नौकरानी के साथ लेस्बियन सेक्स किया

हैलो दोस्तों मेरा नाम नीलम है. मे देल्ही के रिच एरिया मे  रहती हु. हमारे एरिया मे 5 बंगलो है. मेरी शादी हो चुकी है  मेरे पती का नाम राजीव है. शादी को 7 साल हो चुके है हमे  एक बेटा है उसका नाम नीरज है  उसकी age 5 साल है.  राजीव नौकरी के कारण 3 मंथ के लए बहार रहते है. उनका टूर ही 3 मंथ का होता है. और ओ 1 हफ्ते के लिए  घर आते थे. उस 1 हफ्ते मे राजीव मुझे बहुत प्यार करते  और हम दोनो हफ्ते मे 3-4 बार सेक्स करते. लेकिन राजीव  टूर पे जाने के बाद भी मुझे खूब सेक्स करने का मन होता है. राजीव को अच्छी सैलरी है इसलए मुझे जॉब करने की जरुरत नही तो मे घर पे ही रहती हु. हमारे घर पे मे मेरा बेटा नीरज और उसका ख्याल रखने के लिए हमारे पुराने नौकर सुनील जी और घर का काम करने के लिए नौकरानी  कविता रहती है. सुनील जी हमारे यहा करीब 20 साल से काम करते है और कविता भी कुछ 6 साल से काम करती है. अब ओ हमारे फॅमिली मेंबर बन चुके है.

अब मे अपने बारे मे बताती  मेरा age 33 है. रंग सफ़ेद है देखने मे मॉर्डन सेक्सी हाउसवाइफ हु. मेरे बूब्स मेडियम साइज के है और गांड भी मेडयम साइज की है. मे अपने फिगर को मैंटेन रखती हु. घर मे ड्रेस मे ही रहती हु. और  मुझे सेक्स करने मे बडे मजे आते है. हमारा बंगलो बड़ा है  मे उपर बैडरूम मे अकेली सोती हु क्युकी राजीव बहार रहते थे जॉब के कारण. नीचे वाले बैडरूम मे नीरज और सुनील जी सोते थे सुनील जी नीरज के साथ ही रहते थे पुरे दिन उसको स्कूल मे भी सुनील अंकल ही छोड़ते थे बस मे  नीरज को स्कूल छूटने के बाद पिक उप करती हु. सुनील जी हमारे गुड़गांव वाले फार्महाउस का देखरेख भी रखते  है. फार्महाउस पे हमारा कुत्ता है उसको खाना वगेरा सुनील अंकल देखते है.और घर का सारा काम कविता करती है.  कविता हमारे साथ ही रहती है. उसकी शादी हो चुकी है  लेकन उसका पती के साथ नही जमता इसलए ओ 6 साल से हमारे घर पे ही रहती है. और कविता उपर मेरे बैडरूम के बाजू वाले रूम मे सोती है. मैंने मेरे घर का सारा परिचय आपको बताया क्युकी कहानी 3-4 पार्ट मे है.

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राजीव जब भी टूर पे रहते तो मै बैडरूम मे रात को अकेले होने के कारण पोर्न देखती थी और मेरे चुत मे ऊगली करके  मेरे चुत की गर्मी शांत करती थी. एक दिन रात को ऐसे ही पोर्न देख रही थी तो लेस्बियन पोर्न देखने लगी तो मुझे लेस्बियन पोर्न अछा लगा उस रात मे मैंने चुत मे ऊंगली डाल के चुत का पानी निकाला. लेकन मुझे कोई और लेस्बियन पार्टनर चाहए था तो मेरे दिमाग़ मे कविता का ख्याल आया और मेने मन बनाया कि कविता को अपने

साथ मिला लूंगी. अगले दिन सुबह मे उठी और नहाकर  आइ. तब तक कविता ने नीरज को नहा कर स्कूल के लिए  तैयार कर लिया था और नाश्ता भी तैयार किया था. सुनील  जी नीरज को स्कूल छोड़ने के लिए चले गये. और उसके  बाद मुझे नीरज को स्कूल से पिक उप करना था. क्युकी  सुनील जी बाद मे फार्महाउस जाने वाले थे साफ सफाई  करने क लिए. मे नास्ता करने बैठी तो मेरे आँखों मे कविता  का बदन नजर आ रहा था. कविता का age 38 होगा. कविता का फिगर बताती हु आपको. कविता के बूब्स मेरे  से बड़े है लेकिन उसके बूब्स ढीले पड़ चुके है. और उसकी   गांड भी बड़ी थी ओ भी घर मे ड्रेस मे ही रहती थी. तो मैंने  लान बनाया की कवता से आज मे शाम को मालिश करने  बोलूंगी और कविता को फसा लुंगी. और करीब 12 बजे मे नीरज को पिक उप करने चली गई. आने के बाद कविता को मैंने कहा शाम को मालिश करना मेरी कविता बोली  ठीक है मैडम. रात को चुत का पानी निकालने के कारण  बदन मे दर्द भी था. और अक्सर मे कविता से मालिश करवाती थी लेकीन आज प्लान कूछ अलग था मेरा.

शाम  को करीब 6:30 बजे कविता ऊपर मेरे बैडरूम मे आइ और मैंने अपने कपडे उतारे और ब्रा पैंटी मे लेट गयी  बेड पे. कविता ने तेल की बॉटल लेकर मेरे बदन पे तेल  लगाने लगी जैसे ही उसने मेरे बदन को टच किया मेरे बदन  मे बिजली दौड़ने लगी. फिर मैंने अपनी ब्रा निकाली और  उसको अपने बूब्स को तेल लगाकर दबाने को बोली कविता   गोल गोल करके मेरे बूब्स दबा रही थी उसकी वजह से मेरे निप्पल टाइट हो गए. फिर मैंने अपनी पैंटी उतरी और कवता ने मेरे गांड पे तेल डाला और मेरी गांड को  मसलने लगी उसके वजह से मेरी चुत गीली होने लगी थी.  तब मैंने सोचा अब मे कविता की मालिश करती हु. और  उसे भी गरम कर देती हु. मैंने कविता से कहा कविता तू  भी थक जाती होगी घर का सारा काम करक अब तू लेट  जा मे तेरी मालिश करती हू. कविता हसने लगी तो मैंने   उसे कहा मज़ाक नही सच मे और मे उठ कर कविता का ड्रेस उतारने लगी तभी कविता शर्म के कारण मना कर रही  थी लेकन मैंने उसके सारे कपडे उतारे और बेड पे लेटने  को कहा उसके बदन की खुशबु से मेरे मुँह मे पानी आने  लगा था. फिर मैंने उसके बदन पे तेल डाला और उसके  बूब्स दबाने लगी कविता के बूब्स बड़ थे और ओ ढीले पड़गए थे और नीचे लटक रहे थे.

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मस्ती मस्ती मे उसके  निप्पल को भी मे अपने ऊगली से खीच रही थी उसके मुँह  से अब सिसकियाँ निकलने लगी कविता धीरे आवाज मे आह्ह आह्ह सिसकियाँ लेने लगी. फिर मैंने उसके चुत के ऊपर तेल डाला उसक चुत और बगल साफ थी हमारे घर  पे रहने क कारण ओ सब साफ रखती होगी. और फिर उसकी चुत मसलने लगी और धीरे से चुत के अंदर ऊगली डाली कविता एकदम से चिल्लाई आह्ह मैडम मैंने हस्ते हुऐ   कविता से कहा गलती से हुवा. फिर मैंने सोचा अभी मजे  नही करने मिलेंगे क्युकी सुनील जी भी फार्महाउस से आये  होंगे. तो मैंने कविता को कहा रात को सोने के लिए तू मेरे  बैडरूम मे आ हम फिरसे मालिश करेंगे कविता बोली ठीक है मैडम. अभी जाकर डिनर बनाने के लिए बोला.

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