है. मैं इन कहानी में सभी पात्र और स्थान का नाम बदल कर बता रहा हूं क्योंकि आपने जीवन में कुछ घटनाओं को छुपा के रखने में हमारे भविष्य के लिए उचित होता है इस कहानी में तीन लोगों के शादी हो चुकी है. एक मेरी बहन जिसका परिवर्तित सपना और दूसरा नाम मेरे बड़े पिता जी की लड़की की लड़की है यानी मेरे बड़े पिताजी की नातिन है इसका परिवर्तित नाम सीमा और तीसरा लड़का मेरे बड़े पिताजी का नाती यानी सीमा का बड़ा भाई जिस का परिवर्तित नाम विनोद और मैं जो आप लोगों के बीच में अपनी कहानी के माध्यम से अपने जीवन में घटित सच्ची घटना को बताने जा रहा हूं और मेरा परिवर्तित नाम सूरज है मेरी बहन की उम्र 28 साल मेरी उम्र 25 साल, विनोद की उम्र 26 साल और सीमा की 23 वर्ष है ये उम्र अब के हैं .
विनोद और सीमा दोनों अपने घर नहीं रहते  हमारे गांव बड़े पिताजी के यहां रहते थे,और हम लोग बिहार के एक छोटे से गांव रहते थे मेरे घर में मैं मेरी मम्मी मेरे पापा और मेरी बहन तीन लोग रहते हैं .
कहानी लगभग आज से 7 वर्ष पहले की है तब मैं ग्रेजुएशन कर रहा था और मेरी उम्र उस समय 18 19 वर्ष लगभग,  होगी, मेरे और मेरे बड़े पिताजी का घर सटा हुआ था. हम दोनों लोगों के यहां खाना अलग अलग बनता था लेकिन हम लोगों बीच इतना प्रेम था कि मैं चाहे जहां खानाा मांग कर खा लेता था. मैं अपने बड़े पिताजी के नातिन के साथ ठंडी के महीने में आग के सामने बैठकर हाथ पैर को सेक रहा था, और वह खाना बना रही थी. मैं उसके बगल में बैठकर कभी कभी उसके पास  पैर को टच कर लिया करता था. कभी कभी उसका हाथ मेरे हाथ से टच हो जाएगा करता था  मेरा रोज का यही  काम हो गया था लेकिन कभी भी मैं हिम्मत नहीं कर पा रहा था और आगे बढ़ने में नाकाम होता रहा लगभग 1 महीने बाद बड़ी मां के पास मैं रजाई में सोया था कुछ देर बाद सीमा भी रजाई में बड़ी मां के पास आकर पैर डालकर बैठ गई, मेरी मां और बड़ी मां आपस में बात कर रहे थे.
मैं सीमा के पैर से अपने पैर को आपस टच करने और एक दूसरे को देखने लगे. सीमा उठ कर घर केे पीछ चली गई. मैं समझ गया था मुझे वह बुला रही है मैं भी 5 मिनट बाद पेशाब करने के बहाने अपने घर के पीछे से सीमा केे पास पहुंच गया और सीमा केे हाथ पकड़ कर बाहों मेें भर लिया और किस करने लगा और चूची को दबाने लगा और मैंं बोला तुमसेेेे बहुत प्यार करता हूं. अब मेरा रोज का सीमा को इशारा करके पीछे बुला लेता था और चुचियों को दबाता  और किस करता था ऐसे ही लगभग 1 महीने तक मैं सीमाा को चोद नहीं पाया  चुचियों को दबाना और होठों को चूमना चालू रहा घर का मामला था और जब भी मौका मिलता चुचियों को मसलने लगा था लेकिन जिस दिन का मुझे इंतजार  था वह इंतजार आज खत्म होने वाला था बड़े हिम्मत करके सीमा को रात में उसके बिस्तर पर जाकर चुपके से उसको जगाया और अब गर्मी का मौसम भी आ गया था.
अंदर आ गई वो बोली जो करना है जल्दी करो कोई जग गया तो दिक्कत हो जाएगी  उतना डर मुझेे भी लग रहा था सीमा के होठों को चूमने लगा चूचियों को मसलने लगा , पहली बार हम  दोनों चुदाई का मज़ा लेने लगें, पहली बार चुदाई होने के कारण चूत बहुत टाइट थी. मेरा लंड चूत में नहीं जा रहा था, मैं सरसों का तेल लगा कर चूत में लंड डाल दिया  सीमा को दर्द होने लगा मेरे कमर पर हाथ लगा रखी थी. जिससे मेरा लंड पूरा नहीं घूूस रहा था लेकिन मेरे जोश के कारण मैं अपना लंड़ चूत में डालने लगा वो दर्द के माारेे आवाज निकाल रही थी लेकिन बहुत धीरे धीरे बोल रही थी मम्मी मम्मी जल्दी करो मैं 7,8मिनट में झड़ गया और सीमा के साथ  कर 5मिनट  तक चिपक कर सो गया,अब तो मुझे रोज चोदने की आदत बन गई थी.
मैैं रोज रात में सीमा को चोदने लगा और कभी कभी रात भर चोदता था, कहानी में मैं कुछ चीजें भूल जाने के कारण मैं उतना  बारीकी से नहीं लिख सकता जितनी बारीकी से 7 साल पहले हुई थी इधर सीमा को चोद रहा था उधर ध्यान यह क्यों नहीं दे रहा था की विनोद भी तो एक घर में एक दूसरा मर्द है, इधर में सीमा को पटाने और चोदने में लगा था उधर मुझे बहुत लेट पता चला कि विनोद मेरी बहन को पटाने में जुटा है मुझेे सक तब हुआ, जब मैं कोई बात विनोद से बताता हूं. जैसे कि एक बार मैंं विनोद से  बताया कि मेरे बगल की लड़की सोनिया मुझको लाइन देती है. मैं उसके घर मोबाइल चार्जिंग के बहाने कई बार उसके पास बैठा भी और उसके हाथ को स्पर्श किया मुझे लगता है सोनिया मुझसे पट जाएगी.
मैं रोज कुछ ना कुछ बात विनोद को बताता था बात मेरी बहन को पता चल जाता था मुझे सोनिया के घर जाने के लिए मना करती  थी और  मां से डॉट करवाती थी मां मुझे बहुत गाली देने लगती  थी बिगड़़ गया, मुझेेे शक हुआ कि मेरी बहन कहींबाहर जाती नहीं तो  इसे मेरे बारेेेे में पता कैसे चलता है. मैं पक्का समझ गयाा था कि विनोद मेरी बहन को पटाने के लिए इस तरह की बातेंं उसको बताता है मैं प्लान बनाया मैं बोला आज सोनिया मुझे मिलने को शाम को बुलाई है और मेरा प्लान सही सिद्ध हुआ शाम को मेरी बहन ने मुझे कोई ना कोई काम देकर बाहर जाने से रोकती रही और जब मैं जिद करने लगा बोली तुम कहां जा रहे हो मां को बुलाती हूं. मैं समझ गया था कि विनोद पक्का सब बताता है मेरेे बार में लेकिन वह बेवकूफ अपनी बहन को मेरेे से चुदाई करने से नहीं रोक पाया और साला दूसरे के चक्कर में मुझे रोक रहा था अभी मैं उसको गलत बातें बताकर भ्रमित किया था कि वह अपने बहन के ऊपर ध्यान ना दे.

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