मम्मी पापा को चुड़ते हुए देखा

मैं विश्वास रायबरेली का निवासी हूँ, मैं अन्तर्वासना का नियमित पाठक हूँ।
मैं 24 साल का युवा हूँ.. जो आजकल एसएससी और बैंक के एग्जाम की तैयारी कर रहा हूँ और नौकरी की तलाश कर रहा हूँ.. पर समय निकाल कर अन्तर्वासना की कहानियाँ जरूर पढ़ता हूँ।

यह मेरी पहली कहानी है और पूरी तरह से सच्ची है।
मैं जानता हूँ कि ऐसी घटना आप सभी के जीवन में कभी न कभी हुई होगी.. पर आप लोगों ने उसे कभी किसी से व्यक्त नहीं किया होगा.. पर मैं व्यक्त कर रहा हूँ।

यह कहानी मेरे मम्मी पापा के सम्भोग की सच्ची कहानी है.. जिसे मैंने खुद अपनी आँखों के सामने देखा और फिर मैं उसका आदी हो गया।
मैं अपने पापा-मम्मी के बारे में बताता हूँ। मेरे पापा राज 48 साल के हैं और एक शॉप चलाते हैं.. जबकि मम्मी रजनी 46 साल की हाउसवाईफ हैं और थोड़ी मोटी हैं। पापा भी आकर्षक चेहरे के स्वामी हैं दोनों ही देखने में सुन्दर हैं।

यह कहानी उस समय की है.. जब मैं किशोर अवस्था में था और जवान हो रहा था। जैसे कि इस उम्र के सभी लोगों के मध्य सेक्स को जानने की उत्सुकता होती है.. मुझमे. भी थी.. पर शर्म और सभ्यता के कारण किसी से पूछने या बात करने की हिम्मत नहीं होती थी।

जबकि मेरे दोस्त खूब मज़े लेकर बातें करते थे। एक दिन स्कूल में मेरे दोस्त आपस में बातें कर रहे थे। मैं बगल में बैठा था.. वो लोग खूब गन्दी-गन्दी बातें कर रहे थे। हालांकि मज़ा मुझे भी आ रहा था.. पर मैंने उन्हें मना किया.. जिस पर उनमें से एक राजू ने कहा- ये तो सभी करते हैं और तेरी शादी होने पर तू भी करेगा..

और फिर उसने मजाक में कहा- रात में जब तू सो जाता होगा तो 12 बजे के आस-पास तेरे पापा भी तेरी मम्मी के ऊपर चढ़ते होंगे और उन्हें मज़ा देते होंगे।
मैं सन्न हो कर उसकी बात झेल रहा था।

उसने कहा- ये वो मज़ा है जो एक बार किसी को मिल गया.. तो वो उससे छोड़ नहीं सकता।
इतना कह कर वो हँसने लगा और मैंने गुस्से में आकर उससे एक चांटा मार दिया।

राजू ने गुस्से में कहा- अबे न यकीन हो तो देख लेना आज रात..

मैं वहाँ से गुस्से में चला गया.. पर उसकी बातें मेरे कानों में गूंज रही थीं। स्कूल से लौटने के बाद मैं रोज़ की तरह टयूशन गया और रात में सात बजे लौटा। मेरे दिमाग में राजू की बातें घूम रही थीं। मैंने करीब 8.30 बजे खाना खाया और कमरे में टीवी देखने लगा।

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मैं बचपन से ही अपने मम्मी-पापा के साथ ही एक कमरे में सोता था.. पर आज तक मैंने उन्हें सेक्स करते नहीं देखा था। पर आज न जाने क्यों राजू की बातें सुनकर उन्हें सेक्स करते देखने को मन कर रहा था।

करीब 9.30 बजे तक पापा-मम्मी ने भी खाना ख़त्म किया.. पापा कमरे में आ गए और मम्मी काम ख़त्म करने लगी।

पापा मेरे साथ टीवी देख रहे थे.. मैं आज उन्हें सेक्स करते हुए देखना चाहता था.. इसलिए मैंने उनसे कहा- मेरा सर दर्द कर रहा है.. टीवी बंद कर दीजिए.. मुझे नींद आ रही है।
पापा ने टीवी बंद किया और लेट गए। मैं भी सोने का नाटक करने लगा.. पर आज मेरी आँखों में नींद कहाँ थी.. वो तो आज कोसों दूर थी।

करीब दस बजे मम्मी कमरे में आईं और बोलीं- अरे ये लोग तो सो गए.. मैं जानबूझ कर बिस्तर के कोने में सोने का नाटक कर रहा था और इंतजार कर रहा था कि कब ये लोग अपना काम शुरू करेंगे।

मम्मी टीवी देखने लगीं.. थोड़ी देर बाद टीवी की आवाज़ सुनकर पापा की नींद खुल गई। तब तक 11.30 बज चुके थे पापा उठे और पेशाब करने चले गए।

पापा केवल चड्डी और बनियान में थे। मम्मी ने भी टीवी बंद करके एक बार मेरी तरफ देखा.. मैंने ऐसा दिखाया कि मैं गहरी नींद में सो रहा हूँ। मैंने आँखें इस तरह से बंद की थीं कि मुझे सब कुछ साफ़-साफ़ दिख रहा था। फिर मम्मी ने लाइट बंद कर दी.. पर एक नाईट बल्ब अब भी जल रहा था।

पापा पेशाब करके आए और मम्मी भी बाथरूम गईं और वापस आकर उन्होंने अपनी साड़ी निकाली.. जहाँ पापा अब अंडरवियर में थे.. वहीं मम्मी साड़ी और ब्लाउज में थीं।

मम्मी पापा के बगल में आकर लेट गईं मम्मी शायद आज थकी हुई थीं.. तभी तो जब पापा ने उन्हें किस किया.. तो वो बोलीं- राज प्लीज आज मत करो.. मैं बहुत थक गई हूँ.. मुझे नींद आ रही है।
पापा धीरे से बोले- मुझे तो नींद तब तक नहीं आएगी.. जब तक तुम मेरा काम नहीं करोगी।

मम्मी बोलीं- विश भी बड़ा हो गया है.. बगल में ही सो रहा है.. कहीं वो जग न जाए।

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उन्हें क्या पता था कि मैं सो नहीं.. जाग रहा हूँ।

इस पर पापा बोले- यहाँ मन कर रहा है और तुम रोज़ की तरह नाटक कर रही हो।
मम्मी ने कहा- अरे यार तुम बहुत परेशान करते हो।

पापा बोले- आओ न यार..
मम्मी बोलीं- अरे चादर तो ओढ़ने दो.. कहीं विश ने देख लिया.. तो क्या सोचेगा।
पापा बोले- तुम भी पागल हो.. वो बेखबर सो रहा है.. तुम फालतू की बातें मत सोचो.. और इधर आओ..

मैंने देखा कि पापा मम्मी को चुम्बन करने लगे और ये कहे जा रहे थे कि आज तुम मुझे इतने खूबसूरत लग रही थीं कि जी कर रहा था कि वहीं लिटा लूँ.. पर विश बड़ा हो गया.. इसलिए कण्ट्रोल कर लिया।

इस पर मम्मी बोलीं- हमारी शादी को 25 साल हो गए.. पर तुम्हारी भूख अभी नहीं मिटी।
पापा ने कहा- तुम जवानी के रस से भरा हुआ फूल हो.. और मैं उसे पीने वाला भंवरा..

मम्मी इस बात पर हँस पड़ीं।

मम्मी जो अभी तक कुछ नाराज थीं.. अब पापा का पूरा साथ दे रही थीं।

दोनों लगातार एक-दूसरे को किस कर रहे थे.. जिससे कमरे में ‘पुच.. पुच..’ की आवाजें गूँज रही थीं। शरीर के टकराव से उन दोनों की वासना पूरी तरह जग चुकी थी.. वो दोनों पूरे मूड में आ गए थे और इस बात से अंजान थे कि उनका किशोरवय का लड़का उन्हें सब करते हुए देख रहा था।

अब मैंने देखा कि पापा ने अपने किस का दायरा बढ़ा दिया और अब वो मम्मी के होंठों के साथ साथ कंधे.. गर्दन.. छाती को भी चूम रहे थे। वो ब्लाउज के ऊपर से ही मम्मी की चूचियों को दबा रहे थे।
वहीं मम्मी के हाथ पापा की पीठ और बालों में चल रहे थे।

फिर पापा ने मम्मी के ब्लाउज का बटन खोलकर उसे उतार दिया और फिर जल्दी से उठकर अपनी चड्डी और बनियान भी उतार दी। अब वे जा कर बिस्तर पर लेट गए। पापा ने मम्मी को करवट करके लिटाया.. वो अपनी जीभ से मम्मी की चूचियों को ब्रा के ऊपर से ही चूस रहे थे।

उनका एक हाथ मम्मी की ब्रा पर और एक हाथ पेटीकोट के ऊपर से ही मम्मी की चूत के ऊपर चल रहा था।

मम्मी की आँखें बंद थीं और साँसें तेज़ फूल रही थीं। इसी के साथ वे अपने मुँह से कुछ आवाजें ‘आह.. आह..’ निकाल रही थीं।

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