पडोसी आंटी की झाम के चुदाई की

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम राहुल है, में अभी 29 साल का हूँ और अभी कॉलेज में हूँ। में महाराष्ट्र का रहने वाला हूँ। मेरे घर के पास वाले घर में एक आंटी रहती है, उनका नाम मालती है, उनकी उम्र 39 साल है। वो बहुत ही मस्त औरत है, क्या फिगर है उसका? वो ऊपर से लेकर नीचे तक बहुत मस्त माल है। मेरा मन तो करता है कि उसे देखता ही रहूँ, क्या गजब का बदन है उसका? में जब भी उसको देखता हूँ तो मेरा लंड खड़ा हो जाता है और बस मेरा मन करता है कि उस साली को चोद दूँ। अब बस दिन रात में यही सपने देखता रहता था। में कभी-कभी उनके घर जाया करता था, जब मम्मी किसी काम से भेज देती थी। उसका एक बेटा है, जो 8वीं क्लास में पढ़ता है, उसकी गणित बहुत कमजोर थी, तो उन्होंने मुझसे पूछा कि क्या में उसको गणित पढ़ा दूँगा? तो में तुरंत तैयार हो गया।

फिर में रोज दोपहर को 2 बजे उसको पढ़ाने जाने लगा। अब मेरी मालती से काफ़ी बात होने लगी थी। अब जब भी में उसके बेटे को पढ़ाता, तो वो मेरे पास ही रहती थी। अब मैंने उसकी तरफ ज्यादा ध्यान देना शुरू कर दिया था तो मुझे लगा कि वो अब काफ़ी सेक्सी कपड़े पहनती है। अब जब कभी वो साड़ी पहनती है तो उसका ब्लाउज काफ़ी कसा हुआ होता था, जिसकी वजह से उसकी 40 साईज की चूचीयाँ तनी हुई रहती थी और उसकी साड़ी भी उसके चूतड़ों पर भी काफ़ी कसी हुई रहती थी, उसकी चूचीयाँ बहुत बड़ी-बड़ी थी जिसे देखकर ही मेरा लंड बुरी तरह से खड़ा हो जाता था और वो जब कभी भी सलवार पहनती थी, तो वो भी बहुत कसी हुई होती थी और ऊपर से बड़े गले वाला जिसकी वजह से उसकी चूचीयाँ बहुत ही सेक्सी लगती थी और उसकी गांड भी एकदम कसी हुई रहती थी। उसकी गांड का साईज भी 44 था और कमर 34, वो पूरी की पूरी जबरदस्त माल थी, आस पास के काफ़ी लोग उसके चक्कर में थे।

फिर एक दिन जब में उसके लड़के को पढ़ा रहा था, तो वो मेरे सामने वाले सोफे पर बैठी थी। उस दिन उसने गुलाबी रंग की साड़ी पहनी हुई थी और बहुत ही कसा हुआ ब्लाउज पहना था, ऐसा लगता था कि वो उसकी चूचीयों की साईज़ से काफ़ी छोटा था, तो तब भी उसने पहन रखा था, वो बड़ी ही मस्त लग रही थी। अब में थोड़ी-थोड़ी देर में उसको देख लेता था, तो कभी कभी उससे नजर भी मिल जाती थी। वो कोई किताब पढ़ रही थी तो तभी वो किताब गिर गयी, तो वो उसको उठाने की लिए झुकी, हाए क्या गजब का नज़ारा था? एकदम कसी हुई दो बहुत ही मोटी-मोटी चूचीयाँ अब मेरे सामने थी। उसने ब्लाउज बहुत ही लो-कट का पहना था, तो मुझे उसकी काफ़ी चूचीयाँ दिख गयी थी। फिर वो किताब लेकर पढ़ने लगी, लेकिन उसने अपनी साड़ी का पल्लू ऊपर नहीं किया था।

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अब उसकी कसी हुई मोटी-मोटी चूचीयाँ उसके ब्लाउज में कसी हुई साफ-साफ दिख रही थी। फिर वो ऐसे ही काफ़ी देर तक पढ़ती रही और मेरे लंड का बुरा हाल होता रहा और फिर वो बाद में उठकर चली गयी। फिर एक दिन जब में उसके घर गया तो पता चला कि उसका लड़का अपने फ्रेंड के यहाँ गया है, तो मैंने कहा कि ठीक है तो में चलता हूँ। तो वो बोली कि चले जाना थोड़ी देर रूको, तो में रुक गया। फिर मैंने उसको गौर से देखा, तो उसने आज नाइटी पहनी हुई थी, वो भी काफ़ी सेक्सी। अब उसके अंदर का सब कुछ साफ-साफ दिख रहा था, उसने अंदर काली ब्रा और पेंटी पहनी हुई थी। अब उसकी पेंटी तो उसके चूतड़ों में एकदम फंसी हुई थी। अब मेरा लंड पूरी तरह से तन गया था, जो मेरी पैंट के ऊपर से साफ- साफ दिख रहा था। अब वो भी मेरे लंड को ही काफ़ी ध्यान से देख रही थी। फिर उसने मुझसे पूछा कि तुम कुछ लोगे? तो मैंने कहा कि कोल्ड ड्रिंक, तो वो कोल्डड्रिंक लाने के लिए चल दी। अब में उसके चूतड़ों को देख रहा था, वो इधर उधर मटक रहे थे, वो गजब की सेक्सी लग रही थी। दोस्तों ये कहानी आप चोदन डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

फिर वो कोल्डड्रिंक लेकर आई और मुझे दी। फिर वो कोल्डड्रिंक देने के लिए जैसे ही झुकी, तो मुझे उसकी चूचीयाँ की दरार दिखाई देने लगी। अब में उसको ही देखने लगा था और ड्रिंक लेना ही भूल गया था। फिर वो भी कुछ नहीं बोली, अब उसको पता चल गया था कि में उसकी चूचीयों को देख रहा हूँ। फिर मुझे याद आया कि मुझे ड्रिंक लेना है तो मैंने जल्दी से ले लिया। फिर वो बोली कि इतनी भी क्या जल्दी है? आराम से देख लो, फिर ले लेना। तो में उसकी बात सुनकर हैरान रह गया। अब में समझ गया था कि वो भी तैयार है। फिर मैंने कहा कि नहीं अब में ड्रिंक पीकर, फिर इन्हें अच्छे से नंगी करके देखूँगा। तो वो बोली कि इसमें कौन सी बड़ी बात है? में ही तुझको अपनी चूचीयाँ दिखा देती हूँ और फिर वो अपनी नाइटी उतारने लगी, तो मैंने कहा कि अभी नहीं मेरी जान, तुझको में अपने हाथों से नंगा करूँगा। तो वो बोली कि हाँ ये भी ठीक है, मुझको नंगा करते समय तुम अच्छे से मेरी जवानी के मज़े ले लेना और फिर वो मेरे पास आकर बैठ गयी और में उसके बदन को छूने लगा, आज मेरी दिल की मुराद पूरी हो रही थी। उसका बदन वाकई में काफ़ी गजब का था, एकदम मुलायम और चिकना।

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अब मुझे उसको सहलाने में बहुत मज़ा आ रहा था। फिर मैंने उसकी नाइटी को ऊपर सरकाना शुरू किया और धीरे-धीरे उसकी नाइटी उतार दी। अब वो सिर्फ़ ब्रा और पेंटी में ही रह गयी थी, हाए क्या गजब का माल लग रही थी? फिर मैंने उसके होंठ चूमने शुरू किए और उसकी चूचीयों को भी दबाने लगा। अब वो धीरे-धीरे गर्म हो रही थी। फिर उसने मेरी शर्ट और पैंट उतार दी, अब में सिर्फ़ अंडरवेयर में था। फिर वो मेरे खड़े हुए लंड को देखने लगी, जो मेरी अंडरवेयर से बाहर आ गया था, मेरा लंड बहुत ज़्यादा मोटा और लंबा नहीं है सिर्फ़ 7 इंच लंबा है, लेकिन एक बात उस दिन मालती की चुदाई करने के बाद मुझे पता चला कि में काफ़ी देर तक चुदाई कर सकता हूँ। ख़ैर फिर उसने धीरे से मेरा लंड बाहर निकाल लिया और उसको चूसने लगी।

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