नेहा की रसोईघर में चुदाई

लदी जोर्ने क लिए मेरी पहली (वो सात दिन ( वित राज अट देल्ही)) और दूसरी (ट्रेन का सफ़र अंकल क साथ (रिटर्निंग फ्रॉम देल्ही तो बंगलोरे)) पढ़ें.

गाड़ी सुबा 8:30 पे स्टेशन पे पहुँची. हम समान लेके बाहर आ गये. मैने अंकल से पूछा की उन्हे कहाँ जाना है, तो उन्हो ने अड्रेस बताया, वो बिल्डिंग मेरे बिल्डिंग के पास ही थे. तो हमने टॅक्सी शेर कर ली.

रास्ते में मैने अंकल से पूछा की क्या दुबारा कभी नेहा के साथ सेक्स किया या फिर ये इक बार ही हुआ. मेरी बात सुनके अंकल हासणे लगे. आब उन्हो नें आयेज की कहानी शुरू की.

जब मैं सुबा उठा तो नेहा सो रही थी, बिल्कुल नंगी थी, उसका बदन बिल्कुल जन्नत की पारी की तरह लग रहा था. मैने एक चदडार उसपे दे दी और नहाने चला गया. जब मैं वापिस आया तो नेहा बिस्तेर पे नही थी. मई रसोई की तरफ गया आंदेर देखा तो मैं तो नेहा को देखता ही रह गया, उसने एक मिनी स्कर्ट पहनी थी और टॉप पहना था, और वो शेल्फ पे खड़ी कुछ ढूंड रही थी.

फिर क्या था मैं धीरे से उसके पास गया उसकी स्कर्ट उपेर की और पेंटी को तोड़ा नीचे कर क उसकी गांद चूमने लगा. तभी नेहा बोली क्या कर रहे हो पापा, मैं बोला की नाश्ता कर रहा हूँ. आज मैं यही नाश्ता करूँगा. नेहा बोली क्या अपनी बेटी को भूखा रखोगे? मैं बोला बोल बेटी तुझे क्या चाहिए. तो वो बोली आप नीचे लेट जाओ. मैं लेट गया वो मेरे मूह पे पूट्ी करने की पोज़िशन में बैठ गई, वो बोली पापा आची तरह नाश्ता कर लो फिर मैं भी कारूगी. मैं उसकी गांद च्चतटा रहा, फिर वो धीरे से आयेज झुकी और मेरे उओएर उल्टी लेट गई, मेरा लंड अपने मूह में ले लिया और छूट मेरे मूह क पास कर दी. हम ऐसे ही लगभग 10 मिनिट्स तक एक दूसरे को च्चटटे रहे.

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फिर मैने उसे उठने को बोला और बोला की घोड़ी बन जाए. उसने ऐसे ही किया, मैने तिदा से गीयी लिया और उसकी गांद पे लगाया. फिर एक उंगली उसमें घुसा दी, वो बोली पापा आप ग़लत जगह डाल रहे हैं, मैं बोला बेटी ये सही जगह है इसमें भी तुझे बहोट मज़ा आए गा, वो बोली आप तो पुर बेटीचूड़ बन गये हो पापा. मैं बोला साली रंडी तू भी तो अपने ही बाप को अपना नंगा बदन दिखा रही थी मैं भी तो इक मर्द हू तुझे शरम नही आई, तू तो शहर जा क रंडी बन गई है. वो बोली आजा राजा आज लूटले आपनी बेटी की जवानी फाड़ दे गांद मेरी. इसके साथ ही मैने इक और उंगली उसकी गांद मैं घुसा दी और आयेज पीछे करने लगा. कीच देर बाद मैने तीसरी उंगली भी घुसा दी.

फिर कुछ देर बाद मैने आपने लंड पे गीयी लगाया और उसकी गांद में घुसा दिया और वो चिला उठी हआइईई……..माआअ……….माआईयईईईईई………….माअरर्र्र्र्ररर………गाऐयईईईईई……….

मैने उसकी खूब गांद मारी. फिर मैं खेत में चला गया, डोपेहेर को वो खाना ले क खेत में आई, फिरसे टाइट वाला सूट पहना था, मैने फिर उसे खेत में चूड़ा.

पूरा एक वीक उसे मैने एक रॅंड की तरह रखा. उसे कपड़े बहोट कम पहनने दिए. जब मेरी बीवी वापिस आ गई तो छ्चोड़ना तोड़ा कम हो गया. फिर कुछ दीनो बाद वो वापिस हॉस्टिल चली गई, फिर जब भी वो चुट्टियो में घाट आती मैं उसे चूड़ता. मेरी बीवी घर पर ही होती फिर भी जब भी मोका मिलता मई उसे चूड़ देता हूँ.

जब मेरी बीवी खेत में होती है तो मैं उसे घर में चूड़ता हूँ, जब वो घर होती है तो मैं उसे खेत में चूड़ता हूँ.

आब तो मेरे दोनो हाथ गीयी में हैं कभी अपनी बीवी को छोड़ता हो कभी बेटी को. कई बार तो मुझे नेहा ने आपनी मा को भी छोड़ते देखा है, पर जब भी वो मुझे अपनी मा को छोड़ते देखती है वो बहोट जेलस फील करती है.

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अंकल की बातें सुनके मेरा नेहा को मिलने का दिल करें लगा. मैने और अंकल ने अपने नंबर्स एक्सचेंज किया. अंकल को नेहा की बिल्डिंग के नीचे ड्रॉप किया और आपने घर की तरफ चल पड़ा.

जब मैं टॅक्सी से समान उतार रहा था तो देखा की अंकल का एक बाग मेरे समान क साथ ही आ गया है. मैं अप्पर अपने फ्लॅट में गया डोर खोल क समान रखा, घर में कोई नही था क्यू की सभी लोग वर्ल्ड तौर पे गये थे.

फिर मैने अंकल को फोन किया, उन्हे बताया की उनका एक बाग मेरे समान में आ गया है. वो बोले की कोई बात नही हम शाम को ले जायें गे.

आब तो मैं बस फ्रेश हो क आपनी मा को छोड़ने की प्लानिंग और शाम होने का इंतज़ार करने लगा.

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