मेरी शादी – 3

मैंने कितनी मिन्नतें की वो तो बहरा बन के बस मेरे लण्ड का इस्तेमाल जा रहा था! कमल ने ऐसा जादू कर रखा था

के मेरे हाथ पैर तो सो ही चुके थे, कोई जान ही नहीं बची थी, आँखे सोने ही वाली थी लेकिन ये सोने नहीं दे रहा!

शरीर में चोदने की ताकत उल्टा बढती जा रही है लेकिन हिलने की ख़तम होती जा रही है!

अगर कमल ने कुछ नहीं किया होता तो ऐसी टेप क्या कोई रस्सी भी मुझे यूँ बाँध नहीं सकती थी, यूँ ही उखाड़ फेंकता मगर यहाँ हालत ऐसी नहीं थी! क्या करता! अभी तो कोई चोद के भी चला जाता तो भी मुझमे हिम्मत नहीं थी के अपना बलात्कार रुकवा सकता!

मैंने कहा – “अच्छा मुझे तेरे होठ तो चूस लेने दे, इधर आ!” तो वो मेरे शरीर पे मगरमच्छ की तरह चढ़ता हुआ मेरे होठो तक आया और मेरी साँसे सूंघ के जोर से अपना मूह पूरा खोल के मेरे होठ अपने अन्दर ले लिए! मैंने जबरदस्ती कर के अपने होठ बहार निकाल के उसके होठ दांतों से काट काट के चूसने लगा! पतले, मुलायम और गीले होठ बिलकुल नाज़ुक लग रहे थे! ऐसे होठ उन चारो में से किस के हैं ये सोचने लगा और हमारी साँसे एक नाक से निकल कर दुसरे नाक से होती हुई फेफड़ो में जाने लगी! वो मेरे पेट पे बैठा था घुटने मोड़ के, वजन ज्यादा ख़ास नहीं लगा मुझे, और उसने कपडे पहने हुए हैं! अब वासु तो थोडा भरी भरकम है, तो टीनू अर्पित या आदि ही है जरूर! लेकिन आदि ने भी हलकी सी फ्रेंच कट राखी हुई है और इसके तो बिलकुल वैक्सिंग किये हुए होठ और ठोड़ी लग रहे हैं. इसका मतलब ये टीनू या अर्पित में से ही एक है!

अर्पित और मेरी परिवार में ठोड़ी कम ही बनती है इसलिए मुझे पक्का पता है ये टीनू ही है!

और कहानिया   दो चुत एक लुंड

लण्ड के चुसे जाने का आनंद लेते हुए मैंने कहा – “आह टीनू! मेरे बच्चे! तू हमेशा मुझे जिन नजरो से देखता था मुझे पता ही था के तू जरूर मुझसे चुदने के सपने देखता है! आ भाई आ…गांड खिला मुझे तेरी! ये कपडे क्यों पहने हुए हैं, मुझे तो नंगा कर दिया खुद कपड़ो में ही बैठा है. जल्दी आ न चड्डी खोल के और मेरे मुह पे बैठ जा!” वो 1-2 मिनट बाद पूरा नंगा होक मेरे मुह पे आ बैठा! हाय क्या गांड थी! मेरी आज भी राल टपकती है जब भी वो स्वाद याद आता है! उस छेद पे मेरा मन किया icecream, chocolate, शहद, कोल्ड ड्रिंक, दही और पता नहीं क्या क्या सब डाल डाल के खूब खाऊ! उल्टा होके वो मुझे अपनी गांड खिलाने लगा और झुक के वापस मेरा लण्ड खुद खाने लगा!

उसने जैसे ही मेरा लण्ड वापस मुह में लिया मेरा मुह automatically ही उसकी गांड में और गहरा धंस गया! भूखे कुत्ते ही तरह मैं उस छोटे से छेद में से जैसे कुछ खोद खोद के निकाल के खा जाना चाहता था वैसे करने लगा! बड़ी देर तक उसने मुझे गांड खिलाई और मेरा लण्ड खाया! फिर वो उठ के आगे हुआ और मुझे कुछ समझ में आता उसके पहले ही धक्क से वो मेरे लण्ड पे बैठ गया! चोदने वाला अगर एक झटके में घुसा दे पूरा तो चुदने वाले को दर्द होता है! लेकिन चोदने वाले को खुद ही पता न चले और धक्क से उसका लण्ड किसी गर्म टाइट गांड में तलवार की तरह उतर जाए तो उसके आनंद की वो हालत होती है के वो खुद ही संभाल नहीं पता! मेरी भी ऐसी ही छटपटाहत भरी हालत हो गई के मैं चिल्ला दिया! जैसे लंड उसके नहीं मेरे अन्दर घुसा है!

बंधा हुआ होने के बावजूद भी मुझमे वो ताकत आ गई के गांड उठा उठा के वो झटके मारे उसे के पूरा barcalonger हिल गया, floor पे से धाम धाम की आवाज़े आने लगी और वो खुद मेरे पेट पे उछल उछल के खिलोने की तरह गिरने लगा!

और कहानिया   कंप्यूटर के बहाने कुंवारी चूत चोदी

मुझसे तो ये सहन ही नहीं हुआ! यूँ तो घंटे भर से ज्यादा चोदता हु लेकिन ये इतना surprising था और आँखे भी बंद थी तो excitement इतना था के मेरा लण्ड खुद जल्दी करने लगा माल निकाल के फेंक देने की! ज्यादा निकालने के लालच में लंड ने मुह खूब चौड़ा खोल लिया और मैंने कहा – “आ.अ..अ.अ….आया….टीनू…..!! मेरी जान..मेरे बाबु…तुझे रोज चोदुंगा…सस.s..सस.s……स…..हा…सस..s.s.s..s..आ रहा है

मेरा…ले ले सारा माल ले ले तू अपनी गांड में…मेरा बच्चा तू भी डाल ले अपने पेट में…” और बिना कोई परवाह किये जोर जोर से चिल्लाते हुए धमा धम आवाज़े करते हुए, barcalounger को तोड़ देने की ताकत से मैंने खूब लम्बे लम्बे धक्के मार मार के मैं खुद पसीने पसीने हो गया! मन किया के हाथ पैर छुड़ा कर इसकी कमर को ऐसा पकड़ लू के हड्डियाँ तोड़ डालू! हाथ पैर छुड़ाने के लिए इतना pressure लगाया इतना छटपटाया लेकिन कुछ नहीं हुआ! सारा power लण्ड के मुहाने पे ऐसा जाके अटका के ब्लास्ट होने ही वाला था!  लगा जैसे मेरा लण्ड जिन्दा ही नहीं बचेगा! एकाएक मेरी साँसे रुक गई, माथे पे पसीना पूरे बाल गीले कर गया, नस नस इतनी फूल गई के आँखों की टेप ज्यादा tight लगने लगी,

और रोकी हुई सांस से मैंने “आ..अ..अ.अ.अ.अ..अ…..s..s.s.s….!!” कर के जांघे मिला ली और गांड भींच ली खुद की पूरे जोर से, और पानी के भरे गुब्बारे के फूटने की तरह लण्ड में से सफ़ेद, गाढ़ा, चिकना, मुलायम, चमकदार  झाग उस डर के मारे बिदकती हुई गांड के अन्दर उछाल डाला! जैसे के कोई पूरे pressure से थूकता है दूर तक!

Pages: 1 2

Leave a Reply

Your email address will not be published.