नौकरानी के साथ लेस्बियन सेक्स किया

मैंने फिर कविता को बोला हाथ उप्पर कर उसके बगल मे सूंघने लगी और जीभ से चाटने लगी मुझे कविता के बगल का नमकीन स्वाद पागल करे जा रहा था तभी कविता बोली मैडम लगता है आपको मेरी खुशबु पसंद आ गयी है. मैंने बोला कविता सच मे तेरी खुशबु सूंघते ही मे पागल हो जाती हु. कविता के बूब्स चूमने के बाद मैंने कविता को पीछे पीठ पे किस्स करने लगी कविता का सारा शरीर मैंने चाट लिया.अब मैंने   उसको बेड पे लेटाया. और मैंने अब कबोर्ड मे से राजीव के   टाय निकाले और कविता के हाथ और पैर बेड को बांध दिए. और उसके बडे बडे बूब्स को न्यूटेला लगाया और  चूसने लगी उसके निप्पल मे जोर जोर से मुँह से खीचने  लगी कविता सिसकियाँ लेने लगी आह्ह आह्ह आह्ह मैडम मजा आ रहा है खीचो मैडम मैंने उसके बूब्स पे लगाया सारा न्यूटेला चाट लिए. अब मैंने उसके होठाे को न्यूटेला लगाया और उसके होठाे को किस्स करने लगी. फिर  मैंने अपनी चुत कविता के मुँह पे रखी कविता कुत्तिया की तरह जीभ करके मेरे चुत को चाटे जा रही थी. और मैने  उसके चुत मे ऊँगली डालने लगी हम अब 69 पोजीशन मे  थे मैंने अपनी ऊँगलीया न्यूटेला मे डूबा कर मेरी चुत मे  डाली और कविता को सारा चुत का न्यूटेला चाटने को बोला. और मैंने कविता के चुत पूरी न्यूटेला से भर दी और  चाटने लगी सारा न्यूटेला चाट कर साफ कर दिया. फिर मैंने   उसकी चुत मे ककड़ी डालने लगी कविता चिल्लाने लगी  जोर जोर से मैडम धीरे फट जाएगी चुत मैंने आज पुरे जोर  से अंदर बाहर कर रही थी तब मेरी चुत कविता चाट रही  थी और मैंने स्पीड बढ़ाया उसके कारण कविता ने मेरी चुत  को दांत लगा दिए मे चीला उठी कविता तो मैंने गुस्से मै  उसकी गांड मै दो ऊँगली डाली कविता चिल्ला कर कहने लगी मैडम गांड मे नही तभी मैंने उसके मुँह मे मेरी गीली पैंटी घुसा दी क्युकी अब कविता जोर जोर से चिल्ला रही  थी उसके कारण नीरज और सुनील जी जग जाते. तभी मैंने   ककड़ी पे और जोर लगाया और कविता के चुत के और अंदर तक ककड़ी डाली और गांड मे गाजर डालने लगी लेकिन गाजर अंदर नहीं जा रहा था तो मैंने गाजर थूंक लगाकर गिल्ला कर दिया तभी कविता के चुत से पानी निकल गया. फिर मैंने कविता को छोड़ दिया और अब ओ मेरी चुत मे ककड़ी डालने लगी मेरी सिसकियाँ निकलने  लगी कविता डार्लिंग जोर से कविता ने जोर जोर  से  ककड़ी अंदर बाहर करने लगी लेकीन मे पहले ही गरम हो  चुक थी उसके कारण मेरी चुत ने जल्दी पानी छोड़ा फिर  मैने कविता क गांड मे ऊगली डाली और सूंघ लिए क्या खुशबु आ रही थी फिर मैंने ऊगली कविता के चुत मे डाली और मुँह मे उंगलियां ले कर नमकीन जूस चूसने लगी. आज हम दोनो ने जमकर सेक्स किया था बाद मे हम दोनो एक दुसरेसे लिपटकर सो गये………………..सुबह मेरी जल्दी नींद खुल गयी कविता मेरे बगल मे नंगी सो रही थी मैंने उसके गांड पे चाटा लगाया और कविता को उठाया और बोला कविता को नीचे जाके नहाने बोला कविता उठ कर जाने लगी मैंने उसे अपनी तरफ खींच लिया और उसे किस्स करने लगी और बोला कविता डार्लिंग अब हम रोज सेक्स करेंगे कविता हस कर बोली जी मैडम.      मै भी नहाने चली गयी. कविता और मै अब हर रोज सेक्स करते थे…………… कविता भी मेरे से  खुश थी……….story continue………

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