पुराने आशिक से फिर से मज़े 1

मैंने अपना पल्लू नीचे गिराया … क्योंकि उसके लंड से निकलने वाली मलाई मेरे कपड़े ख़राब कर देती. मैं उसको लंड को मुट्ठी में लेकर हिलाने लगी.
उसकी आह निकलने लगी- उफ्फ बिंदू … तेरी यही अदा मुझे पसंद है.

मैं उसके खुले लंड के टोपे के पिछले वाले हिस्से को चाटने लगी. वो और तेज आहें भरने लगा. उसका लंड बिल्कुल गोरा था. आगे की स्किन कटी हुई और बिल्कुल सख्त था. मैं उसके लंड को थूक से गीला करके हिलाने लगी और उससे बात करने लगी.

मैं- क्या बात है … तुम्हारा लंड तो पहले के मुकाबले और मोटा हो गया है.
वो- हां यार मुझे भी मालूम है … पर अब मैं और भी अच्छे से चोदने लगा हूँ.

उसने अपना पैंट खोल कर नीचे गिराया और मेरे मुँह में लंड ठूंस दिया.
वो बोला- अब बातें नहीं, जल्दी से इसका इलाज कर … तू ही इसकी सबसे बड़ी डॉक्टर है.

ये कहते हुए उसने स्टेथोस्कोप मेरे गले डाल दिया. मैं भी मस्ती से उसका लंड चूसने लगी. मैं लंड के टोपे को चूसती हुई, उसके लंड को हिला रही थी और अपने एक हाथ से अपनी चूत सहला रही थी.

अब वो पूरी तरह आआह भरने लगा था. मैंने तो लंड चूसने में महारत हासिल की हुई है. मेरी चुसाई से उसका लंड और उफान पर आने लगा. उसने मेरा हाथ अपने लंड पर से हटाया और किसी ब्लू फिल्म की चुदाई की तरह मेरे मुँह को चोदने लगा.

जब उसका लंड मेरे गले तक जाता, तो मुझे उबकाई आने लगती. लेकिन उसको मेरी कोई परवाह नहीं थी. वो मेरे मुँह को चूत समझ चोदने में लगा हुआ था. मेरे मुँह से थूक निकल मेरी चूचियों पर गिर रही थी. मैं भी उसके लंड को ऐसे चूस रही थी, जैसे कोई मोटी स्ट्रॉ से कोल्ड ड्रिंक्स पी रही हूँ.

और कहानिया   पति बेकार निकला तोह गैर मर्द से हूत की प्यास भुजाइ

फिर उसने मेरी मेरी मुँह से अपना लंड निकाला, जिससे मेरी लार से मेरे मुँह से उसके लंड तक एक तार बन गयी थी.
वो बोला- आह … ऐसे देखने में बड़ा मजा आता है यार.

उसने फिर से मेरे मुँह को चोदना शुरू कर दिया. मैं भी खुल कर उसका लंड चूस रही थी. उसके लंड का स्वाद ही अलग था.

करीब 15 मिनट की लंड चुसाई के बाद उसने सारा लंड रस मेरे मुँह में छोड़ दिया और मैं उसे पी गयी.

वो भी हांफता हुआ बैठ गया- बिंदू मेरी जान … तेरी जैसी कोई नहीं. मैंने इतनी लड़कियां चोदीं, अपनी बीवी को भी चोदा, पर मेरा लंड चूस कर कोई माल निकाल दे, ऐसा तेरे अलावा कोई नहीं कर सकती. तू मस्त चीज है.

वो फिर से मेरे पास को आया. अपना लंड मेरे को हाथ में देकर खुद से बोला कि मेरे लौड़े मियां … ध्यान से देख … तेरी रानी यही है.

उसकी इस अदा से मैं शर्मा गयी. मैंने अपनी साड़ी ठीक कर ली. उसने मुझे गले से लगाया, मेरा फोन नंबर लिया.
फिर बोला- मैं कल कॉल करूँगा, तू आ जाना. तेरी चूत भी गीली हो गयी होगी. मैं तुझे कल खूब मजा दूंगा.

हम दोनों ने अपने अपने कपड़े सही किये. फिर दरवाजे का लॉक खोल कर डॉक्टर साब अपनी अपनी कुर्सी पर बैठ गए.

उसने घंटी बजाई, तो कम्पाउण्डर अन्दर आया. वो उससे बोला- इनको ये दवाइयां दे देना … और फीस भी वापस कर देना. ये हमारी पहचान की हैं.
मैं बोली- इसकी जरूरत नहीं, घोड़ा अगर घास से यारी करेगा, तो क्या खाएगा. इस बार रख लो, अगली बार नहीं दूंगी.
वो हंस दिया.

मैं अपने घर आ गयी.

शाम को उसने कॉल किया- मेरी जान कल अच्छे से तैयार होना. ऊपर का मेकअप करना या न करना, पर नीचे की सजावट अच्छे से करना. हम लोगों ने टाइम फिक्स कर लिया था.

और कहानिया   पति नहीं दूसरे का लुंड 1

अब बस कल का इन्तजार होने लगा. मैं उसके मोटे लंड को देख कर तड़पने लगी थी. घर में मैंने उस दिन आने चूत में खूब उंगली की.

Pages: 1 2

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *