पागल ने की मेरी झाम के चुदाई

लंड आधे से ज़्यादा मेरी छूट से बाहर खीचा वापस बहुत ही जोरदार धक्के के साथ मेरी छूट में घुसेड दिया. मेरे मूह से बहुत ही जोरदार चीख निकली. उसने 4-5 बहुत ही जोरदार धक्के लगा दिए तो उसका पूरा का पूरा लंड मेरी छूट में घुस गया. पूरा लंड मेरी छूट में घुसा देने के बाद उसने मेरी चुदाई शुरू कर दी. मैं दर्द के मारे चीखती रही लेकिन मैने उसे माना नहीं किया. थोड़ी देर बाद मेरा दर्द एक दम कम हो गया तो मैने चूतड़ उठा उठा कर उसका साथ देना शुरू कर दिया. उसने अपनी स्पीड और तेज कर दी. लगभग 10 मीं तक छुड़वाने के बाद मैं फिर से झाड़ गयी. उसने अपनी स्पीड और तेज कर दी. वो मुझे तेज़ी के साथ छोड़ता रहा और मैं एक दम मस्त हो कर उस से छुड़वा रही थी.
अब वो इतने ज़ोर ज़ोर के धक्के लगा रहा था की उसका हर धक्का मुझ पर भारी पद रहा था. उसके हर धक्के के साथ मेरे बदन के सारे जोड़ हिल रहे थे. मेरी छूट में अब ज़्यादा दर्द नहीं हो रहा था. मुझे छुड़वाने में आज जो मज़ा पहली पहली बार मिल रहा था उसके आयेज ये दर्द कुच्छ भी नहीं था.
लगभग 15 मीं और छुड़वाने के बाद जब मैं झाड़ गयी तो उसने अपना लंड मेरी छूट से बाहर निकल लिया. मैं उस से पूचछा, अब क्या हुआ तो उसने इशारे से मुझे डॉगी स्टाइल में होने को कहा. मैं डॉगी स्टाइल में हो गयी. वो मेरे पीच्चे आ गया और उसने धीरे धीरे अपना पूरा का पूरा लंड मेरी छूट में घुसा दिया. इस बार मुझे ज़्यादा दर्द नहीं हुआ. उसके बाद उसने मेरी कमर को पकड़ कर मेरी चुदाई शुरू कर दी. इस बार वो बहुत ही तेज़ी के साथ मुझे छोड़ रहा था. सारा बेड ज़ोर ज़ोर से हिल रहा था. मेरी जोश भारी सिसकारियाँ रूम में गूज़ रही थी और वो जाम कर मेरी चुदाई कर रहा था. थोड़ी देर बाद उसने मेरी कमर को छ्चोड़ दिए और अपने दोनो हाथों से मेरे दोनो निपल्स को मसालते हुए मुझे छोड़ने लगा. मीं एक दम मस्त हो चुकी थी. अब तक मुझे चुड़वते हुए लगभग 45 मीं हो चुके थे और वो था की झड़ने का नाम ही नहीं ले रहा था. वो मुझे एक दम आँधी की तरह छोड़ता रहा. लगभग 1 घंटे के बाद उसने रुक रुक कर ज़ोर ज़ोर के धक्के लगाने शुरू कर दिए तो मैं समझ गयी की अब वो भी झड़ने वाला है. मैं भी बस झड़ने ही वाली थी. 2 मीं में ही मैं झाड़ गयी और मेरे साथ ही साथ वो भी झाड़ गया. उसके लंड से ढेर सारा जूस निकला जैसे की वो बहुत दिन बाद झाड़ा हो. लंड का सारा का सारा पानी मेरी छूट में निकल देने के बाद वो हट गया और लेट गया. मैने उसके लंड को छत छत कर सॉफ कर दिया. आज ज़िंदगी में पहली बार मुझे छुड़वाने में बहुत ही मज़ा आया और मैने भी एक दम मस्त हो कर उस से चुडवाया. वो भी मुझे छोड़ने के बाद बहुत ही खुश दिख रहा था और लग रहा था की जैसे बरसों बाद उसके लंड की प्यास बुझी हो.
लगभग 1 घंटे तक हम दोनो लेते रहे और एक दूसरे के बदन को सहलाते हुए होठों को चूमते रहे. उसके बाद मैने उसका लंड फिर से चूसना शुरू कर दिया तो 2 मीं में ही उसका लंड फिर से खड़ा हो गया. इस बार मैने उस से डॉगी स्टाइल में ही चुडवाया. मारी छूट पहली बार की चुदाई में सूज गयी थी इस लिए मुझे फिर से तोड़ा तोड़ा दर्द होने लगा लेकिन थोड़ी देर बाद मुझे बहुत ज़्यादा मज़ा आया. उस ने भी इस बार मेरी जाम कर चुदाई की. इस बार उसने मुझे लगभग 1 1/2 घंटे तक बहुत ही बुरी तरह से छोड़ा और फिर झाड़ गया. इस बार की चुदाई के दौरान मैं 4 बार झाड़ गयी थी. झाड़ जाने के बाद उसने अपना लंड मेरी छूट से बाहर निकाला और मेरी छूट को चाटने लगा जब उसने मेरी छूट को छत छत कर एक दम सॉफ कर दिया तो उसने अपना लंड मेरे मूह के पास कर दिया. मैने भी उसके लंड को बड़े प्यार से चटा और छत छत कर एक दम सॉफ कर दिया.
मैने उस से कहा, आज तुमसे छुड़वाने में मुझे जो मज़ा आया है मैं उसे कभी भी नही भूल पौँगी. तुमसे छुड़वाने में मेरी छूट में बहुत दर्द हो रहा है लेकिन मुझे तुमसे छुड़वाने में जो मज़ा आया है उसके आयेज ये दर्द कुच्छ भी नहीं है. वो चुप छाप उठा और किचन में चला गया. थोड़ी देर बाद वो पानी गरम कर के ले आया और उसने बड़े प्यार से मेरी छूट की खूब सिकाई की. 15-20 मीं की सिकाई के बाद मेरी छुआ का सारा दर्द जाता रहा. उसके बाद वो मेरी बगल में लेट गया. थोड़ी देर बाद उसने टेबल पर से लेटर पद और पेन उठा लिया और कुच्छ लिखने लगा. मैने अब जाना की ये तो पढ़ा लिखा भी है. मैं चुप छाप देखती रही. थोड़ी देर बाद मैने पूचछा क्या लिख रहे हो तो उसने मुझे लेटर पद दे दिया. उसे पढ़ने के बाद मैं सकते में आ गयी. उसने लिखा था की वो मोहन का सबसे बड़ा भाई राजेश है और प्रॉपर्टी हड़पने के चक्कर में मोहन ने उसकी ज़ुबान काट कर उसे पागल बना दिया था जब की वो बिल्कुल भी पागल नहीं है. मोहन ने अपने मझले भाई सोहन का मर्डर भी करा दिया था. उसने ये भी लिखा था की वो 12 तक पढ़ा लिखा है. उसकी कहानी पढ़ने के बाद मुझे मोहन से नफ़रत होने लगी. मैने मान ही मान सोच लिया की अब मुझे मोहन के साथ नहीं रहना है. मैं मान ही मान राजेश से बहुत ज़्यादा प्यार करने लगी. मैने सोच लिया की राजेश भले ही गूंगा है, मैं उसी को अपना जीवन साथी बना कर उस के साथ अपनी सारी ज़िंदगी गुजर दूँगी. मोहन के आने तक मैने उस से खूब चुडवाया. उसने भी मेरी बहुत ही अच्च्ची तरह से चुदाई की. वो हर बार मुझे लगभग 1 घंटे तक छोड़ता था और उस के पहले कभी नहीं झाड़ता. मुझे भी उस से छुड़वाने में बहुत बहुत मज़ा आता था और मैं एक दम मस्त हो कर उस से चुड़वति थी.
मोहन के आने के बाद एक दिन मैने मयके जाने का बहाना किया. मोहन ने कहा, ठीक है, चली जाओ लेकिन जल्दी वापस आ जाना. मैने राजेश को बस स्टॉप पर बुला रखा था. राजेश को लेकर मैं दूसरे शहर में चली गयी. उस के बाद मैने मोहन से तलाक़ ले लिया और राजेश के साथ शादी कर ली. मैने एक ऑफीस में नौकरी कर ली. बाद में उसी ऑफीस में राजेश को भी नौकरी मिल गयी. आज मैं राजेश के साथ बहुत ही खुश हूँ.pagal ke saat jham ke chudai

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