डांडिया के बाद दो औरतों को चोदा

Navratri Dandiya Sex Story डांडिया सेक्स स्टोरी, गरबा सेक्स स्टोरी, डांडिया डांस में चुदाई, डांडिया नाच के बाद सेक्स, डांडिया में औरतों को पटाया

2 अक्टूबर का दिन था मेरे सोसाइटी में डांडिया का डांस ऑर्गेनाइज हुआ था। मेरे सोसाइटी का हॉर्टिकल्चर है, अमीर घराने के लोग हैं। और आपको भी पता है जहां पर अमीर घराने के लोग रहते हैं अमीर लोग रहते हैं वहां पर काफी कुछ ओपन रहता है। शर्म नाम की चीज यहां कम होती है। सब अपने हिसाब से कपड़े पहनते हैं और सब मस्त जिंदगी जीते हैं। जहां पर जिंदगी तने हसीन होती है वहां की औरतें भी हसीन होती है। अगर आप हॉट और सेक्सी और सुंदर हो तो आप एक से एक बढ़कर सुंदर औरत को अपने सेक्स की भूख को मिटाने के लिए पटा सकते हो।

नॉनवेज story.com पर यह मेरी पहली कहानी है तो उम्मीद करता हूं आपको अच्छा लगेगा। कि मेरी सच्ची कहानी है। और कल की ही है ज्यादा पुरानी भी नहीं है इसलिए आज मैं इसको लिखने जा रहा हूं। मेरा नाम दीपक है मैं अपने चाचा के फ्लैट में रहता हूं चाचा मेरे दुबई में रहते हैं अभी मैं पढ़ाई कर रहा हूं। तो अकेले रहता हूं, मैं कई रंडी को चोदा हूं 2 भाभी को भी चोदा हूं। पर कल की चुदाई बहुत खास है दोस्तों मस्त औरत थी दोनों और जो सजी धजी हो अलग रूप में हो सुंदर बनी हो और आप उसको पटा ले या आप पर वह मोहित हो जाए और वह आप को सेक्स करने के लिए कहे तो आपको कितना अच्छा लगेगा।

कल 7:00 बजे से ही जिया का प्रोग्राम था। डीजे बज रहा था और कम से कम 500 लोग वहां पर नाच रहे थे मैं भी एक सुंदर सा कुर्ता पजामा पहन कर डांस में चला गया। डांस करते-करते मेरी आंखें इधर उधर महक रही थी क्योंकि एक से एक औरत एक से एक लड़की अपनी चुचियों को हिलाते हुए अपने गांड को हिलाते हुए नाच रही थी। सब मस्त होकर नाच रहे थे गोल गोल घूम रहे थे डांडिया लेकर एक-दूसरे नाच रहे थे। मैं तो अकेला था मैं ऐसे ही झूम रहा था कभी इधर कभी उधर कभी इधर कभी उधर मेरी नजर तो औरतों के गांड पर थे जो अपने कमर हिला रही थी।

तभी मुझे एक औरत दिखाई दे जो ऐसा लग रहा था कि वह अकेली है। वह नाचते-नाचते मुझे देखती मैं नाचते-नाचते उसको देखता और धीरे-धीरे करके वह करीब आ गई और मैं भी करीब आ गया। उसने मेरे से पूछा कि क्या तुम अकेले हो मैंने कहा हां मैं अकेला हूं मैं पढ़ाई कर रहा हूं मैं भी ब्लॉक में रहता हूं एक हजार पांच नंबर में। फिर मैंने भी पूछा क्या आप अकेले हो क्या उन्होंने कहा अरे हां मेरे पति अभी बाहर गए हुए हैं। तो इस बार मैं अकेली हूं नहीं तो हमेशा अपने पति के साथ ही नाचती हूं। तभी एक और औरत आ गई फिर उससे भी परिचय करवाया कि मेरी सहेली है और मेरे पति के दोस्त की पत्नी भी है। हमारे पति और उसके पति दोनों ही अभी ऑफिस के काम से बाहर गए हुए दोनों एक ही ऑफिस में काम करते हैं।

और कहानिया   पति बेकार निकला तोह गैर मर्द से हूत की प्यास भुजाइ

तो हम दोनों आज अकेले ही हैं। मैंने कहा आप दोनों के बच्चे? उन्होंने कहा अरे यार अभी हम जवान है अभी बच्चा नहीं है। सच बताओ दोस्तों मैं शरमा गया क्योंकि मैं गलत प्रश्न पूछ लिया था उन दोनों से पर उन दोनों ने भी मजाक में ही कह दिया अभी मैं जवान हूं और अभी बच्चे पैदा करना नहीं चाहती। जिंदगी के मजे लेना चाहते हो एक बार बच्चा हो गया फिर तो जिंदगी बिजी हो जाती है। फिर एकदम से एक ऐसा गाना बजा जो कि वह दोनों झूमने और मैं भी उन दोनों के साथ ही नाचने लगा अब हम तीनों मिलकर नाचने लगे। फिर मैंने पूछा कि क्या यहां पर आपके कोई जान पहचान के नहीं है। उन दोनों ने कहा कि अभी हम 10 दिन पहले ही यहां पर गृह प्रवेश किए हैं। यहां किसी से जान पहचान नहीं है।

नाचते-नाचते रात के 12:00 बज गए थे फिर उन्होंने पूछा आप कौन से फ्लाइट में रहते हो मैंने उसको बता दिया कि मैं सीतापुर में रहता हूं 1201 में। उन्होंने कहा कि चलो मेरे फ्लैट पर कोल्ड ड्रिंक्स पी कर जाना, मुझे कोई दिक्कत नहीं थी मैंने भी हां भर दिया और उन दोनों के साथ उसके फ्लैट में चला गया। उन दोनों ने कोल्ड ड्रिंक्स के जगह पर व्हिस्की निकाला और तीन पैग बनाया और फिर सोफा पर बैठ कर हम तीनों पीने लगे।

नशा जैसे-जैसे बढ़ने लगावैसे वैसे वासना की भी नशा बढ़ने लगा। हम तीनों कब एक दूसरे के करीब आ गए पता ही नहीं चला। मैं अकेला वह दो मेरे सारे कपड़े उतार दिए मेरे लंड को बारी-बारी से वह दोनों औरत चूसने लगी। उस समय तक वह दोनों अपने कपड़े नहीं खोली थी। मेरे मोटे लंड को चूसते चूसते वह अपने सारे कपड़े एक-एक कर उतार दे पहले ब्लाउज जो पीछे से डोरी बंधा हुआ था उसको खोला। फिर ब्रा के हुक को खोलकर दोनों ने एक साइड में रख दिया। यह घागरा से पहनी हुई थी घागरा को उतार दिया पैंटी भी उतार दी।मेरे कपड़े तो पहले ही उतर चुके थे वह दोनों भी जब अपने कपड़े उतार दिए और मेरे ऊपर दिल लोटने लगे दोनों, मेरे दो हाथ सामने चार बड़ी-बड़ी और टाइट बूब्स। दोनों की चौड़ी गांड को देखकर और बड़ी-बड़ी चुचियों को देखकर मेरा लंड विकराल होने लगा। वह दोनों मेरे लंड को चूस रही थी कभी यह लेती कभी वह लेती कभी यह लेती कभी वह लेती। एक एक औरत आकर मेरे होंठ को चूसने लगी उसका दोनों चूचियां मेरे छाती पर लोटने लगा था। चूचियों को पकड़कर मैं दबाने लगा।

एक औरत चूत अपना मेरे मुंह पर आकर रगड़ने लगी। उसका चूत से पानी निकल रहा था पर कई बार ऐसे वह दवा देते थे कि मेरा सांस लेना बंद हो जाता था। एक मेरे लंड को पकड़ कर अपने चूत के छेद पर रख कर बैठ गई। मेरा पूरा लंड उसकी चूत के अंदर चला गया था। अब वह ऊपर से धक्के देने लगी। अब आगे वाली जो औरत थी वह चूत के छेद को मेरे नाक के अंदर डाल दी। मुझे सांस लेने में दिक्कत हो रही थी जब वह अपनी गांड को पर करते थे तभी मैं सांस ले पाता था फिर वह जब धक्के देती थी तो मेरी सांसे बंद हो जाती थी वह मेरे नाक को चूत की तरह इस्तेमाल करने लगी थी।

और कहानिया   कैसे मैने कोमल को चोद

मेरा पूरा फेस गीला हो गया था क्योंकि उस औरत के चूत से गरम-गरम इतना ज्यादा पानी निकाल रहा था कि क्या बताऊं कुछ को मैं चार्ट गया कुछ मेरे गाल पर मुंह पर लग गया था। अब वह वापस पीछे घूम गई दूसरी औरत का सूचियों को पकड़ कर मचलने लगी उसका कांड मेरे मुंह के पास था मैं उसके गांड को चाटने लगा। जब पहली बार अपनी चूत से मेरे लंड को निकाली तो दूसरी औरत मेरे लंड को पकड़ कर अपने चूत में डाल ली। और वो आने लगी। जब एक औरत दूसरी औरत आती थी दूसरी औरतों को दबाते थे एक दूसरे को प्यार करते।

फिर दोनों लेट गई और अपने टांगो को उठा दे मैं एक एक करके दोनों को चोदने लगा। तो दूसरे वाले कभी मेरे गांड को साला रहे होते थे। तो कभी मुझे चूम रहे होते थे। मैं बारी-बारी से दोनों को चोदने लगा और दोनों को चुचियों को दबाने लगा उसके निप्पल को दांतो से पीसने लगा। कभी एक घोड़ी हो जाती तो मैं उसको पीछे से चोदता कभी दूसरी वाली बैठकर चुदवाती कभी लेट जाती दोस्तों 2 से 3 घंटे में उन दोनों ने मेरी हालत खराब कर दी थी।

वह दोनों इतनी खूबसूरत थी उसके अंग अंग बिल्कुल ऐसे लग रहे थे मानो हीरा हो। जबरदस्त औरत के नए नक्श और बनावट शरीर का। पहली बार मैंने इतनी खूबसूरत औरत वह भी दोनों नंगी और वह भी मेरे से चोदने के लिए तैयार। खुश कर दिया मुझे खुश कर दिया 2 घंटे तक मैं दो बार झड़ चुका था और वह दोनों औरत कमाल के चुदक्कड थी।

दशहरे का डांडिया कभी भूलूंगा नहीं 2 घंटे के चुदाई के बाद वह दोनों मुझे गले लगाए फिर से अपने बूब्स को मेरे मुंह में डालें फिर किस किया और फिर कपड़े मैं पहन आने लगा तो वह दोनों एक बात बोले कि देखो रात खत्म बात खत्म आज के बाद तुम कौन हो मैं कौन हूं नहीं जानता। अगर रास्ते में मिल भी जाऊं तो कोई हेलो हाय नहीं कोई मुस्कुराना नहीं बात खत्म हो चुकी है अब यह समझ लेना डांडिया खत्म बात खत्म रात खत्म। इस चुदाई को तुम याद रखना पर कभी किसी से कहना नहीं बस।

मैंने भी हां बोल कर विदा लिया कह दिया कि मैं कभी नहीं बोलूंगा इस चीज के बारे में किसी से। मैं अपनी दूसरी कहानी जल्द ही नॉनवेज story.com पर लिखने वाला हूं। उम्मीद करता हूं मेरी यह कहानी आपको काफी पसंद आई होगी अब मैं भी डाल लेना चाह रहा हूं आपसे भी जैसे उस दिन उस औरत से विदा लिया था।

Leave a Reply

Your email address will not be published.