पड़ोसन की नाज़ुक चुत का भोसड़ा बनादी 2

मेरी सगाई हो गई और जिस दिन मेरी सगाई थी और उसके अगले दिन अनु ने मुझे फोन करके छत पर मिलने आने के लिए कहा और में उससे मिलने हमारी छत पर चला गया, जहाँ वो मुझसे मिलने के लिये इन्तजार कर रही थी. मेरी सगाई होने की बात को लेकर बहुत दुखी थी और वो अब ज़ोर ज़ोर से रोने लगी, लेकिन मेरे पास अब कोई रास्ता नहीं था, इसलिए मुझे सगाई करनी पड़ी.

कुछ देर में छत पर उसको समझाता मनाता रहा. उसके बाद में वापस आ गया और उसके कुछ दिनों बाद ही मेरी शादी हो गयी और मेरी शादी के दो साल के बाद उसकी भी शादी हो गई और वो अपने ससुराल चली गई. मुझे पता चला कि उसका पति दिल्ली में कहीं काम करता था और उसके कुछ दिनों बाद अग्रवाल साहब हमारे पास वाले घर को छोड़कर किसी दूसरे घर में रहने चले गए और में अपने शादीशुदा जीवन में व्यस्त हो गया, लेकिन इस दौरान मैंने बहुत सारी कुंवारी और शादीशुदा औरतों को अपनी बातों में फंसाकर उनकी चुदाई की और उनके साथ सेक्स के बहुत सारे मज़े लूटे.

एक बार में अपनी बहन के घर पर दिल्ली गया हुआ था. तब मेरी बहन ने मुझसे कहा कि दो दिन पहले अनु मेरे पास आई थी और वो मेरे साथ कुछ घंटे बातें करके अपने घर पर चली गई.

मैंने तुरंत अपनी बहन से पूछ लिया कि वो कहाँ रहती है, उसका मकान कहाँ पर है? तो मेरी बहन ने मुझे उसके घर का अधूरा पता दे दिया, क्योंकि उसको भी पूरा पता मालूम नहीं था, लेकिन अपनी बहन से अनु का फोन नंबर पूछने की मेरी बिल्कुल भी हिम्मत नहीं हुई और अब में अपनी बहन की फोन डायरी उठा लाया, जिसमें बहुत सारे फोन नंबर लिखे हुए थे और अब में नंबर देखने लगा और बहुत देर तक ढूंढने के बाद मुझे उसमें से उसका फोन नंबर मिल गया. मैंने उसका नंबर अपने मोबाइल में लिख लिया और में अपने घर पर वापस आ गया.

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उसके कुछ दिनों तक में लगातार बस यही बात सोचता रहा कि क्या में उसको फोन करूं या ना करूं और एक दिन मैंने थोड़ी सी हिम्मत करके उसको फोन लगा दिया और उसने मुझसे बहुत देर तक बातें की. तभी मुझे उससे पता चला कि उसके पापा अब इस दुनिया में नहीं है, उनकी कुछ साल पहले दिल का दौरा पड़ने से म्रत्यु हो चुकी है.

उससे इस बात को सुनकर मुझे बहुत दुख हुआ और वो भी मुझसे बातें करते समय थोड़ा सा उदास हो गई, लेकिन मैंने उससे हंसी मजाक शुरू कर दिया, जिसकी वजह से उसका थोड़ा सा मूड अच्छा हो गया और उसके बाद मैंने बात खत्म करके फोन बंद कर दिया. दोस्तों सच पूछो तो में मन ही मन उससे इतने दिनों के बाद बात करके और उसकी आवाज सुनकर बहुत खुश था.

अगले दिन मैंने उसको दोबारा उसके नंबर पर फोन लगाया, लेकिन उसने मुझसे कुछ ठीक तरह से बात नहीं की तो मैंने भी उससे ज्यादा बात नहीं की थी. करीब 15 दिन बाद उसका फोन मेरे मोबाईल पर आया. उसके बाद हम दोनों अब हर रोज एक दूसरे को फोन करने लगे. कुछ दिनों बाद वो मुझे दिल्ली आकर मिलने को कहने लगी और में उससे मिलने की बात को बहुत दिनों तक सोचता रहा और एक दिन में दिल्ली चला गया.

उसने मेरा अपने घर पर बहुत अच्छी तरह से खुश होकर स्वागत किया, में उसको देखकर बहुत चकित हुआ, क्योंकि वो तो अब पहले से भी ज्यादा सुंदर लगने लगी थी और उसके बूब्स, गांड का आकार पहले से बहुत उभर चुका था. में वहां पर बस दो घंटे रहा और हमने खुलकर कब बात की, जब में वापस घर आने को हुआ तो उससे पहले तक में बस उसको घूर घूरकर देखता ही रहा और वैसे मेरी इस हरकत का उसको भी अंदाजा था कि मेरी नजर उसके बदन को खा जाएगी.

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मैंने उसको गले लगने को बोला, तो वो बोली नहीं. मैंने पूछा कि क्यों क्या हुआ तो वो मुझसे बोली कि में तुम्हारी दीवानी हो जाऊँगी. मैंने उसको इस बात के लिए ज्यादा दबाव नहीं दिया और में वापस अपने घर पर आ गया और उसके बाद से हमारे फोन का सिलसिला ऐसे ही चलता रहा. 15 दिन बाद में दोबारा उसके घर पर चला गया और उस दिन मैंने चाय पीने के बाद उसको अपनी बाहों में ले लिया और उसको चूमना शुरु कर दिया.

मैंने उसको चूमते- चूमते उसको बेड पर गिरा दिया और उसकी साड़ी को ऊपर कर दिया. मेंने अपनी पेंट की चैन को खोल दिया और अपना तना हुआ लंड उसकी चूत में डाल दिया और मैंने उसको धक्के देना चालू कर दिया और करीब पांच मिनट में हम दोनों झड़ गये. उसके बाद भी मैंने उसको चूमना चालू रखा, जिसकी वजह से मेरा लंड एक बार से तनकर खड़ा हो गया और मैंने उससे पूछा कि कंडोम है क्या? तो वो बोली कि हाँ तो मैंने उससे कहा कि जल्दी से ले आओ, वो उठकर कंडोम लेने दूसरे कमरे में गयी. तब तक मैंने अपने सारे कपड़े उतार दिए, जैसे ही वो कंडोम लेकर आई तो मैंने उसको भी पकड़कर पूरा नंगा कर दिया और उसके बूब्स को चूसने दबाने लगा. ये कहानी आप हिंदी पोर्न स्टोरीज डॉट ऑर्ग पर पढ़ रहे है..

कुछ देर बाद मैंने उससे कहा कि अब तुम मेरा लंड चूसो तो उसने साफ मना कर दिया. मैंने अपनी तरफ से उस बात पर बहुत ज़ोर दिया और वो मान गई, लेकिन पहले उसने मुझसे मेरे लंड को धोने के लिए कहा और मैंने उठकर बाथरूम में जाकर अपने लंड को धो लिया और उससे बोला कि वो भी अपनी चूत को धो ले.

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