मेरे मस्त दीदी की चुदाई

तुम्हारे कॉलेज का क्या हाल है?जी बाड़िया है मई तो बस कॉलेज जाता हूँ और घर पर रहता हूँ.अच्छा कमाल ज़रा एक बात तो बता? मई बोला, क्या दीदी? तू कॉलेज मई अपनी पड़ाई पर ध्यान देता है या लड़कियों पर? क्या दीदी आप भी बस.क्यों क्या तेरे कॉलेज मई कोई सनडर लड़की नही है?है दीदी बहुत सी है लेकिन मई सिर्फ़ अपनी पड़ाई पर ध्यान देता हूँ.चल हट, मुझे ही बना रहा है मई खूब जानती हूँ लारकों को लर्की देख कर क्या हालत होती है उनकी और वोभी अगर लड़का गाओं से हो तो सहर की लड़ियों को देख कर पागल हो जाता है.लेकिन मई ऐसा नही हूँ.अच्छा चल कोई तो अच्छी लगती होगी?नही दीदी.नही दीदी, चल मई नही मनती एक जवान लड़का जिसे कोई लड़की अच्छी नही लगती ये हो ही नही सकता?हन दीदी आप भी मुझे कोई अच्छी नही लगती.क्यों तू जवान नही है?हूँ.क्या तुझ मई कोई कमी है?क्या दीदी आप भी बात कहाँ ले गयी.मई जवान भी हूँ मुझ मई कोई कमी भी नही है पेर मुझे जवान लाड़िकियाँ अच्छी नही लगती.क्यों जवान लड़कियाँ क्यो नही?अब जाने भी दो ना आप मेरी बड़ी बहन हो और बहन भाई मई ऐसी बात की जाती.आर तुम सहर मई पद रहे हो 21स्ट्रीट सेंचुरी मई जी रहे हो और बातें कर रहे हो पुराने जमाने की अरी पागल आज कल तो भाई बहन दोस्त की तरहा होते है जो आपस मई अपने मान की सारी बातें एक दूसरे को बता देते है बिना किसी सरं या झीजक के.अच्छा ये बता बियर बागेरहा पिता है? मई बोला, हन दीदी कभी कभी दोस्तों के साथ पी लेता हूँ.है, तेरे पास? दीदी बोली हन फ़्रीज़ मई है चार बोतल है. क्या आप भी पीटी हो? हन रे जब गर्मी ज़्यादा होती है तो तेरे जीजा जी पीला देते है, कभी कभी तो वो व्हिस्की भी पीला देते है.तुम बहुत बदल गयी हो दीदी.हा हा वो हेस्ट हुए बोली, अरे बेटा ये सब सहर की लाइफ का असर है. अब तुम्हारे जीजा के साथ पार्टियों मई जाती हूँ तो पीनी पड़ती है. और जितनी बड़ी पार्टियों मई हम जाते है वहाँ पर ये सब तो आम है. कभी तू भी चलना हमारे साथ.ठीक है दीदी! मैने कहा, अब आप नहा लो फिर बियर पीते हुए बातें करते रहेंगे. ठीक है कह कर वो अपनी गांद हिलती हुई नहाने चली गयी. मई अपने लंड को पकड़ कर मसल रहा था और सोच रहा था आज दीदी बड़ी फ्रेंक हो कर बातें कर रही है हो सकता है आज उनको छोड़ने का मौका मिल जाए मई सोचने ल्गा दीदी जब नहा कर मेरे लूँगी और कुर्ता पहने गी बिना पँति के तो सयद रत को लूँगी हट जाए या खुल जाए तो उनकी छूट के दर्शन होज़ाएँ. तभी दीदी नहा कर आ गयइ. माने फ़ौरन अपने लंड को अंडरवेर मे अड्जस्ट किया और बोला, नहा ली दीदी? वो बोली, हन अब टब ही नहा ले. जी ठीक है मई बोला. बात रूम मई आकर अपने कपड़े उत्तर कर जैसे ही मई उन्हे टाँगने के लिए खुति की तरफ बड़ा तो मई हैरान रह गया की दीदी की ब्रा और पनटी वहाँ तंगी हुई मुझे कुछ अजीब सा लगा. फिर सोचा की स्यद उन्होने पनटी तब उत्तरी होगी जब . वो पहली बार टाय्लेट के लिए आई थी. मैने पनटी उत्तर कर हाथ मई ली और सूंघ ने लगा. हाईईईई! दोस्तों सच कहता हूँ उसकी छूट की महक से मई पागल होगया और मूठ मरने लगा. जब मेरा लंड झार गया तब मई जल्दी से नहा कर बाहर आया. बड़ी देर लगा दी नहाने मई, दीदी बोली! मई घबरा गया और बोला, वू दीदी गर्मी बहुत है ना.अच्छा चल अब बियर खोल.मैने दो बोतल बियर खोली और एक उनको दी और एक खुद लेली. दीदी बेड पेर पारून को लंबा करके सिरहाने से पीठ लगा कर बैठी थी. मई उनको गौर से देखने लगा. वो बोली, क्या बात है कमाल, क्या देख रहा है? मई सकपका गया और बोला, “कुछ नही दीदी, मई देख रहा था आप मेरे कपड़ों मे बहुत अच्छी लग रागी हो.अच्छ बेटा, तुझे तो लरकियाँ अच्छी नही लगती फिर मई कैसे अच्छी लगने लगी.अओहूओ, दीदी आप कोई लर्की तौरे ही हो कह कर मई चुप हो गया. आरीईए मई लर्की नही तो क्या मर्द हूँ? वो गुस्से से बोली अरे नही दीदी मेरा वो मतलब नही था.तो फिर? अओहूऊओ, अब मई आप को कैसे बतौन. आप मेरी बड़ी बहन हो,मैने कहा. अरे यार फिर वही दकियानूसी बातें. अब हम दोस्त है. देख तू मेरे साथ बियर पी रहा आयी अब मुझ से कैसे सारम बोल खुल के मई बुरा नही मनुगी. वो बियर की बोतल खाली करके बोली. दीदी फिर मुझसे बोली, लेकिन पहले दूसरी बोतल खोल कर मुझे देदे. मैने कहा ठीक है. दीदी बोली, तू नही लेगा और? लूँगा दीदी पेर पहले अगर आप नाराज़ ना हू तो मई एक सिगरेट पी लूँ? और वो पालती मार कर बैठ गई और बोली धात इस्मै नाराज़ होने वाली क्यों सी बात है ला एक मुहज़े भी दे. मई हैरान रह गया. मैने कहा, आप भी? दीदी बोली, हन कभी कभी लेकिन आज सोच रही हूँ क्यों ना आज तेरे साथ मस्ती मरून. मैने एक उनको दे कर एक खुद सुलगा दी. दो काश खींचने के बाद बियर का घूँट भर कर दीदी मुझसे बोली, हन, अब तू बोल. अब तक दोस्तों मई उनसे काफ़ी खुल चक्का था अब मेरा दर कुछ कम हो चक्का था. मई बोला, वो क्या है की दीदी आप तो शादीसूडा हो. मुझे बड़ी उमर की यानी 28 से अप्पर की लॅडीस अच्छी लगती है.अच्छा, और? और मुहज़े 45-50 की सुडोल बदन वाली अच्छी लगती है. दीदी हैरानी से मेरी तरफ देख रही थी. बियर का एक घूँट ले कर बोली, लेकिन भाई 45-50 की तो बूढ़ी होती है. अच्छा ये बताओ अपने से बड़ी उमर की लॅडीस मे तुम्हे ऐसा क्या नज़र आता है जो तुम्हें वो अच्छी लगती है? मैने कहा, दीदी, मई सोच ता हूँ की खैर जाने दो आप बुरा मान जाओगी. मेरे ख्यालात जानकार आप सोचोगी मई कितना गंदा हूँ. अरे नही यार हर आदमी की अपनी एक पसंद होती है. अब तो तुम्हारी बातों मे मुझे भी मज़ा अरहा है बोलो ना प्ल्ज़ बताओ! वो मेरे हाथ पकड़ कर बोली. दीदी बड़ी ..उमर की लेडी का बदन खास कर उस के हिप्स और चेस्ट बहुत भरे भरे होते है मुहज़े बड़े हिप्स और चेस्ट वाली अच्छी लगती है. अरे यार हिन्दी मई बता ना की तुझे बड़े चूतड़ और चुचियों वाली पसंद है. मई उन्हे देखता रह गया. उनके मूह से सुन कर मेरे लंड ने जौर का झटका ख्या दीदी आप..मुहज़े बेसराम बना कर छ्चोड़ॉगी आज मैने कहा.

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