ऑफिस में काम की नहीं चुदाई की मज़ा लिया

इस मंच पर लेखक लेखिकाएँ अपनी कहानियों को अपने अनुभव को आपके समक्ष प्रस्तुत करते हैं लेकिन इसका यह मतलब नहीं होना चाहिए हम किसी की भी निजी जानकारी को आपके समक्ष रख दें.

अब समय बर्बाद ना करते हुए अपने कहानी पर आता हूँ.

मेरा काम बिजली के उपकरण बनाने और बेचने का है.

एक दिन दोपहर में मैं अपने ऑफिस में अकेला बैठ कर कुछ काम कर रहा था.
मेरे दुकान पर एक लड़की आई और उसने मुझसे पूछा- आपके पास काम मिलेगा क्या?
तो मैंने उससे पूछा- आपने कहीं काम किया है पहले?
वो बोली- हां किया है लेकिन वहां का माहौल कुछ ठीक नहीं है इसलिए उस काम को मैं छोड़ना चाहती हूं.
तो मैंने कहा- ठीक है, अपना नंबर मुझे दे दो, मैं आपको बताऊंगा.

उसने अपना नाम चंदा बताया (बदला हुआ). उसने अपना नंबर मुझे नोट करवाया.
मैंने उसको कहा- तुम अपने पुराने ऑफिस से वर्क एक्सपीरीयेंस लिखवा कर लाना.
उसने सैलरी के बारे में पूछा तो मैंने 5000 बताया. इसी तरह की बातचीत हुई.

मैं उसके बारे में बताता हूं उसका कद लगभग सवा पांच फुट पतली दुबली गोरी चिट्टी मस्त माल थी, बहुत ही सेक्सी लग रही थी. उसको मैं पहली बार देख कर मर मिटा था, मैंने सोचा था कि कैसे भी उसको चोदना है.

वो मेरा विजिटिंग कार्ड ले गई.

2 दिन बाद वो नहीं आयी तो मैंने उसको फोन किया और उससे पूछा- तुम आयी नहीं?
तो उसने कहा- मैंने अपनी मम्मी से बात की तो उनको सैलरी कम लग रही है.
मैंने कहा- ठीक है, कुछ दिन काम करोगी तुम्हारे काम को देखकर सैलरी बढ़ा दूंगा. अभी तुम इतने पर ही काम शुरू कर दो.

उसके बाद उसने व्हाट्सएप पर चैटिंग करना शुरू कर दिया.
उसने बताया- मेरी जरूरत कुछ ज्यादा ही है इसलिए सैलरी 5,000 कम लग रहा है.
मैंने कहा- तुम्हारे काम को देखते हुए सैलरी बढ़ा देंगे.
वो बोली- सोच कर बताती हूं.

फिर मैंने उससे कहा- तुम मुझे अपने काम से खुश रखोगी तो सैलरी में कमी भी नहीं होगी.
तो उसने कहा- मैं प्रयास करूंगी, काम जी लगाकर करूंगी.

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उसने अपना डीपी व्हाट्सएप पर जो लगाया था, उसमें वो बहुत सेक्सी लग रही थी. डीपी को पोस्ट करके मैंने उससे कहा- तुम बहुत खूबसूरत हो.
इस पर उसने कहा- मैं मैरिड हूं.
मैंने कहा- तुम्हें देख कर यह नहीं लगता है कि तुम शादीशुदा हो.
वो बोली- मेरा एक बेबी भी है.

मैंने कहा- नहीं लगता कि तुम एक बच्चे की मां हो. फिगर को बहुत मेंटेन कर रखा है तुमने!
तो उसने कहा- अच्छा जी!
मैंने उससे कहा- हाँ बिल्कुल.

वो बोली- तो सर … जो सैलरी 5000 रूपये आप दे रहे हैं उससे मेरा काम नहीं चल पाएगा, इसे थोड़ा बढ़ा दीजिए.
फिर मैंने कहा- तुम काम पर आओ तो सही … सैलरी का भी देख लेनेगे.

इसी तरह हमारी चैटिंग चलती रही. फिर उसने परसों आने को बोल कर गुड नाइट के साथ बात बंद कर दी.

जब वो कुछ दिन बाद भी नहीं आई तो मैंने उससे फोन करके पूछा- क्या हुआ? तुम आयी नहीं?
तो उसने बताया- मैंने 7000 में जॉब कर लिया है.
मैंने कहा- चलो कोई बात नहीं, मैं तुम्हारा नंबर सेव कर ले रहा हूं और हाल-चाल तुमसे लेता रहूंगा.
उसने कहा- ठीक है.

मुझे लगा कि इसकी चूत मेरे हाथ से निकल गई.

उसके बाद एक हफ्ते बाद मैंने उससे हाय लिख कर मैसेज किया तो उसने भी हाय में रिप्लाई किया.
फिर मैंने हाल चाल पूछा.
उसने कहा- ठीक है.
मैंने उससे पूछा- क्या हो रहा है?
तो उसने कहा- मैं जॉब खोज रही हूं.
मैंने कहा- तुम्हें तो जॉब मिल गया था ना?
तो उसने कहा- हाँ … पर वो जगह काफी दूर पड़ रही है. इसलिए नया जॉब खोज रही हूं.

मैंने कहा- आ जाओ मेरे पास!
तो उसने कहा- आप मुझे सैलरी बहुत कम दे रहे हैं.

यूं ही चैट करते हुए मैंने 6000 रूपये सैलरी बता कर उसे पक्का कर दिया, अपने पास जॉब पर आने के लिए राजी कर लिया. क्योंकि मुझे उसकी चूत चाहिए थी.
फिर मैंने उसको अगले दिन शाम को ऑफिस पर बुलाया.

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जब वह मेरे ऑफिस में आई तो मैंने उसको अपने बगल की कुर्सी पर बैठाया और पूछा- तुम्हारा फिगर बहुत मस्त है और तुम बहुत खूबसूरत हो.
और मैं उसकी जांघ पर हाथ फेरते हुए कहने लगा.

और वह हंसकर बात कर रही थी, कहने लगी- इसीलिए मुझे जॉब पर रखा है और मेरी तारीफ़ कर रहे हैं.
फिर मैंने उसके गालों पर उंगली हुए फेरते हुए कहा- मैं खूबसूरत लोगों को निराश नहीं करता हूं. चलो मैं तुमको 6 नहीं 6.5 हजार दूंगा. पर मुझे खुश करना होगा.
वह कहने लगी- मैं कोशिश करूंगी, मन लगाकर काम करूंगी.
मैंने कहा- तुम अगर मेरा ध्यान रखोगी तो तुम हमेशा खुश रहोगी.

इसके बाद वह सोमवार से आने को कह कर चली गई.

उसने मेरे पास जॉब ज्वाइन कर लिया. कुछ दिन मैंने उसे नहीं छेड़ा यह सोच कर कि अभी इसे यहाँ रमने देता हूँ.

फिर विश्वकर्मा पूजा के दिन छुट्टी थी लेकिन सारा स्टाफ पूजा करने के लिए बुलाया हुआ था मैंने.
पूजा पाठ होने के बाद शाम को जब स्टाफ के सब लोग जाने लगे तो मैंने उसे रोक लिया.

सब लोग चले गए और जब हम अकेले थे तो मैंने उससे कहा- तुम बहुत मस्त लग रही हो. तुम्हें देख कर लगता ही नहीं है कि एक बच्चे की मां हो.
मैं उसकी पीठ पर धीरे धीरे हाथ फेरने लगा.
उसने अंदर ब्रा पहनी थी, मैं उसकी ब्रा की पट्टी को छेड़ने लगा और उसकी पीठ सहलाने लगा.

मेरी मंशा वो समझ गयी और घबराने लगी.
तो मैंने उससे कहा- डर क्यों रही हो?
उसने कहा- ये आप क्या कर रहे हैं?
मैं बोला- तुम्हें अच्छा नहीं लग रहा क्या?

वो कुछ नहीं बोली.
मैंने कहा- बोलो कुछ?
और मैं उसकी पीठ पर हाथ फिराता रहा.
वो बोली- मुझे डर लग रहा है कि आप मुझे काम से निकाल ना दो.
मैंने कहा- ऐसा कुछ नहीं है, बस तुम मेरा ख्याल रखो.

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