नौकरानी के साथ लेस्बियन सेक्स किया

तभी  मैंने अपने फोन मे रात को देखा लेस्बियन पोर्न डाउनलोड  करके रखा और नहाने गयी. उसके बाद थोड़ी देर मैंने नीरज के साथ टी वी देखी. और रात 9 बजे खाना खाने बैठ गए. खाना खाने के बाद मैंने उपर जाते वक्त कविता से  कहा जल्दी उपर आ ओ बोली हा मैडम. मे उपर जा कर   अपना बेड ठीक करने लगी और विंडो भी बंद कर लिए  तभी मेरे दिमाग़ मे आया हमारे पास डिलडो तो नहीं है. तो  मैंने नीचे जाके फ्रीज़ मैसे गाजर और ककड़ी लायी तब  नीरज और सुनील जी टी वी देख रहे थे. मैंने नीरज से कहा  जल्दी सो जा बेटा सुबह स्कूल जाना है. और कविता किचन  मै बर्तन साफ कर रही थी उसको आँख मारके बोला उपर  आ कविता बोली हा मैडम बर्तन साफ होने के बाद आती हु . मै उपर बैडम मे वेट कर रही थी कब आयेगी कविता. कुछ 10:30 बजे कविता उपर बैडरूम मे आ गई. उसने  उस वक्त गावून पहना था. तो मैंने उसको पूछा कैसे लगा  शाम का मसाज तो कविता बोली मस्त मैडम पूरा  बदन  का दर्द ख़तम हो गया. फिर बातो बातो मे मैंने कविता से  पूछा कविता तुम तो करीब 6 सालो से हमारे साथ रहती हो.  तब तू कैसे अपनी सेक्स की इछा पूरी करती हो. तो कविता  बोली अब क्या करे मैडम. हमारे लिए केैसा सेक्स. तो  मने  उसको अपने सीने से लगाया और बोला कविता तूझे पता  है राजीव भी 3 मंथ के लिए टूर पे रहते है. और उसको बेड  पे सोने के लिए बोला तब ओ बोली नही मैडम मे नीचे बिस्तर लगा के सोती हु. मैंने कहा नही तुम मेरे साथ बेड पे  सोयेगी हम आज रात को खूब मजे करेंगे. और फिर मैने  उसको अपने फोन मे डाउनलोड किया हुआ लेस्बियन पोर्न  दिखाने लगी और बोली देख कविता लड़किया कैसे अपने सेक्स की इछा पुरी करती है. हम दोनो बेड पे लेट के देखने  लगे मेरे तो निप्पल टाइट हो गये थे और चुत भी गरम होने  लगी थी. तब मैंने कविता के गावून मे हात डाला और  उसके बूब्स दबाने लगी कुछ देर उसके बूब्स मसलने के   बाद उसक निप्पल टाइट होने लगे तो मैंने उसके गावून को  उतारा और निप्पल चूसने लगी उसके निप्पल काले काले  और बड़े निप्पल थे. कविता अब सिसकियाँ भरने लगी थी अहह अहह मैडम फिर मैंने जोर से उसके निप्पल को अपने ओठों से मुँह मे खींचने लगी तो कविता बोली मैडम पिलो  सारा दूध पिलो. मे उसक बूब्स को चाटने लगी और उसके   बगल मे पसीने के क्या खुशबु आ रही थी मे तो पागल हो  गई. मैंने उसके दोनो हाथ उपर करके उसक बगल चाटने  लगी या क्या नमकन टेस्ट था कविता के बगल का. फिर  उसने मेरी नाईटी खोली और मेरे बूब्स मुँह मे लेने लगी और अपने मुँह से मेरे निप्पल खीचने लगी मेरे मुँह से सिसकियाँ  निकलने लगी आह्ह आह्ह कविता चूस और जोर से फिर मैंने अपने बूब्स कविता के मुँह पे दबा दिए. फिर मैंने कविता के गांड पे चाटा मारा जोर से और बोला अब चुत  खोल कविता मे सारा पानी पी जाउंगी आज तेरी चुत का.  और मैंने अपनी ऊगली कविता के चुत मे डाली और अंदर  बहार करने लगी कविता अब पूरी गरम हो चुक थी और  जोर जोर से सिसकियाँ भर रही थी आह्ह आह्ह मैडम चाट  लो मैडम खा जाओ चुत को फिर मैंने उसकी चुत चाटने  लगी और उसका चुत का निप्पल के उप्पर जीभ घुमाने  लगी कविता मैडम मैडम चीला रही थी फर मैंने गाजर निकाला और उसके उप्पर थूंक लगा कर कविता के गांड  मे डाला और ककड़ी उसके चुत मे कविता अब झडने वाली  थी कविता बोल रही थी मैडम धीरे धीरे फट जाएगी चुत मेरी  2 मिनट मे कविता ने पानी छोड़ा उसका पानी मैंने चाट लिया सारा. फिर मैंने अपनी चुत कविता के मुँह पे  दबायी और चूसने बोला कविता अपनी जीभ मेरे चुत मे अंदर बाहर करके मुझे मजे दे रही थी फिर मैंने कविता को  अपने चुत का निप्पल चूसने बोला क्या चूस राही थी कविता   फिर कविता को अपने गांड मे ऊँगली डालने को बोला और  चुत मे ककड़ी डालने को बोला कविता जोर जोर से अंदर बाहर कर रही थी मुझे अब गांड और चुत दोन का मजे मिल रहे थे थोड़ी देर मे झड़ने वाली थी तो मैंने कविता के   मुँह पे चुत रखी और सारा पानी कविता के मुँह मे छोड़ा कविता ने चुत चाट चाट कर साफ करदी.  ये प्रोग्राम कुछ  2 घंट तक चला मे थक गई थी और हम दोनो एक दूसरे को  लिपट कर सो रहे थे अब मैंने एक हाथ मे कविता का बूब्स  लेके मेरा मुँह उसके बगलमे डाल कर उसकी बगल की खुशबु सूंघ रही थी मुझे कविता की खुशबु पागल कर रही  थी……………  उस रात हम दोनो ने खूब मजे किये …………….

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य करने का प्लान  बनाया. अगले दिन मे सुबह नीरज स्कूल जाने के बाद नीचे  गई तब किचन मे कविता काम कर रही थी तब मे पीछे से जाके कविता के गांड पे चाटा लगाया और पकड़ कर उसके  नेक पर किस्स करने लगी और उसक बगल सूंघने लगी क्या खुशबु थी कविता की मेरे मुँह मे तो पानी आने लगा  तभी मैंने कविता के  होठो को किस्स किया और बोला कविता आज रात भी आजा बैडरूम मे आज खूब मजे करेंगे कविता हस कर बोली जी मैडम.

आज मे बहुत खुश  थी और रात का प्लान बनाया.  रात मे खाना खाने के बाद मैंने फ्रीज़ मैसे न्यूटेला चॉक्लेट की बोतल लेक ऊपर चली  गई और कविता को आवाज दिया. कविता आज थोड़ा जल्दी आ गई थी उप्पर मैंने डोर लॉक किया और कविता ने आज ब्लैक कलर की गाऊन पेहनी थी आज एकदम माल लग रही थी कविता. कविता को मैंने आते ही उसकी गाऊन उत्तारी और उसके होठ चूसने लगी फिर मैंने कविता के बूब्स हाथ मे लेके उप्पर करने लगी. कविता हसने लगी और बोली मैडम आपसे बडे है ना मेरे.

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