मैने कैसे चुदाई सीखी

रवि कहते हाइन की छूट (वेजाइना) की गहराई 4 से 5 इंच होती है. तो सवाल ये उठता है की आठ इंच लंबा लंड कैसे अंदर घुस सकता है. रवि का कहना है की छूट एलास्टिक है इसी लिए जब लंड अंदर घुसता है तब वो लुंबी होती है और गर्भाशय उन्ड़े धकेल दिया जाता है. लंड बाहर निंकल ते ही छूट छ्होटी हो जाती है और गर्भाशय फिर नीचे आ जाता है. हर उन्ड़े धक्के वक्त लंड का मट्ठा गर्भाशय के मुँह के साथ टकराता है. फटा फट छोड़ते वक्त लंड के धक्के से जो गर्भाशय हिलता है इस से लड़की को खूब आनंद आता है और ऑर्गॅज़म हो जाता है.

रवि और में एक दूजे को खूब प्यार करतें हाइन. ऐसा हो ने पर भी चुदाई के बारे में हम ओपन-माइंडेड हाइन, हालान की अब तक उन्हों ने मेरे सिवा ओर किसी को छोड़ा नहीं है और ना मेने उन के अलावा किसी ओर के पास चुड़वाया है. लग्न बाद रवि ने मूज़े हर रत छोड़ा है, कम से कम एक बार तो सही (मासिक के तीन दिन सिवाय). खास प्रसंग पर (दीवाली, होली, जन्म दिन, शरद पूनम एट्सेटरा) एक से ज़्यादा चुदाई होती है, दो बार, तीन बार. हाइयेस्ट स्कोर पाँच बार का है. वो शरद पूनम की रत थी. खुला आकाश के नीचे हम गच्च्ची पर सोए थे. पहली चुदाई यूँ ही फटा फट हो चुकी, लेकिन रवि ुअतरे नहीं. पिचकारी छ्चोड़ ने के बाद भी लंड नर्म नहीं पड़ा. मेने छूट सिक्कोड कर लंड दबाया तो रवि ने होए होल धक्के मारने शुरू कर दिए. दूसरी चुदाई लंबी चली. दोनो एक साथ ज़दे, लंड नर्म पड़ने लगा और रवि उतरे. उतार ने के बाद उन्हों ने मूज़े छ्चोड़ा नहीं. मूज़े लिपटे रहे, किस करात रहे और निपल्स मसलते रहे. एक के बाद एक कर के मेरे सब कपड़े उतार दिए और खुद भी नंगा हो गये. खुली चाँदनी में एक दूजे के नंगे बदन का स्पर्श होते ही हम एग्ज़ाइट हो गये. मेने पाँव पसार तो वो बीच में आ गये. लनन्ड़ ने खुद छूट का रास्ता ढूँढ लिया और तीसरी चुदाई हो चली. एक बार फिर हम साथ ज़दे और सो गये.

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एक आध घंटे की नींद के बाद मेी जब जागी तब रवि की उंगलियाँ मेरी छूट में आती जाती थी. मेने लंड टटोला तो उसे छोड़ने के लिए तैयार पाया. में चार पाँव हो गयी और रवि पिच्चे से चड़े. मेरे नितंब पकड़ कर उन्हों ने ज़ोर से मूज़े छोड़ा. जब वो ज़दे तब लंड निकले बिना मूज़े फ्लॅट लेता दिया. मेरी छूट में ऑर्गॅज़म के फटके होते थे और लंड भी कड़ा था. दो पाँच मिनिट बाद पाँचवी चदई शुरू हुई जो दस मिनििट तक चली. आख़िर तक कर हम सो गये तो सुबह सात बजे जागे. मेरे बारे में में क्या बतौन ? मेरे पति ही मेरा परिचय देंगे. उन के शब्दों में.

में न्नीलू को बचपन से जनता हूँ. मेने उसे दूध पीटी बच्ची देखी है. कभी कभी मामी उस की नॅपी बदलती थी तब उस की छ्होटी सी भोस मेरी नज़र अंदाज होती थी. उस वक्त मेरे दिमाग़ में सेक्स का कोई ख़याल आया नहीं था. किस को खबर थी की एक दिन उस भोस को छोड़ने का सौभाग्य मूज़े प्राप्त होगा ? नीलू को कच्ची काली में से खिल कर सुगंधिदार पुष्प बनाते मेने देखा है. ऐसा हो ने पर भी सुहाग रत में जब मेने उस के कपड़े उतरे तो मूज़े लगा की में कोई स्वप्न देख रहा हूँ, वो इतनी सुंदर होगी ये मेने सोचा तक नहीं था.

नीलू 5, 2” लंबी है. वजन 120 ल्ब्ष. नाप: 33-26-36. बड़ी बड़ी काली आँखों वाला चाहेरा गोल है. मेक उप किए बिना ही गुलाबी रंग के चिकान्य गाल है किस करने को दिल लुभाए ऐसे. मुँह का उपरी होत पतला और नीचे वाला भरपूर, लाल कलर का. किस करते वक्त होत चूसने का जो मज़ा आता है. हाथ और पाँव सुडोल, चिकान्य और नाज़ुक. कबूतर की जोड़ी जैसे दो स्तन सिने के उपरी हिस्से पर लगे हुए हैं. संपूर्ण गोल स्तन के मध्य में एक इंच की अरेवला है और अरेवला के बीच किस्मीस के दाने जैसी कोमल कोमल निपल है. अरेवला ज़रा सी उपासी हुई है. अरेवला और निपल बादामी रंग के हाइन. छोड़ते वक्त दोनो लाल रंग के और कड़े हो जाते हाइन और सारा स्तन भारी और कठोर बन जाता है. नीलू की निपल्स बहुत सेन्सिटिव है, जब में मुँह में लिए निपल्स चुसता हूँ तब नीलू जलदी से ज़द जाती है. पेट बिल्कुल सपाट है. पतली कमर के नीचे दो भारी, चौड़े नितंब (हिप्स, चूतड़, थापा, कूल्हे) है. जंघें मोटी गोल और चिकनी है. दो जांघों के बीच नीलू का सब से रसिक अंग है: उस की भोस. मेडिकल कॉलेज में मेने कितनी भी देखी है लेकिन कोई इतनी खूबसूरत नहीं देखी. जब नीलू जांघे सता कर पाँव लंबे कर के लेटटी है तब उस की भोस उलटा हुआ टीकों जैसी दिखती है. मन्स काफ़ी उपर उठी हुई है और काले घूंघरले ज़ंट से ढाकी हुई है, नीलू काट कर ज़ंट छ्होटे रखती है. भोस की दरार का एक इंच ही दिखाई देता है ओर कुच्छ नहीं. जांघें फैला कर पाँव उठाने से भोस अच्च्ची तरह से देखी जा सकती है. बड़े होत भरवदर है और एक दूजे से सटे होने से अंदर का हिस्सा ढाका रहता है. होत के बीच की दरार तीन इच लंबी है

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बड़े होत उंगलिओं से आसाआनी से खोले जा सकते है. तब भोस का अंदर का गुलाबी कलर का हिस्सा दिखाई देता है. छ्होटे होत पतले और नाज़ुक है. वो जहाँ मिलटें हाइन वहाँ नीलू की 1 लंबी क्लाइटॉरिस है. क्लितोरी स्का मट्ठा छ्होटे से लंड के मत्थे बराबर दिखता है. क्लाइटॉरिस के पिच्चे पिसाब की सुराख है और इस के पिच्चे योनि का मुँह. ये हुई बात जब नीलू शांत हो तब की. जब वो छुड़वाने के लिए एग्ज़ाइट हो जाती है तब उस की भोस बदल जाती है. सारी भोस सूज जाती है. छ्होटे होत जामवली कलर के हो जाते है और बड़े होठों के बीच से बाहर निकल आते हाइन. क्लाइटॉरिस लंड के माफिक टॅटर और मोटी हो जाती है. उस का मट्ठा चर्री जैसा दिखता है और टेस्ट में भी वैसा ही लगता है. योनि गीली हो कर लॅप लॅप करने लगती है.

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