पडोसी भाभी की कोमल चुत

अब भाभी भी थोड़ा शांत हुई और मुझसे ज़ोर से लिपट गई में जान भुजकर अँधेरा रखना चाहता था ताकि भाभी के मदमस्त बदन का रसपान कर सकूँ भाभी के गदराये बदन से सेक्सी महक आ रही थी में पूरा लाभ ले रहा था अब मेरी भी हिम्मत खुली और मैने कसके भाभी को अपनी बाँहों में भर लिया और उनके बालों में चुम्बन करने लगा दोनों के बदन अब आग लगी थी क्यूंकि भाभी को २ साल से किसी मर्द का स्वाद नहीं मिला था तो वो मचल उठी और ज़ोर ज़ोर से आहें भरने लगी अब उसकी गरम सांसे मेरी गरम सांसो से टकरा रहित ही दोनों मदहोश हुए जा रहे थे मैने अब झटसे से भाभी का गोल मटोल सूंदर चेहरा दोनों हाथो में लिया और पागलों के तरह चूमने लगा गालों पै नाक पै आँखों कानो सुराही दार गले पै चुम्बन पै चुम्बन जड़ दिए अब भाभी भी गरम हो चुकी थी वो भी मुझे पागलों की तरह चूमने छटने लगी .

मैने दोनों हाथ गाउन के गले में दाल दिए ओफ़्फ़्फ़ दोस्तों क्या बोलूं में दो बड़े कबूतर गदराये सुडोल वक्ष मेरे दोने हाथों में थे ब्रा के अंदर हाथ दाल दिए इस उम्र में भी इतने कड़क सुडोल बूब्स मैने कम देखे थे अब मैने भाभी के रसीले गुलाबी होंठ चूसने शरू किये मस्त लिप्स का टेस्ट था भाभी भी मेरे होंठो को चूसने लगी और अपनी अपनी रसदार रसीली जिब मेरे मुँह के अंदर दाल थी और में स्वीट टेस्टी जिब का रस पीने लगा दोनों मदहोश हो चुके थे लम्बी लम्बी सांसे भरने लगे दूसरी तरफ मेरे हाथ उनकी टाइट ब्रा के अंदर थे और अब मेने निप्पल धीरे धीरे मसलने शरू कर दिए भाभी के मुँह से अजीब आवाज़ निकलने लगी ऊऊऊह्ह्हह्ह्ह्ह आअह्ह्हआआ .

अब मेने गाउन ऊपर करके सीधे मस्त सुडौल भरावदार हिप्स पर रख दबाने लगा क्या माहौल था दोस्तों एकदम नरम स्किन गदराये से हिप्स बड़े बड़े ३८ साइज के गोल मटोल फिर मेने पैंटी में पीछे से हाथ अंदर दाल दिए पैंटी बहोत टाइट थी हाथ मुश्किल से अंदर गए और भाभी के गरम नरम हिप्स दबा रहा था और वोह आंखे बंद किये सिसकारियां ले रही थी मेने पूरा गाउन उतार दिआ अब सिर्फ वोह पर्पल रंग की ब्रा पेंटी में थी गज़ब का भरा भरा गदराया बदन था उरोज ब्रा से बड़े होने के कारन आधे से अधिक बाहर थे अब भाभी ने भी मेरी टीशर्ट उतारदी जीन्स भी उतार दी में अब सिर्फ बॉक्सर में था मेरा लिंग कड़क था ६ इंच का बॉक्सर में तना हुआ था..

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उसने मेरे लिंग को पकड़ा और प्यार से सहलाने लगी तुरंत मेरे बॉक्सर के अंदर हाथ डालकर मेरे ६ इंच कड़क लिंग को हाथ से मसलने लगी में बदन में आग लगी थी मेने जट से ब्रा उतर दी तो दो सुडौल फिट गोल गोल बूब्स बहार तनी निप्पल के साथ खड़े थे मेने झट से एक बूब मेरे मुँह में लिया और चूसने लगा भाभी ज़ोर ज़ोर से आहे भरने लगी और मेरा बॉक्सर उतार दिया मेरे लिंग से खेलने लगी .

इतने बड़े बूब्स थे की मेरे मुँह में समां नहीं रहे थे फिर मेने कड़क हो चुकी छोटी गुलाबी निप्पल की पीना शरू किआ तो भाभी मचल उठी uuuiiiiiiiiiiii मम्माआआ…

उसके मुँह से निकला और एक हाथ मेरा निचे पैंटी पर चला गया तो पैंटी थोड़ी गीली थी… में समज गया भाभी झड चुकी है मेने झट से पैंटी भी उतर दी और चुत पे हाथ फेरने लगा थोड़ी चुत भी गीली थी अब हम दोनों एकदम मस्त हो चुके थे चरम सुख मिल रहा था भाभी ने मेरा लिंग कसकर पकड़ लिया ज़ोर से हिलाने लगी अब दोनों एकदम लगे थे.

एक दूसरे से लिपटे दोनों के बदन गरम हो चुके थे मुझे भाभी के बदन की सुगंध और मचला रही थी..

में धीरे धीरे बूब्स पीते पेट पर किस करना लगा चूमते हुए उन्नत नाभि तक और फिर सीधे चुत पै किस की सहर उठी भाभी बोली मर गयी में और मेने अपनी जिब गीली चुत में डाल दी और चूसने लगा अब भाभी से रहा नई गया मुँह हटाकर खुद निचे आयी मेरी छाती चूमते निचे मेरे लिंग पर किस की में तो सिहर उठा ‘ओह्होऊ भाभी मार दोगी क्या’ और मेरा लिंग मुँह में लेकर चूसने लगी मेरा सुपारा चाटने लगी तो थोड़ी रौशनी में मेरा सुपर गुलाबी सा चमक रहता था..

लगातार चूसे जा रा थी फिर अंदर बहार लिंग मुँह से करने लगी में झड़ने वाला था तुरंत भाभी को दूर किआ और उसकी चुत चाटने लगा जैसे मुझे टाइम मिला.

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में सीधा पलंग पर ले गया और ऊपर चढ़कर उन्मुक्त बूब्स पीने लगा निप्पल चूसने लगा जीब से पुरे दोनों बूब्स को चाटने लगा सच में अलग स्वाद था अब भाभी ने खिंच केर मुझे बाँहों में भर लिया टंगे छोड़ी कर दी मेनै कमर से पकड़कर अपना कड़क तना हुआ लिंग चुत पर रखा और अंदर डालने लगा लेकिन चुत बहोत टाइट था कंयुकि भाभी ने २ साल से सेक्स नई किआ था फिर मेने थूक लगाई लिंग पर और धीरे धीरे अंदर डालने लग भाभी उउइइइइ मर गयीईइ मा अंतिम झटका देकर पूरा लिंग ग़ुस्सा दिए छटपटा उठी भाभी आए मार दिया..

कुछ सेकंड बाद उससे मज़ा आने लग्गा अब मेने स्पीड बाद दी घपहप की ाववज़े आने लगी चुदाई की चुत अंदर से बिलकुल गीली
थी मेरे लिंग के लिए क्रीम का काम किआ वोह झड चुकी थी मेने अब ज़ोर ज़ोर से झटके देने शरू, किये और करीब ५ मिनट बाद मेने पूरा अपना गरम लावा चुत में छोड़ दिया भाभी की भी चुत का पानी और मेरा पानी मिलकर एक गरम अहसास दे रहे थे अब में भाभी के ऊपर पड़ा रहा १० मिनट तक दोनों थक गए थे और में बालों में हाथ भी फेर रहा था बूब्स पै गलों पै गुलाबी होठों पै.

फिर दोनों उठे बैडरूम में ही वाश रूम था दोनों फ्रेश हुए भाभी ने गाउन पहना में त्यार हुआ और हॉल में आये एक जोदार चुंबन भाभी के रसीले होठों पे दिए तो मेरी जीब को चूसने लगी बोली बहोत टेस्ट है आपके अंदर फिर कभी आओगे मेने कहा भाभी रोज़ तो नहीं क्यूंकि आप विधवा हो बच्चे है ससुर है समाज भी है तो कभी कभी मिलेंगे और खूब मस्ती करेंगे ऐसा कहकर में बहार आया और घर आकर रात को सोया तो भाभी के साथ बिताये अनमोल पल याद आ रहे थे कब आँख लगी पता ही नहीं चला .

तो दोस्तों ये थी मेरी रियल विधवा के साथ सेक्स स्टोरी, मेँ जो भी स्टोरी लिखूंगा रियल ही लिखूंगा मेरा वादा है, बस आपका प्यार होना चिहिए अगर पसंद आये तो और न आये तोभी आप अपनी राय ज़रूर दीजियेगा ताकि में मेरी अगली रियल कहानी अच्छी तरह से लिख सकू..

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