पैसे देकर छुड़वाई

हैलो फ्रेंड्स … मैं अंजलि शर्मा फिर से अपनी आगे की कहानी लेकर आप सभी के सामने वापिस आयी हूँ.

सबसे पहले तो मैं आप सभी लोगों का धन्यवाद करना चाहूंगी कि आप लोगों ने मुझे इतना प्यार दिया, मेरी पिछली सेक्स कहानी
ग्रुप सेक्स सुहागरात
को पसंद किया और आप सबने मुझे बहुत सारे मेल किए.

मैं आप लोगों को मेरे बारे में फिर से एक बार बता दूँ कि मेरे परिवार में सिर्फ मैं और मेरे पति रोहण हैं. रोहण मुझे खूब चुदाई का मजा देते हैं. अभी मेरी उम्र 37 साल है लेकिन कोई भी मुझे देख कर यह नहीं कह सकता कि मेरी उम्र 37 साल है. मेरा फिगर भी बहुत ज्यादा सेक्सी है … जो कि 36-28-38 का है.

मैं घर में ज्यादातर नंगी ही रहती हूँ. घर से बाहर मैं मिडी, स्कर्ट, जीन्स, टॉप्स और खुले बीच पर बिकनी आदि पहनना पसंद करती हूँ. मेरी चूचियां एकदम टाइट हैं और एकदम गोलमटोल हैं. मैं हमेशा डीप क्लीवेज के कपड़े ही पहनती हूँ, जिसमें से मेरे मम्मों की पूरी दरार दिखाई देती है और बूब्स भी लगभग आधे से ज्यादा दिखाई देते हैं. मेरी गांड का साइज भी बहुत बड़ा है, जिसको देख कर लड़के अपने लंड को सहलाने लगते हैं.

अब तक मैं बहुत लोगों से चुदाई करवा चुकी हूँ और मुझे और मेरी कामवासना को बहुत ही कम लोगों ने संतुष्ट किया है.

मेरी ये सेक्स कहानी लगभग एक महीने पहले की है. दरअसल हुआ यह कि रोहण ने मुझे बताया कि वो एक महीने बाद 15 दिन के लिए अपने दोस्तों के साथ बाहर घूमने जा रहे हैं. मैं उनके साथ नहीं जा रही थी. वो सिर्फ लड़के लड़के बस जा रहे थे. मैंने सोचा क्यों ना मैं भी कहीं घूमने चली जाऊं.

मैंने रोहण को बोल दिया कि आप अपने दोस्तों के साथ घूमने जाओ और मैं अपने फ्रेंड्स के साथ जा रही हूँ.
मैंने रोहण को यह नहीं बताया कि मैं किसके साथ जा रही हूँ.
मेरी बात पर रोहण ने कहा- ठीक है तुम भी जा सकती हो, मुझे कोई परेशानी नहीं है.

और कहानिया   लिफ्ट के बदले में चुत मिला

रोहण की तरफ से हरी झंडी मिलते ही मैंने अपने एक कॉलब्वॉय सुहास से बात की और उसको कैलीफोर्निया चलने के लिए कहा, जिसके लिए वो राजी हो गया.

मैंने जैसा कि पहले ही सोच लिया था कि मैं अपने इस कॉलब्वॉय सुहास को बुला कर उसके साथ एक हनीमून पर निकल जाऊंगी … वो सब सच होने लगा था.

सुहास के बारे में मैं आपको कुछ बता देती हूँ. आप लोगों को मेरी पुरानी कहानी
पति के बिना घर में एक रात
याद होगी कि जिसमें मैंने पति के बिना घर में एक रात गुजारी थी उसमें आप लोगों ने पढ़ा था कि मैंने एक कॉल ब्वॉय को घर पर बुला कर पूरी रात उससे अपनी चुत चुदाई का मजा लिया था. मुझे वो कॉल ब्वॉय बहुत पसंद आया था. उसके लंड का साइज और उसकी शरीर की मजबूती भी बहुत अच्छी थी.

सुहास की उम्र 23-24 साल की एक मस्त जवान लड़के की है. सुहास बहुत ही हैंडसम है.

जब मैंने उसे फोन पर सब कुछ बताया, तो उसने कहा- ठीक है मैम मैं आपके साथ हनीमून पर चलने के लिए रेडी हूँ, पर उसके ज्यादा पैसे लगेंगे.

मैंने कहा- पैसों की कोई परेशानी नहीं है, तुम आ जाओ.

हम दोनों के पास पासपोर्ट तो पहले से ही थे, बस वीजा का इंतजाम करना था, जोकि एक एजेंट के माध्यम से बड़ी मुश्किल से जुगाड़ करके हो ही गया. आजकल अमेरिका का वीजा बड़ी मुश्किल से मिलने लगा था … इस वजह से थोड़ी दिक्कत आई, लेकिन हो गया.

तयशुदा दिन आ गया और उसी दिन शाम को रोहण अपने दोस्तों के साथ निकल गए. मैं घर पर अकेले ही रह गयी. रोहण के जाने के बाद मैं बहुत ही खुश थी क्योंकि मेरे प्लान को अंजाम देने का वक्त आ गया था.

रोहण के निकलते ही मैंने सुहास को फोन करके बोला कि तुम अपना सामान और अपना पासपोर्ट लेकर मेरे घर आ जाओ. आज रात को तुम मुझे चुदाई का मजा दो … और फिर हम कल हनीमून पर कैलीफोर्निया चलेंगे.

और कहानिया   मेरी कामुक कहानी पडोसी से चुदवाई चुत

सुहास ने कहा- ठीक है, मैं आ जाता हूँ.

मैंने जल्दी से जाकर अपनी पैकिंग कर ली और इस बार मैंने एक साड़ी भी रखी थी.

पैकिंग के बाद मैंने बाथरूम में जाकर शॉवर लिया और एक रेड कलर की ब्रा पैंटी पहन ली, जो कि बहुत ही छोटी थी. उसमें से मेरी चूचियां साफ नज़र आ रही थीं. रेशमी टाईट पैंटी में से मेरी चुत की दरार नज़र आ रही थी. उसके ऊपर मैंने एक बेबीडॉल नाइटी डाल ली थी, जोकि सिर्फ मेरी चुत तक ही आ रही थी.

ये बेबीडॉल नाइटी एकदम से झीनी थी, जिसमें से अन्दर से मेरी ब्रा पैंटी साफ दिखाई दे रही थी. मैंने ब्लैक कलर की हील वाली सेंडल भी पहन ली. हील पहनने के बाद मेरी गांड और भी बाहर आ गयी. अब मैं एकदम पोर्नस्टार की तरह लग रही थी.

इसके बाद मैंने अपना मेकअप किया और मैं पूरी तरह रंडी सी बन कर रेडी हो गयी थी.

कुछ देर बाद मेरे दरवाजे की घंटी बजी, तो मैं जल्दी से नीचे गयी. मुझे पता था कि ये सुहास ही होगा. मैं पूरी तरह अन्दर से नंगी दिख रही थी, पर मुझे कोई शर्म नहीं आ रही थी … क्योंकि मुझे पता था कि इस टाइम सुहास के अलावा कोई नहीं होगा.

मैंने गेट खोला और सुहास मुझे देखता ही रह गया. मैं एक मादक अंगड़ाई लेते हुए उसे अन्दर बुलाया. मैंने सुहास को एक हग किया और एक किस दी. मेरे चहरे पर एक मुस्कान थी.

फिर क्या था सुहास ने मुझे अपनी बांहों में उठा लिया. ज़ब उसने मुझे गोद में उठाया, तो मेरी नाइटी ऊपर उठ गयी और मेरी पैंटी उसकी नज़रों के सामने आ गयी.

अब मैं उसकी गोद में थी. उसने अपना एक हाथ मेरी पैंटी के अन्दर डाल दिया. उसके मजबूत हाथ का स्पर्श पाते भी मैं तो वहीं सहम गयी. तभी उसका दूसरा मेरे मम्मों को दबाने लगा.

Pages: 1 2 3

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *