मौसी की लड़की से हुई बुर चुदाई

मैंने अपना लन्ड चूत मै ही रक्खा और ठंडे पानी के छींटे इशिका के मुंह पर मारे इशिका ने आँखे खोली . इशिका मेरी तरफ़ देख रही थी की मैंने तभी अपने होंठ उसके होंटों पर रख दिए और उन्हें चूसने लगा . धीरे धीरे लन्ड को हिलाया तो चूत कुछ नरम लगने लगी और इशिका के करहने की आवाजे अब अआया …..ह्ह्ह सस ……ईई. ऊओऊ ………फफफफफ ………..……. च्च्च्क सावन चोदो…ऽऽ मर गई मैंऽऽ.।

अब इशिका की चूत अपने वासना के जादू से मेरे लन्ड को अपने भीतर पागल कर रही थी मेरा लन्ड भी इशिका की चूत को जी भर कर चोद रहा था . वास्तव मै इशिका की चूत को चोद कर मै सवर्ग की किसी अप्सरा को छोड़ने का अहसास कर रहा था . हम दोनों चूत लन्ड के इस खेल को आधे घंटे तक खेलते रहे तभी इशिका की पकड़ मुझ पर और ज्यादा हो गई और मै समझ गया की इशिका का सेक्स पूरा हो गया है। उसकी चूत का गरम पानी मुझे अपने लन्ड पर महसूस हुआ . अब मेरे लिए भी ख़ुद को ज्यादा देर रोक पाना आसान नही था और मैंने भी अपनी वासना के बादलों को इशिका की चूत की प्यासी धरती पर बरसा दिया।

और इसके बाद हम दोनों एक दूसरे पर काफी देर तक लेटे रहे . इशिका बोली सावन ये आज मेरी पहली सुहाग रात है आज रात मुझे जी भर के चोदो और लगा दो अपनी इशिका पर सावन की मोहर . उस रात मैंने इशिका को चार पॉँच बार चोदा . लेकिन उस दिन इशिका की चूत पर बहुत ज्यादा स्वेल्लिंग आगई . साथ ही मेरे लन्ड को भी दर्द का अहसास हो रहा था क्योंकि चूत ज्यादा टाइट थी। इशिका से चला नही जा रहा था मैंने उसे अपनी बांहों मै उठाया और उसके बिस्तर पर लिटाया और उसे एक किस करके चला आया .

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उस दिन के बाद जब तक मै मामा के घर पर रहा। हम दोनों की सारी रात उसी गेस्ट रूम में गुजरती थी अकेले तनहा एक दूसरे की आगोश में . सच मुच चुदाई का मज़ा लेने के बाद कुछ ही दिनों में इशिका के चेहरे की चमक अपने आप बढ़ने लगी वो और ज्यादा ख़ूबसूरत और सेक्सी हो गई। तो दोस्तों कभी अपने इस सेक्सी सावन को भी अपनी प्यास बुझाने के लिए याद की

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