रंडी दीदी और उसकी छिनाल दोस्त की कहानी

फिर दीदी ने मुझे कहा कि वैसे अगर तुम चाहो तो आज हवस में शरीक हो सकते हो; फिर दीदी प्रिया और बाकी पांच लोग दीदी के कमरे में चले गए; कमरे में सभी लोग काफी आवाज कर रहे थे पर हंस रहे थे; मैं दरवाजे के पास गया तो देखा कि इन की तैयारी ब्लू फिल्म बनाने की है.

में अपने कमरे में चला गया और पूरी तरह नंगा होकर बिस्तर पर लेट गया; रात काफी हो चुकी थी करीब १२ बज रहे होंगे; दीदी की चीखने की आवाज आई; मैंने देखा कि दीदी अपने कमरे में से बाहर दौड़कर कर आ रही थी; उस समय वह पूरी नंगी थी; और उसके शरीर से काफी बदबू आ रही थी.

वह चीखते हुए बाथरुम में जा रही थी और बोली कि यह तुमने क्या कर दिया; आज में गई; फिर दीदी कुछ १५ मिनट के बाद बाथरुम से बाहर आई और अपने कमरे में चली गई; रात भर उनकी चुदाई और ब्लू फिल्म की शूटिंग चलती रही; मैं सुबह उठा करीब ८ बजे तो देखा कि प्रिया और दो लोग नंगे लेटे हुए थे.

दीदी और बाकी के तीन लोग नजर नहीं आ रहे थे; मैंने प्रिया को नंगे ही जगाया और पूछा कि दीदी कहां है? प्रिया ने मेरे लंड पर जबर्दस्त अपने हाथ से मारा और मुझे गाली देते हुए बोला कि साला तेरी दीदी अब रखेल और रंडी हो गई है; जा कर कोठे पर देख.

मैं फिर प्रिया से पूछा कि प्लीज बताओ कि दीदी कहां है; तो प्रिया हसते हुए बोली कि अच्छा साले बताती हु लेकिन तुझे मेरी बात माननी पड़ेगी; उसने कहा कि तुम मेरे साथ टॉयलेट में चल.

में गया वो टॉयलेट की सीट पर बैठ गई और जोर जोर से अपने पीले पीले माल निकालने लगी और फिर उसने कहा कि मैं उसकी गांड को चाटूंगा; मैंने वैसा ही किया और फिर उसने बताया कि दीदी एक ब्लू फिल्म सिनेमा हॉल में रात में ३ बजे गई है; मैं तुरंत उसे सिनेमा हॉल में गया तो देखा कि दीदी एक कमरे में १० लोगों के साथ लेटी हुई है; दीदी ने शराब भी पि थी.

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अगली कहानी सेश भागों में; मैंने वहां देखा कि दीदी और बाकी के लोग बेसुध होकर फर्श पर सोये हुए थे; किसी को वहां पर कुछ होश नहीं था; सभी सो रहे थे; मैं वहां से तुरंत अपने घर आ गया और डोर बेल बजाई तो पाया की प्रिया अपने बदन को ढक कर दरवाजा खोला.

फिर मैं अंदर आ गया और अपने कमरे में चला गया; फिर मैं तुरंत अपने बाथरुम में फ्रेश होने गया तो देखा कि बाथरुम गंदी चीजों से भरा हुआ था; मैंने किसी तरह सोचा की टॉयलेट करूं लेकिन मेरी हिम्मत नहीं हुई; तो अचानक प्रिया ने मुझे कहा कि अगर मैं चाहूं तो उस के कमरे में चल कर टॉयलेट कर सकता हूं; मैंने पूछा कि कहां? तो उसने कहा कि उसके बेड पर वैसे भी काफी गंदगी है और अगर मैं चाहूं तो वहां पर ओपन में कर सकता हूं.

मेरे पास दूसरा कोई ऑप्शन नहीं था इसलिए मैं नंगा होकर प्रिया के कमरे में जाकर बिस्तर पर हगने लगा; प्रिया नंगे खड़ी मुझे घूर रही थी; तभी वह मेरे पीछे आई और मेरे पैखाने को चाटने लगी; फिर मैं अपना लंड उसके मुंह में दे दिया और फिर उसको बड़े हरामी तरह से चोदने लगा; ना मैं उस समय कंडोम पहना था और ना ही उसने; उसने मुझे कहा कि जब मैं झड़ने लगूं तो अपना लंड उसकी चूत से निकाल लू; मैंने कहा कि ठीक है.

पर जब मैं उसको चोदने लगा तो मेरा सारा रस उसकी चूत के अंदर चला गया पर उस समय हमें बिल्कुल ही ख्याल नहीं रहा और हम जमकर एक दूसरे के साथ मजे ले रहे थे; एक घंटा चोदने के बाद मैं फ्रेश हुआ और प्रिया भी; फिर प्रिया नहा कर कपड़े बदल कर मेरे पास आई और मुझे कहा कि उसे बहुत भूख लगी है; क्योंकि निकिता; मेरी दीदी का तो कोई पता नहीं था.

मेने उसे कहा कि अगर उसे खाना बनाना आता है तो किचन में जाकर बना ले; तो प्रिया ने कहा कि चलो होटल में जाकर खा लेते हैं और मैंने भी हा कर दिया;; फिर हम दोनों होटल में खाना खाने चले गए और खाने के बाद हमने सोचा कि निकिता के पास चलें; फिर हम उस सिनेमा हॉल में चले गए जहां पर मेरी दीदी को देखा था.

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जब हम वहां पर पहुंचे तो देखा कि वहां कोई भी नहीं था; दीदी भी नहीं; बस वहां दीदी के फटे हुए कपड़े थे; प्रिया ने एक फोन लगाया और पता चला कि मेरि दीदी रेलवे स्टेशन के पास एक प्राइवेट रूम में कुछ लोगों के साथ चुद रही थी; प्रिया ने फोन रखने के बाद मुझे बताया कि मेरी दीदी आज कुल मिलाकर १८ लोगों से चूदी है; मैं तो दंग रह गया.

फिर में और प्रिया एक रेस्टोरेंट में गए और मैंने वहां पर प्रिया से उसके बारे में पूछा; प्रिया ने बताया कि वह एक रांड है और उसकी मुलाकात मेरी दीदी से ३ महीने पहले हुई है; उसने बताया कि मेरी दीदी हमेशा से एक रंडी बनना चाहती थी और इसी दौरान वह मेरी दोस्त बन गई; प्रिया ने अपनी कहानी विस्तार में बताइ और प्रिया ने कहा की क्यों ना हम एक नया प्लान बनाये और मैंने कहा कि क्या?

तो प्रिया ने कहा कि चलो आज हम एक पब्लिक टॉयलेट में चुदाई करते हैं; मैं भी मान गया और फिर हम एक छोटे से पब्लिक टॉयलेट में गए; टॉयलेट बहुत ही छोटा सा था और टॉयलेट का गेट एक टूटी हुई लकड़ी का था; टॉयलेट में सिर्फ एक आदमी ही किसी तरह बैठ सकता था; जैसे ही हमने टॉयलेट का दरवाजा खोला तो देखा कि टॉयलेट की सीट पर गंदगी लगी हुई है; पर प्रिया ने कहा कि हम उसे साफ कर लेंगे; मैं टॉयलेट की सीट पर बैठ गया और प्रिया मेरे ऊपर; हमने अपने कपड़े उतार दिए थे. और प्रिया मेरे ऊपर बैठ कर कूद कूद के चुद गयी थी.

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