पागल ने की मेरी झाम के चुदाई

थोड़ी देर तक मैने अपनी छूट को उसके लंड के सूपदे पर रगड़ा फिर उसके बाद मैने अपनी छूट को उसके लंड पर तोड़ा सा दबा दिया तो मेरे मूह से हल्की सी चीख निकल गयी और उसके लंड का सूपड़ा मेरी छूट में घुस गया. मुझे दर्द होने लगा तो मैने उसके लंड का सूपड़ा अपनी छूट से बाहर निकल दिया और अपनी छूट को फिर से उसके लंड पर रगड़ना शुरू कर दिया. वो बड़े प्यार से मेरी पीठ को सहलाता हुआ मुझे चूमने लगा. थोड़ी देर बाद जब मेरा दर्द कुच्छ कम हुआ तो मैने अपनी छूट को उसके लंड के सूपदे पर फिर से तोड़ा सा दबा दिया. उसके लंड का सूपड़ा फिर से मेरी छूट में घुस गया लेकिन इस बार मुझे ज़्यादा दर्द नहीं हुआ. मैने अपनी छूट को जैसे ही तोड़ा सा और दबाया तो मेरे मूह से चीख निकल पड़ी. अब उसका लंड मेरी छूट में लगभग 2″ तक घुस चुका था. मेरी टाँगें तर-तर काँपने लगी. मेरी धड़कन बहुत तेज चलने लगी. लग रहा था की कोई गरम लोहा मेरी छूट को चीरता हुआ अंदर घुस रहा हो. मैं रुक गयी.
थोड़ी देर बाद मैने धीरे धीरे अपनी छूट को उसके लंड पर उपर नीचे करना शुरू कर दिया. जब मेरा दर्द फिर से कुच्छ कम हुआ तो मैने तोड़ा सा ज़ोर और लगा दिया. मैं फिर से चीख उठी और उसका
लंड मेरी छूट में 3″ तक घुस गया. मैने फिर से अपनी छूट में उसके लंड को धीरे धीरे अंदर बाहर करना शुरू कर दिया. थोड़ी देर बाद जब मेरा दर्द कुच्छ कम हुआ तो उसने मुझसे लेट जाने का इशारा किया. मैं जोश से पागल हुई जा रही थी और उसके इशारे के बाद मैं उसके उपर से हट गयी और बेड पर लेट गयी. मैने सोचा अब जो होगा देखा जाएगा. उसने मेरे चूतड़ के नीचे 2 तकिये रख दिए.
फिर वो मेरी टाँगों के बीच आ गया और उसने मेरी छूट के बीच अपने लंड का सूपड़ा रख दिया और मेरी टाँगों को पकड़ कर डोर डोर फैला दिया. मैं दर रही थी की वो कहीं ज़बरदस्ती ही अपना पूरा का पूरा लंड मेरी छूट में ना घुसेड दे. उसने धीरे धीरे अपना लंड मेरी छूट के अंदर दबाना शुरू किया. उसका लंड धीरे धीरे मेरी छूट में घुसने लगा. जैसे ही उसका लंड लगभग 4″ तक मेरी छूट में घुसा तो मैं चीखने लगी और वो रुक गया. उसने अपने होत मेरे होठों पर रख दिए और मेरे बूब्स को मसालते हुए धीरे धीरे अपना लंड मेरी छूट के अंदर बाहर करने लगा. अब मैं समझ गयी की वो ज़बरदस्ती अपना लंड मेरी छूट में नहीं घुसाएगा.
थोड़ी देर बाद जब मैं झाड़ गयी तो उसने अपनी स्पीड तोड़ा तेज कर दी. थोड़ी देर बाद उसने एक हल्का सा धक्का लगा दिया तो मेरे मूह से आ निकल पड़ी और उसका लंड और ज़्यादा गहराई तक मेरी छूट में घुस गया. वो फिर से धीरे धीरे धक्के लगाने लगा. उसका लंड अब तक मेरी छूट के अंदर लगभग 5″ तक घुस चुका था. वो मुझे धीरे धीरे छोड़ता रहा तो थोड़ी देर बाद मेरा दर्द जाता रहा और मुझे मज़ा आने लगा. 5 मीं तक छुड़वाने के बाद मैं फिर से झाड़ गयी. मेरे झड़ने के बाद उसने फिर से अपनी स्पीड बढ़ा दी. मुझे अब बहुत ही मज़ा आ रहा था. मैने अपना चूतड़ उठना शुरू कर दिया था. मुझे चूतड़ उठा उठा कर चुड़वता हुआ देखकर वो रुक गया और उसने धीरे धीरे अपना लंड मेरी छूट के अंदर और ज़्यादा गहराई तक घुसना शुरू कर दिया. उसका लंड भौत ही धीरे धीरे मेरी छूट को चीरता हुआ अंदर घुसता जा रहा था. जैसे ही उसका लंड मेरी छूट के अंदर तोड़ा और घुसा तो मैं फिर से तड़पने लगी लेकिन इस बार मैं चीखी नहीं. दर्द के मारे मैने अपने होत जाकड़ लिए. वो अपना लंड धीरे धीरे मेरी छूट एमिन घुसता रहा. जब उसका लंड मेरी छूट में लगभग 7″ तक घुस गया तो मैं दर्द से तड़प उठी और मेरे मूह से जोरदार चीख निकल ही गयी. मेरी चीख निकलते ही वो रुक गया. थोड़ी देर तक रुकने के बाद उसने फिर से धीरे धीरे मेरी चुदाई शुरू कर दी. थोड़ी देर बाद जब मेरा दर्द फिर से कुच्छ कम हो गया तो उसने अपनी स्पीड बढ़ा दी और मुझे तेज़ी के साथ छोड़ने लगा. मैं जोश के मारे पागल सी हुई जा रही थी और जल्दी से जल्दी उसका पूरा का पूरा लंड अपनी छूट के अंदर लेना चाहती थी.
लगभग 10 मीं तक छुड़वाने के बाद मैं फिर से झाड़ गयी. मेरे झाड़ जाने के बाद उसने फिर से अपना लंड मेरी छूट में धीरे धीरे घुसना शुरू कर दिया. मेरी छूट अब तक एक दम गीली हो चुकी थी इस लिए इस बार उसका लंड आसानी से मेरी छूट के अंदर धीरे धीरे घुसता जा रहा था. मैने अपने होत ज़ोर से जाकड़ रखे थे. उसका लंड मेरी छूट को चीरता हुआ अंदर घुसता ही जा रहा था. थोड़ी देर बाद जब उसका लंड मेरी छूट में लगभग 9″ तक घुस गया तो मैं तड़प उठी और मेरे मूह से फिर एक चीख निकल पड़ी. इस बार वो रुका नहीं.

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