पड़ोसन की चुदाई

हेलो दोस्तो, कैसे हो आप सब ?

मै महेश फिर से अपना खड़ा  लॅंड ले के अपनी नयी  आपबीती ले के हाजिर हू आप सब के सामने।

ये आपबीती 1-2 मई 2020 की है। आप सबको बता दूँ की इस बार होली की छुट्टी मे जब मई परिवार ले के घर गया तो माता जी ने कुछ  टाइम तक परिवार  को गावँ रुकने के लिए बोला. तो मै भी मान गया और होली के बाद मै अकेला ही देल्ही आ गया।

और फिर कुछ ही दिन बाद करोना का प्रकोप शुरू हो गया जिस से मै बुरी तरह यहा अकेला ही फस गया. ये तो ऐसा समय आ गया के खाने के साथ साथ चूत की समस्या भी आ गया।

दिन काट ही रहे थे के एक दिन बीबी का फोन आया के उसके मयके के पड़ोस की एक लड़की यही देल्ही  मे किसी गर्ल्स हॉस्टिल मे फसि है और अब वाहा की सारी लड़किया हॉस्टिल खाली कर के जा रही है तो हॉस्टिल वाला इसे भी खाली करने के लिए बोल रहा है. लेकिन करोना की वजह से ये अपने

घर भी साधन ना होने की वजह से नही जा सकती और उसका कोई जानने वाला यहा रहता भी नही है. तो उसके परिवार वेल मेरी बीबी से बोल रहे है के ओ मेरे साथ आ के रह ले जब तक कुछ आने जाने की व्यस्था नही हो जाती।

लेकिन मुझे पता था क ऊश्के आने के बाद मेरे लिए बंदिस हो जाएगी  तो मैने पहले तो माना किया लेकिन बीबी के दबाव के बाद मई भी मान गया.

क्योकि वो हमारे घर से 4-5 किमी  दूर रहती थी तो अगले दिन ही मै उसको अपने घर ले के आ गया. पहले तो मेरे मन मे उसको लेके कोई भी गलत ख़याल नही था लेकिन जब उसको देखा तो मन मे तूफान उठ गया क्यो की उसका ड्रेसिंग सेन्स और वो दोनो ही बहुत हॉट थे. उसके आने के बाद मेरे खाने की समस्या ठीक हो गयी और ऐसे ही 3-4 दिन काट गये. दिन भर या तो हम टीवी देखते या फिर बाते करते. ससुराल साइड की होने की वजह से मै उस से काफ़ी मज़ाक भी किया करता था और वो भी हस के प्रॉपर रिप्लाइ करती.

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एक रत खाना खा के हम दोनो टीवी देख रहे थे मेरे ही रूम मे तो वो वही सो गयी फिर मैने भी उसे नही जगाया और टीवी देख के मै भी लेट गया . और जैसा के मैने बताया क काफ़ी दिन से चूत का इंतज़ाम ना होने की वजह से मै

काफ़ी परेसान था और आज जब एक नया माल मेरे बगल लेटा था तो काफ़ी प्रयास के बावजूद नीद मेरी आँखो से काफ़ी दूर थी और दिल की धड़कन काफ़ी तेज।  एक डर भी था के अगर मैने इसके साथ कुछ किया और ये नाराज़ हो गयी तो यहा से ले कर  ससुराल तक बड़ी बदनामी हो जाएगी।

लेकिन लोग कहते है ना जब चुदाई का भूत सर पर सवार हो तो आदमी अँधा हो जाता है. काफ़ी देर परेसान होने के बाद मै उसकी तरफ सरक गया और सोने का नाटक करने लगा।  फिर धीरे धीरे मैने अपना हाथ बढ़ा कर उसके पेट पर रख दिया. काफ़ी देर बाद जब ये कन्फर्म हो गया के वो सो रही है तो मैने अपना हाथ उसकी चुचियो पे रख दिया और शांति से लेटा रहा और सामने से कोई हलचल ना होने की वजह से मैने धीरे धीरे उसकी चुचियो को सहलाना सुरू किया लेकिन वो इतनी गहरी नीद मे सो रही थी की मेरे सहलाने का कोई फ़र्क उसे नही पड़ा।  मेरी हिम्मत बढ़ती गयी और मैने अपना एक हाथ उसकी लोवर के उपर रख दिया और धीरे धीरे उपर से ही उसकी चूत को भी सहलाने लगा अब मेरा अपने उपर से सारा कंट्रोल ख़त्म होता जा रहा था।

फिर मैने उसकी त-शर्ट को धीरे से उपर किया और उसकी ब्रा के उपर से ही थोड़ा सा ज़ोर दे के चुचियो को सहलाने लगा।  ऐसा करते 10 मिनिट ही हुए

थे के कुछ हलचल हुई और वो जो सीधी लेती थी वो मेरी तरफ पीठ करके लेट गयी और उसकी नंगी पीठ मेरे सामने आ गयी।

लेकिन मुझे एहसास हुआ के सयद वो भी जाग रही है और मेरी हरकतो के मज़े ले रही है।  जिस से मेरी हिम्मत और भी बढ़ गयी और पीछे से मैने उसके ब्रा का हुक्क खोल दिया और फिर उसकी नंगी चुचियो के उपर अपना हाथ रख के सहलाने लगा और धीरे धीरे ज़ोर देने लगा और एक हाथ से पहले उपर से और थोड़ी देर बाद उसकी लोवर के अंदर से उसकी चूत को सहलाने लगा।

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मेरे इतना करने से उसकी साँसे काफ़ी तेज होने लगी और फिर मैने उसे सीधा किया और उसके होंठो पे किस करने लगा फिर उसके चुचियो को अपने मुह मे ले कर उसके निपल को चूसने लगा. मेरे इतना करने के बाद वो भी पागल हो गयी और आँख बंद करके ही बिना कोई बीरोध किए मेरा साथ देने लगी।  फिर मैने उसके त-शर्ट को और उसके लोवर को पैंटी के साथ पूरा उतार दिया और अपने भी सारे कपड़े उतार फेके।

अब हम दोनो मदरजात नंगे थे. फिर मैने उसे खूब किस किया , चुचियो को ज़ोर ज़ोर से मसला, चुचियो को खूब चूसा और धीरे से नीचे जा के उसकी

दाहक्ती चूत पे अपना होत रख के चाटने लगा और उसका भी सब्र का बाँध टूट चुका था और अब वो भी खुल के आहे भर रही थी और फिर उसने धीरे से कहा के जीजा जी अब नही सहा जा रहा है प्लीज़ अब चोद दीजिए।

लेकिन मैने उसकी एक ना सुनी और उसकी चूत को ज़ोर ज़ोर से चूसने और काटने लगा और अपने हाथ उपर ले जा के उसकी चुचियो को भी मसलने लगा।

जब मुझे लगा के अब ज़्यादा देर करना ठीक नही है तो मै उसके उपर आ गया और अपना लंड उसके मूह के पास ले जाकर उसको चूसने का इसारा किया तो वो भी मूह खोल के मेरा लंड प्यार से चूसने ल्गी और मस्त हो के खूब चुसाई की और मैने अपनी उंगली उसकी चूत  डाल दी और उसको उंगली चुदाई का मज़ा देने लगा।

फिर मैने अपना लंड उसके मूह से निकल कर उसकी गांद के नीचे 2 तकिया रख के उठाया और उसके उपर लेट कर लीप लोक करके किस करने लगा फिर धीहरे से अपना कड़क लंड उसकी धधकति चूत के उपर रख कर दबाया और गीली चूत होने की वजह से मेरे लंड उसकी गीली टाइट चूत मे जाने लगा उसे हल्की दर्द भी हुआ मेरे मोटे लंड की वजह से /  लेकिन  2-3 बार मे मेरा लंड उसकी छूट की गहराई मे समा चुका था।

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