मेरे मस्त दीदी की चुदाई

कभी किसी बड़ी उमर की लेडी के साथ कुछ किया भी है या बस ख्यालों मई वो झूमते हुए बोली. नही दीदी अब तक तो कोई नही. है मेरा प्यारा भाई फिर तू क्या करता है? कुछ नही बस ऐसे की काम चला लेता हूँ. यानी अपना हाथ जगन्नाथ क्यों?धात हान्ं मई सर्माते ह बोला. रोज़ाना या कभी कभी? कभी-कभी दीदी.ठीक है रोज़ाना नही करना चाहिए सेहत खराब होजती है.लेकिन क्या करूँ दीदी कंट्रोल ही नही होता जाभ भी कोई 28-35 की सनडर सी औरत देखता हूँ जी मचल उठता है.अब तो और बुरा हाल है अब तो किसी रिस्त्ेदारी की औरत को देख कर भी बुरा हाल हो जाता है इसी लिए तुम्हारे यहाँ भी नही आता. क्यों मेरे यहाँ कों है मई हूँ मेरी सास है. ननद हमेशा नही रहती फिर? सच बोलूं?हाां. भाई? आप.और आपकी सास की वज़ह से.क्य्ाआआआअ तुझीईईई मई भी..मई भ.और मेरी सास.हे भगवान तुझे मई इतनी अच्छी लगती हूँ..और क्या सोचता है तू हम सास बहू के बारे मई वो चीखती सी बोली. मेरी तो गांद ही फॅट गयी. मैने कहा, दीदी मैने तो फले ही कहा था आप बुरा मान जाओगी. वो बोली, अरे नही मेरे प्यारे भाई मई तो सोच कर हैरान हूँ की अब भी मुझ मई ऐसी क्या बात है जो तुम जैसा जवान लड़का मुझे पसंद करता है बताओ ना प्लज़्ज़्ज़. तो मई बोला. साची मई बतौन दीदी? वो बोली, अरे यार बोल भी अब.दीदी आप मुझे बहुत सेक्सी लगती हो आपकी बड़ी-बड़ी चूंची और छूटर देख कर मेरा बुरा हाल हुआ पड़ा है और मेरे लंड की तो पूछो ही मत है आपके होत बड़ी-बड़ी आँखें आपको एक दम कामुक बनती है. मई ही क्या कोई 70 साल का बुद्धा भी देखे तो पागल हो जाए मई एक ही साँस मई सब बोल गया. सच मई तुहजे इतनी अच्छी लगती हूँ? हाआँ दीदी. और क्या क्या मान करता है तेरा? मेरा दीदी जब आप खाना बना रही थी तो आप को भीगे ब्लाउस और पेटिकोट मे देख कर मान किया की पिच्चे से आप के छूटर पर से पेटीकोआट उठा कर आप की गांद छत डालूं, आप की चुचीयन पी जौन आपके होठों को चूस लून, उन पेर अपने लंड का सूपड़ा रग़ाद डालूओं. है दीदी आप कितनी प्यारी हो उूुउउफफफफ्फ़ कोई भी भाई आप के जैसी बहन को ज़रूर छोड़ना चाहेगा. देखो मेरे लंड का हाल कहते हुए मैने अपनी लूँगी उत्तर दी. दीदी मेरा लंड देख कर बोली, ही..तेरा लंड तो तेरे जीजसे भी बड़ा है उनसे ही क्या अबतक जिट्नी भी लंड मैने खाए है सबसे अच्छा है. है! इसे तो मई अपनी छूट मे ज़रूर लूँगी मेरे राजा. ही. इसे मेरे हाथ मई तो दे उउफफफ्फ़ कितना चिकना है वो मेरा लंड पकड़ कर सहलाने लगी.उनका हाथ लगते ही मई पागल हो गया. मई बोला, हहिईीई, दीदी अपने कपड़े भी तो उतरो ना प्लज़्ज़्ज़्ज़. तो वो मेरी आँखों मई झाँक कर बोली, जिसे ज़रूरत हो वो उतरे. मई ने उन्हे पकड़ कर खड़ा कर दिया और कुर्ता उतार दिया लूँगी एक झटके मई ही खुल गयी. अब मेरी बड़ी बहन पूरी नंगी मेरे सामने थी हम दोनो एक दूसरे को देख रहे थे. फिर दीदी ने हाथ बड़ा कर मुझे अपने से खिच कर चिपका लिया इस तरहा मेरा लंड उनकी छूट से और उनकी चूंची मेरे सिने से चिपक गयी वो मेरे गॅलन को चूमती कहती जा रही थी, ही! तू कहाँ था अब तक पागल मुझे पता होता तो मई तुझसे पहले ही चुड लेती मेरे भाई छोड़ डाल आज अपनी बहन को और बानिया बहँचोड़. ही, कितने दीनो के बाद आज जवान लंड मिलेगा हहिईीईई आज तो बस रत भर छोड़ मुझे जैसे चाहे छोड़.हाआँ दीदी आज जी भर कर..छोड़ूँगा तुम्हीई.हाीइ तुम्हरीी छूट पहले तो चाटूँगा फिर छोड़ूँगा (चूमते हुए) पूछ-पूछ चाटने डोगी ना दीदी? हन मेरे राजा तुम.छूट चतो. मई तुम्हारा लंड चुसूंगई. हम एक दूसरे को चूमते रहे थोड़ी देर बाद दीदी मुहज़े बेड पर लेगाई और मुझे लिटा दिया मेरा लंड च्चत की तरफ़ ताना हुआ था वो अपने दोनो पैरों को मेरे मुँह की तरफ़ करके मेरा लंड चूम ने लगी फिर उसने मेरे लंड को अपने मुँह मई ले लिया उूुउउम्म्म्ममम उसके मुँह का गीलापन महसूस करके मई सिसक पड़ा उसकी छूट ठीक मेरे मुँह के पास थी. उउफ़फ्फ़ क्या छूट थी. मस्त मोटे होठों वाली फूली हुई मैने पहले तो उसकी छूट पेर एक किस किया वो उच्छल पड़ी पर मेरा लंड मुँह से नही निकाला, फिर अपनी पूरी जीभ बाहर कर के उस की छूट पेर फिराई उपेर से नीचे तक. दीदी बोली, है कितना प्यारा लंड है तेरा उूुउउम्म्म्म पुउउऊच. मई बोला है दीदी, आप की छूट भी बड़ी नमकीन है जी करता है खा जौन. तो खा ले ना साले रोक कों रहा है दीदी बोली. हाआँ मेरी जान दीदी मेरी रंडी बहन ख़ौँगा तेरी छूट को तू भी मेरा लंड चूस साली. साले मतद्रचोड़ मुझे रंडी बोल रहा है रंडी की औलाद साले तेरी मा की छूट ले तेरा सारा रस चूस जौंगी. है ईईईईई चूस ले साली मई रंडी की औलाद हूँ तो तू भी तो उसी की हुई ना? उूुउउफफफफफ्फ़ क्या चिकनी छूट है तेरी आई से ही गलिया बकते हुए हम एक दूसरे के लंड और छूट को चूस्ते रहे. फिर दीदी बोली, है कमाल अब छोड़ दल मुझे मेरी छूट मे बहुत खुजली हो रही है, अपने इस मोटे लंड से मेरी छूट की प्यास बुझा दे मेरे हरामी भाई. फिर दीदी सीधी हो कर लेट गई. मैं एक तकिया उनकी गंद के नीचे लगा दिया और उनकी टॅंगो के बीच मे बैठ गया मई अपना लंड हाट से पकड़ कर उस की छूट पर रगड़ने लगा.दीदी सिसकारी ले कर कहने लगी, आरीए बहँचोड़ तडपा क्यों रहा है छोड़ ना कुत्ते छोड़ मुझे. देख नही रहा की मई छूट की खुजली से मारी जा रहियिइ हूँ. मई बोला. लो दीदी और अपना लंड उसकी छूट के मुहाने पर रख कर एक झटका मारा. मेरा सूपड़ा उस छूट मे घुस गया वो तड़प उठी और बोली, उूुुउउइईईई माआअ मार गई साले मई तेरी बहन हूँ ज़रा आराम से नही छोड़ सकता रंडी ही समझ लिया क्या? अरे कमाल भाई ज़रा धीरे धीरे आराम से छोड़. मई कहीं भागी नही जा रही हूँ.

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