मैंने और राकेश ने मामी की चुत फाड़ दी

फिर में बोला कि मामी जी बेड में चलोगी या यही कालीन पर, तो मामी जी ने कहा कि जहाँ तुम ठीक समझो। तो राकेश बोला कि कालीन पर ठीक रहेगा, कालीन पर धक्के ठीक से लगते है। तो मैंने मामी जी से पूछा कि आप अपने कपड़े खुद उतारेगी या में उतार दूँ? तो मामी जी ने कहा कि तुम ही उतार दो। तो मैंने मामी जी के सारे कपड़े उतार दिए और उनके कपड़े उतरने के बाद मैंने और राकेश ने भी अपने अपने कपड़े उतार दिए, मेरा लंड लगभग 9 इंच लंबा और बहुत ही मोटा था जबकि राकेश का लंड मुझसे थोड़ा छोटा था। फिर में बोला कि मामी जी हम दोनों का लंड कैसा लगा? तो उन्होंने कहा कि बहुत ही अच्छा है, लेकिन देखना यह है कि तुम दोनों मेरी चूत से कितनी बार पानी निकाल पाते हो? तो में बोला कि हम दोनों आपकी चूत से इतनी बार पानी निकाल देंगे की आपकी चूत एकदम ड्राइ हो जाएगी और इतना चोदेगें की आप खुद ही हम दोनों को मना कर दोगी। तो वो बोली कि वो तो ठीक है, लेकिन मैंने तो आज तक इतने बड़े लंड से कभी नहीं चुदवाया है, मुझे दर्द बहुत होगा। तो राकेश ने कहा कि हाँ कुछ दर्द ज़रूर होगा और उस दर्द को आपको ही सहना पड़ेगा। फिर उसके बाद हम दोनों ने अपना लंड मामी जी के मुँह के पास कर दिया, तो मामी जी बारी-बारी से हम दोनों का लंड चूसने लगी, अब 5 मिनट में ही हम दोनों का लंड एकदम लोहे जैसा हो सख्त गया था।

फिर मामी जी बोली कि मैंने आज तक इतने मोटे लंड से कभी नहीं चुदवाया था, मेरे पति का और मेरे पड़ोसी का लंड 5 इंच ही लंबा था। फिर राकेश ने अपना लंड खड़ा हो जाने के बाद मामी जी की चूत को चाटना शुरू कर दिया। फिर थोड़ी देर के बाद मैंने मामी जी को डॉगी स्टाइल में हो जाने को कहा, तो मामी जी कालीन पर ही डॉगी स्टाइल में हो गयी और में मामी जी के पीछे आ गया और उनकी चूत के लिप्स को फैलाकर अपना लंड का सूपड़ा बीच में रख दिया। फिर राकेश मामी जी के मुँह के पास आ गया और उसने अपना लंड उनके मुँह में डाल दिया और चूसने को कहा। तो मामी जी राकेश का लंड चूसने लगी, तो तभी मैंने मामी जी की कमर को पकड़कर थोड़ा ज़ोर लगाया तो मेरा आधा लंड उनकी चूत में घुस गया। अब मामी जी को बहुत तेज़ दर्द होने लगा था और उनके मुँह से चीख निकल गयी और बोली कि दीनू अपना लंड बाहर निकालो, मुझे ऐसा लग रहा है कि जैसे कोई गर्म-गर्म लोहा मेरी चूत में घुसेड रहा हो।

और कहानिया   बड़ी गांड वाली मौसी

अब मामी जी के मुँह से चीख निकलते ही राकेश ने अपना लंड मेरे मुँह में डाल दिया, तो मामी जी की चीख दबकर रह गयी। तो तभी मैंने उनकी कमर को ज़ोर से पकड़कर एक जोरदार धक्का मारा, तो इस बार मामी जी को बहुत तेज़ दर्द हुआ। लेकिन राकेश ने उनके मुँह में अपना लंड डाल रखा था इसलिए उनके मुँह से कोई आवाज़ नहीं निकली। अब मामी जी दर्द से तड़पने लगी थी, अब मामी जी के चेहरे पर पसीना आ गया था और उनकी टागें तर-तर काँपने लगी थी। फिर में बोला कि अभी तो 2 इंच बाकी है कि अचानक से मैंने फिर से एक धक्का मारा इस बार मेरा धक्का बहुत ही ज़ोर का था, तो मामी जी अपने आपको संभाल नहीं पाई और राकेश को धकेलते हुए आगे गिर पड़ी और राकेश का लंड उनके मुँह से बाहर निकल गया और मामी जी दर्द के मारे चीखने लगी। तो तभी राकेश संभला और उसने फिर से अपना लंड मामी जी के मुँह में डाल दिया और बोला कि अब ज़्यादा चिंता करने की कोई ज़रूरत नहीं है, अब केवल 1 इंच ही बाकी है।

फिर मैंने धीरे-धीरे धक्का लगाना शुरू कर दिया। अब थोड़ी देर में मामी जी का दर्द भी कुछ कम हो गया था। अभी 5 मिनट भी नहीं बीते थे की आज मामी जी ने झड़ना शुरू किया और जब उनकी चूत गीली हो गयी, तो मैंने फिर से एक जोरदार धक्का मारा और मेरा पूरा लंड उनकी चूत में डाल दिया। अभी मेरा लंड उनकी चूत में आराम से अंदर बाहर नहीं हो रहा था, अभी 10 मिनट ही और बीते थे की मामी जी दूसरी बार झड़ गयी, अब उनका दर्द भी कुछ कम हो चुका था। अब 2 बार झाड़ जाने से उनकी चूत एकदम गीली हो गयी थी, अब मेरा लंड उनकी चूत में कुछ आराम से अंदर बाहर होने लगा था। अब मैंने अपनी स्पीड भी तेज़ कर दी थी, अब मामी जी को बहुत मज़ा आने लगा था। अब में बहुत ज़ोर-ज़ोर से धक्के लगाते हुए मामी जी को चोद रहा था। अब मामी जी भी अपने पूरे जोश के साथ राकेश का लंड चूस रही थी।

और कहानिया   बहन बानी मेरी लुंड की दीवानी

फिर 15 मिनट की चुदाई के बाद मामी जी तीसरी बार झड़ गयी, लेकिन मेरा लंड अभी तक थका नहीं था और उनकी कमर पकड़कर कस-कसकर चोद रहा था। अब मामी जी भी अपने चूतड़ आगे पीछे करते हुए मेरा साथ दे रही थी। फिर मैंने मामी जी से पूछा कि अब आपको कैसा लग रहा है? तो उन्होंने कहा कि अब मुझे मज़ा आने लगा है, तुम इसी तरह मुझे चोदते रहो। फिर 10 मिनट तक और चोदने के बाद जब मैंने महसूस किया कि मेरे लंड का पानी निकलने वाला है तो मैंने अपना लंड उनकी चूत से बाहर निकाल लिया और अपने लंड का सारा पानी उनकी गांड पर निकाल दिया और उसके बाद में हट गया और उनके सिर की तरफ आकर बैठ गया। फिर राकेश मामी जी के पीछे आ गया और वो अपना लंड उनकी चूत में डालकर चोदने लगा, राकेश का लंड मेरे लंड से छोटा था और चूत भी 3 बार झड़कर गीली और चौड़ी हो गयी थी, तो राकेश का लंड आसानी से अंदर घुसता चला गया। अब राकेश ने भी बहुत तेज़ धक्के लगाते हुए मामी जी को चोदना शुरू कर दिया था।

Pages: 1 2 3

Leave a Reply

Your email address will not be published.