दुसरो के बीवी को चोदने का मज़ा अलग है

हैलो दोस्तो में आप का दोस्त हर्ष। फिर से आप के मनोरंजन के लिए नई कहानी लेकर आया हूं। आप ने मेरी पिछली कहानी को पसंद किया इसके लिए आप का बहुत-बहुत धन्यवाद दोस्तो ये कहानी मेरे घर के सामने रहने वाली भाभी की है उसका पति ड्राईवरी करता था जो कि ज्यादा तर समय बहार ही रहता है। एक दिन जब रीना को पहली बार देखा तो मेरा दिल धक करने लगा। और में पहली ही नजर में रीना का दीवाना बन गया। में सुबह शाम अपने घर की खिड़की खोलकर इसी इंतजार में बैठा रहता की रीना कब बहार निकले कब में उसके रूप को निहार सकु। दिन यूहीं गुजरते गए। इस दौरान मेरे मन में रीना को पाने की चाहत थी। उधर रीना भी मेरे इंतजार में पलके बिछाए रहना अच्छा लगने लगा। यू कह ले की रीना का यू इंतजार करना मेरे तन बदन में आग लगा रही थी। मेरी तन कि आग भी रीना के मन में पहुंचकर उसकी चुदाई की वासना धीरे धीरे बड़ा रही थी। इस तरह से में रीना से बात करने लगा। हमारी रोज बात भी। हो रही थी मगर मुझे तो रीना की जवानी का रस पीने की इच्छा बहुत हो रही थी। और ये मौका मुझे एक दिन मिला जिसे मैने रीना की खूब चुदाई की। एक रोज मेरी कालोनी में रात को 9बजे लाइट गुल हो गई थी। में जब 9:30बजे घर पहुंचा तो ताला खोलने के बाद पलट गया और रीना के दरवाजे पर दस्तक दे दी। दरवाजा खुला और रीना वहा आई। भीतर कमरे में एक लैंप जल रहा था। मैने एक नजर उसके पीछे कमरे में दौड़ाई रीना के अलावा वहा कोई नहीं था। रीना ने प्रश्नवाचक नजर से मुझे देखते हुए कहा कहिए क्या काम है। मगर उसका दिल बुरी तरह से घबरा रहा था मैने कहा माचिस होगी? जी अभी लाई ये कहकर रीना पलट गई। मैने रीना से पूछा भाई साहब दिखाई नहीं दे रहे। रीना ने कहा वो बहार गए है 2-3 दिन में लौटेंगे मैने कहा आप को अकेले डर नहीं लगता क्या रीना ने कहा बिल्कुल नहीं। फिर यहां के लोग तो बहुत अच्छे है। हा सो तो है। में डबल मीनिंग शब्दों में बोला तभी तो रात को दरवाजा खुलवाकर माचिस मागने पर भी गुस्सा नहीं होते। जवाब देने की बजाय रीना हंस पड़ी फिर धिर से बोली आप बाते बहुत अच्छी करते है। मैने कहा शुक्रिया वैसे मुझे अपनी इस खुभी का पता नहीं था। रीना फिर हंस पड़ी फिर बोली चाय पिओगे। मैने कहा ये तो मेरी किस्मत है जो आप के हाथो की चाय नसीब होगी। उसने कहा अभी बना कर लाती हूं। मैने कहा आप का इरादा दरवाजे पर खड़े हो कर ही चाय पिलानी है क्या? उसने मुझसे माफ़ी मांगी और कहा अंदर आ जाइए। मेरा मन खुशी से उछल रहा था कि आज तो रीना की चुदाई करके ही रहूंगा। में कमरे मे जाकर एक स्टूल पर बैठ गया रीना दो कपो में चाय लाई एक मुझे दिया दूसरा कप लेकर मेरे सामने बैठ गई चाय के दौरान हम हम दोनों बातचीत करते रहे फिर अचानक ही रीना पूछ बैठी चाय कैसी बनी है। मैने कहा बहुत अच्छी है हो भी क्यों नहीं चाय बनाने वाली भी तो इतनी खूबसूरत है। रीना ने कहा में खूबसूरत लगती हूं आप को ये बात कहते हुए रीना शरमा भी रही थी। मैने कहा दुनिया में आप बहुत खूबसूरत हो जो की हर लड़का चुदाई से पहले लड़की या किसी और को कहता है। झूठे कहीं के रीना मुंह बनाकर बोली। में सच कह रहा हूं ये कहते हुए मैने उसका हाथ पकड़ लिया। क्या कर रहे हो छोरो रीना कसमसाई ऐसे केस छोर दू अभी तो शुरुआत है। हाय देय्या और भी कुछ पकड़ोगे जाहिर है यू खाली पीली हाथ पकड़ने से क्या फायदा तुम्हे कमरे में नहीं बुलाना था। रीना प्यार से भरे शब्दों में कहा। अब गलती ही गई है तो सजा तो भुगतनी पड़ेगी मैने ये बात रीना से कहीं। यह कहकर में अपनी जगह से उठा और रीना को अपनी बाहों में भर लिया। अरे क्या कर रहे हो? प्यार म
में शादी शुदा हूं। मैने कहा मुझे तो सिर्फ भूख लगी है खाना खिला दो तो जीवन भर तुम्हारे कदम चुमुगा तुम्हार गुलाम बनकर रहुगा जो कहो वो तुम्हारा दास करेगा पहले तो रीना ने मना किया फिर रीना ने कहा पहले दरवाजा तो बंद कर लो। में जल्दी ही दरवाजा बंद करके रीना के करीब आ गया और उनको अपने गले से लगा लिया और उनकी पीठ पर हाथ फेर कर रीना को शांत करने लगा। मैंने जैसे ही रीना को गले से लगाया, तो उसने भी मुझे कसके पकड़ लिया. आज मौका भी सही था. उनके घर में हम दोनों के अलावा और कोई नहीं था. मेरे हाथ रीना की पीठ पर चलने लगे थे. रीना के हाथ भी मेरी कमर पर चलने लगे और उन्होंने अपना चेहरा मेरे सीने पर टिका दिया. उसकी गरम सांसें मुझे एक सेक्सी सा अहसास दिलाने लगी थीं. मैंने महसूस किया कि रीना के चूचे मेरे सीने में दब रहे थे. इस सबसे मेरे लंड ने खड़ा होना शुरू कर दिया था. दो तीन पलों में ही मेरा लंड पेंट में तंबू बना कर खड़ा हो गया. इस बात का पता रीना को भी चल गया … क्योंकि मेरे लंड के उभार को वो अपनी चूत के ऊपर महसूस कर रही थीं. रीना मुझसे चिपकी रहीं.
मैंने उनसे कहा- चलो आप कुछ देर आराम कर लो.
रीना उठ कर खड़ी हो गईं. मैं उनको देखने लगा. रीना भी मुझे वासना भरी निगाहों से देखने लगी थीं. रीना ने मुझसे कहा- चलो अन्दर बैठते हैं. मैं उनके कहने पर बेडरूम में आ गया और उनके साथ बेड पर बैठने लगा. तभी रीना ने मुझे खड़ा किया और एकदम से मेरे सीने से लग गईं. मैं समझ गया कि आज इनको मेरा लंड चाहिए. मैं उनको चूमने लगा रीना भी मुझे साथ देने लगीं. मैंने उनको एक मिनट से भी कम समय में नंगी कर दिया. अब रीना सिर्फ़ पिंक ब्रा और पैंटी में रह गई थीं. मैंने उनको बिस्तर पर बैठा दिया. रीना ने भी बैठे हुए ही मेरे सारे कपड़े निकाल दिए और मैं अंडरवियर में रह गया. फिर हम दोनों एक दूसरे को ज़ोर से किस करने लगे. मैं रीना के मम्मों को दबाने लगा और रीना ज़ोर ज़ोर से सिसकारियां लेने लगीं. रीना- इसस्स … अह ईश धीईईरेए … करो प्लीज़ …

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