मैंने माँ को और पापा ने बेहेन को चोदा

मम्मी ने काले रंग का बेक लेस ब्लाउज पहना.. !! जिसमें, से उनकी गोरी पीठ देखने वालों पर बिजली गिर रही थी और मेरी बहन ने लंबे कट वाला लोंग स्कर्ट पहना था.. !! जिसमें, से उसकी सफेद जांघें बाहर आ रही थीं.. !! जो की, कुर्सी पर बैठने पर पूरी साफ़ नज़र आ रही थीं.. !!
यह दोनों ड्रेसस, इन्हें वॉर्डरोब में से ही मिली थीं और काफ़ी कीमती थीं.. !!
शानदार लंच के बाद, हम गोआ के नाइट स्पॉट्स पर भी घूमे.. !! जहाँ, गोआ जवान नज़र आता है.. !!
रात में मम्मी ने गेस्ट हाउस में आकर अपनी वही छोटी सी नाईटी पहन ली और बहन ने बदन पर एक सिल्क का कुर्ता डाल लिया। जिसमें से, उसके बोबे आकर्षक दिखाई दे रहे थे।
टीवी देखते हुए, मैंने देखा की मेरी बहन जोकि सिर्फ़ सिल्क का कुर्ता डाले हुए थी अपने पैरों को कुछ ज़्यादा ही फैला कर बैठी थी। जिससे, उसकी जांघें और पैंटी का साइड का भाग भी दिख रहा था और पापा भी मम्मी की जाँघो को हाथों से दबाते हुआ बहन को देख रहे थे…
अगली सुबह, कुछ नज़ारा ही अलग था.. !! .. !!
पापा, जिन्हें मैंने पहली बार स्विम कॉस्ट्यूम में देखा। उनका तना हुआ लिंग, बड़ा अजीब सा लग रहा था।
बहन और मम्मी, दोनों ने भी छोटी छोटी सी बिकनी पहन रखी थी।
पापा बोले की सब लोग खूब मज़े करो.. … जितना हो सके.. … पता नहीं, ये मौका दुबारा मिले नहीं मिले.. …
और हम चारों ने खूब मज़े करे.. !! .. !!
फिर, हम सभी बीच पर गये और वहां पर समंदर में काफ़ी डीप तक घुस कर तैरते रहे।
पापा, मम्मी और बहन की बिकनी खींच खींच कर, उन्हें रेत पर घसीट रहे थे.. !! जिससे की उन दोनों के बूब्स, बाहर निकलने को होते.. !!
काफ़ी देर बाद, हम वापस पूल साइड में आए और मम्मी ने ठीक कल की तरह ही रेत में भरी बिकनी उतार फेंकी और पूल में कूद गईं.. !!
यह सब देख, मैं वहां से हट अंदर आ गया.. !!
पीछे – पीछे, बहन भी अपने अधनंगे चुत्तड हिलाती हुई आ गई और कहने लगी – तुम पागल हो, जो शरमाते हो.. … मज़े लूटो.. … ऐसे खुले विचारों वाले, मां बाप नहीं मिलेंगें… जो, तुम्हें इस तरह आज़ादी दे रहे हैं.. … तुम्हारी जगह, मैं होती तो कपड़े खोल कर एकदम नंगी कूद जाती.. …
कुछ देर बाद, जब मैंने रूम से बाहर झाँका तो देखा की मम्मी पापा, दोनों नंगे होकर पूल में मस्ती कर रहे हैं और मेरी बड़ी बहन जिसने केवल बिकनी पहन रखी थी, वह एक खंबे की आड़ में यह सब तमाशा गोर से देख कर, अपनी चूत को मसल रही थी…
शाम को, हम सभी लगभग अधनंगे होकर एक नाइट क्लब में जा घुसे.. !!
वहां पर, शराब और शबाब का जो नंगा नाच हो रहा था.. !! उसे देख कर, तो मेरा लंड बस फटने ही वाला था.. !!
पापा मम्मी बोले – जिसे, जिसके साथ जोड़ी बनाना हो बना लो.. … कोई किसी की शरम मत पालना.. … दारू पियो या लड़कियाँ नचाओ, कोई बात नहीं.. …
इसके बाद, मैं और मेरी बहन जिसने बड़े गले वाली छोटी सी स्पोर्ट्स ब्रा और जीन्स की जैकेट पहन रखी थी और नीचे केवल दिखाने का छोटा सा मिनी स्कर्ट पहना था, हम खूब नाचे…
बहन बोली की क्यों ना हम भी, बियर या वाइन टेस्ट करें।
तब मैंने उसे कहा की ठीक है… तू केवल, बियर ही पीना.. … मैं थोड़ी सी वाइन लेकर आता हूँ.. …
नशा करने के बाद, कान फोड़ू डिस्को साउंड के बीच… हम अब केवल औरत और मर्द महसूस कर रहे थे…
हमारे बीच, खून का रिश्ता नहीं बचा था,.. !!
अब मैंने अपनी हदें तोड़ते हुए, उसकी शरीर के सभी उभारों को जी भरकर छुआ ही नहीं बल्कि खूब दबाया भी और वह भी कहती रही की भाई, अब मत रूको… तोड़ दो सारी हदें और एक हो जाओ.. …
मैंने देखा की हमारी माँ जो की जीन्स और शर्ट पहनकर उत्तेजक डांस कर रही थीं, उसके शर्ट के आधे से ज़्यादा बटन खुले हुए थे और ब्रा और स्तन बाहर को आने को बेताब हो रहे थे.. !!
मम्मी के चारों और कामुक नशे में धुत्त लोगों का घेरा था.. !! जो बार बार मम्मी के शरीर को छूने और दबाने की कोशिश कर रहे थे.. !!
मैंने देखा उनमें वह आदमी भी था.. !! जो की, दो दिन पहले हमें बीच पर मिला था.. !! वह तो पागलों की तरह, मम्मी के ब्रा में बंद दोनों कबूतरों को पकड़ने की कोशिश में था.. !!
इस बीच, पापा मुझे कहीं नहीं दिखे।
मैंने उन्हें जब खोजा तो वह एक 20-22 साल की लड़की.. !! जो की, शायद मेरी बहन की उम्र की होगी के चक्कर में थे और उसके साथ शराब पी रहे थे और उसके छोटे से स्कर्ट में हाथ डाल डाल कर, उसके चुत्तडों पर चिकोटी काट रहे थे.. !!
थोड़ी देर बाद, पापा उसी लड़की के साथ रंग रेलिया मना रहे थे.. !! जो की, हमें उस बुड्ढे के साथ समंदर किनारे मिली थी.. !!
आधी रात के बाद, जब रात अपने पूरे शबाब पर थी।
तेज़ म्यूज़िक के बीच में मम्मी ने अपना शर्ट हाथ में लेकर हिला हिला कर डांस की भद्दी स्टेप्स करना शुरू कर दी.. !! जो शायद ज़्यादा नशे के कारण थी।
मेरी बहन भी नशे में धुत्त हो, कोने के सोफे पर पैर चौड़े कर अपनी पैंटी दिखा रही थी.. !! उसे ज़रा भी होश नहीं था की दो लड़के जो की शायद ड्रग्स लिए हुए थे.. !!
उसके पैरों में बैठ कर, उसकी पैंटी को टच कर रहे थे।
हम लोग, करीब रात के 4-5 बजे गेस्ट हाउस पहुँचे और सीधे मास्टर बेडरूम में घुस गये।
किसी को अपने कपड़ों का ख्याल नहीं था।
मम्मी तो हाथ में शर्ट लेकर ही घूम रही थीं और बहन ने भी अपना स्कर्ट और जैकेट उतार फेका.. !! .. !!
मेरा नशा, अब कुछ कम होता सा लग रहा था.. !! लेकिन, पापा तो अब भी अपनी बची हुई दारू की बोटल को मुँह से लगाए हुए थे.. !!
नाच और नशे के कारण, गर्मी बहुत लग रही थी.. !! इसलिए, हमने ए सी चालू होने के बावजूद अपने सारे कपड़े खोल दिए.. !!
इधर, पापा तो बहन को ब्रा पैंटी में देख कर उस पर टूट ही पड़े और मम्मी ने मुझे अपने ऊपर लगभग खींचते हुए लपेट लिया,
मैं कहाँ मौका छोड़ने वाला था.. !! मैं भी पापा की तरह कपड़े खोल कर मम्मी के ऊपर चढ़ गया और फ़ौरन मम्मी की जीन्स उतारकर उनकी चिकनी चूत को मुँह में लेकर ज़ोर – ज़ोर से चूसने लगा.. !!
यह देख कर, मेरी बहन ने भी अपनी पैंटी उतार फेंकी और पापा के मुंह के ऊपर बैठ गई।
जैसे ही, पापा ने उसकी चूत को चाटा, वह आनंद से भरकर मूतने लगी और पापा अपनी जवान बेटी की चूत का सारा पानी यानी रस भारी मूत पी गये.. !!
मम्मी भी, अपने दोनों हाथों से अपने स्तानो को दबाते जा रही थीं और कहने लगी की बेटा, यह हिम्मत तू दो दिन पहले क्यो नहीं कर गया… मैं कब से, तड़प रही थी… अब तक तो हम ना जाने, कितने दौर पर दौर मार कर मज़े ले चुके होते…
अगली सुबह 10 बजे, जब मल्लिका बाई आई तो मम्मी ने उससे बेड रूम छोड़ कर बाकी पूरा गेस्ट हाउस साफ़ करवा लिया क्योंकि, बेड रूम में हम तीनों अभी तक नंगे पड़े हुए थे.. !!
पापा का लौड़ा तो बहन की चूत में खाली होकर लटक रहा था और बहन के दूध पर मेरा हाथ रखा हुआ था।
दोपहर के भोजन के बाद, हम सभी वापस बड़े बिस्तर पर एकत्रित हुए और इस बार बिना नशा किए मैंने अपनी बहन को चोदा, मम्मी भी पापा से चुदवाने के बाद वापस मेरे लंड को खड़ा करने के लिए, चूसने लगी.. !! .. !!
उधर पापा भी बहन की छोटी सी चूत की फांको का स्वाद ले रहे थे…
इस तरह, हम अगले कुछ दिन और गोआ में रहे.. !!
इस बीच, हम दिन में कई बार आपस में सेक्स का नंगा नाच करते और इस बीच पूरे घर में नंगे नाचते रहते।
घर वापस आने के बाद तो हम आज तक कभी भी अलग-अलग नहीं सोए।
सभी कामन रूम में डबल किंग साइज़ के बेड पर सोते हैं और मज़े मारते हैं और हाँ अब हमारे घर में कपड़ों का खर्च कुछ कम हो गया है क्यूंकि कपड़े हम केवल बाहर जाने के लिए ही पहनते हैं।
घर में तो हमेशा नंगे ही रहते हैं।
मम्मी भी पापा से एक बात ही कहती है की जल्दी से वापस ऐसी ही कोई और ट्रिप का इंतज़ाम करो।

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