मारवाड़ी की ख़ूबसूरत बेटी का चुत में मेरा लुंड

मेरा नाम नसीम राजा है और लोग मुझे राजा या राज भी कहते है. अब मेरी उमर 24 साल की है. मैं एक मारवाड़ी सेठ कांति लाल के घर के पड़ोस मे रहता हू और मेरा उनके घर हमेशा का आना जाना लगा रहता है. मैं अपने घर मे कम और उनके घर मे ज़ियादा रहता हू और अब तो मैं मारवाड़ी लॅंग्वेज भी अछी तरह से समझ और बोल सकता हू. लकिन मैं जो आपको कहानी सुनाने जा रहा हू वो कुछ साल पहले की है.
सेठ कांतिलाल का एक बेटा है, शांति लाल, तकरीबन मेरी ही उमर का है और हम एक ही कॉलेज मे पढ़ते हैं और आपस मे आछे ख़ासे दोस्त भी हैं. हम एग्ज़ॅम्स के नज़दीक कंबाइंड स्टडीस भी करते हैं और जब कंबाइंड स्टडीस करते है तो मेरी रात उनके ही घर मैं गुज़रती है. हम दोनो साइन्स के स्टूडेंट्स हैं. कभी कभी तो हम एक ही बाइक पर कॉलेज चले जाते है. मे कॉलेज की क्रिकेट टीम का मेंबर हू और जब प्रॅक्टीस सेशन होता है तो मुझे घर वापस लोटने मे देरी हो जाती है और उस टाइम पे शाँतिलाल मेरा वेट करता रहता है और हम साथ ही वापस जाते हैं.
सेठ कांति लाल की एक बेटी भी है जिसका उसका नाम पूनम है. घर वाले और जानने वाले उसको प्यार से पिंकी कह कर पुकारते है. वो हम से उमर मे तकरीबन 2 साल छोटी है. पूनम एक बोहोत ही सुंदर, थोड़ी सी दुबली पतली और बोहोत ही नाज़ुक लड़की है. थोड़ी बोहोत चंचल भी है और मा बाप की लाडली बेटी है इसी लिए थोड़ी सी ज़िद्दी भी है. वो जब किसी बात की ज़िद्द करने लगती है तो उसके पूरा होने तक खामोश नही बैठ ती. ऐसा भी नही है कि हर बात मे ज़िद्द ही करने बैठ जाए, कभी कभी समझाने पर मान भी जाती है.
बड़ी होने के बाद वो ज़िद्द ख़तम हो चुकी थी लैकिन फिर भी कभी कभी वो पुरानी ज़िद्द वापस आ ही जाती थी. वो इंटरनेट की दीवानी है रात रात भर इंटरनेट पर अपने फ्रेंड्स के साथ चाटिंग करती रहती है और पता नही क्या क्या देख लेती होगी
क्यॉंके उसका कमरा अलग है और वो जब भी इंटरनेट यूज़ करती है तो मोस्ट्ली अपना कमरा अंदर से लॉक कर लेती है. शाँतिलाल का और पिंकी का बेडरूम फर्स्ट फ्लोर पे है पर अलग अलग है विद अटॅच्ड बाथरूम. दोनो के कमरो के बीचे मे एक बोहोत बड़ा सा हॉल है जहा 2 बड़े सोफा सेट रखे हुए है जब दोनो मे से किसी के पास कोई फ्रेंड्स आ जाते है तो वो हॉल उसे मे ले आता है.
ऑन दा होल पूनम एक बोहोत ही अछी और फ्रेंड्ली लड़की है. हमेशा मुस्कुराती रहती है और जब मुस्कुराती है तो उसके गालो मे दो छोटे से डिंपल पड़ते है. वो पढ़ाई मे उतनी तेज़ नही है कभी कभी किसी ना किसी सब्जेक्ट मे फैल भी हो जाती है. हाइट होगी तकरीबन 5’ रंग इतना गोरा है के उसके हाथो पे खून की नीले रंग की रगें ( वेन्स ) सॉफ दिखाई देती है. लाइट ब्राउन कलर की उसकी बड़ी बड़ी आँखें और लाइट ब्राउन कलर के ही उसके रेशम जैसे बाल उसकी कमर तक झूलते बोहोत आछे लगते हैं. उसका फिगर होगा कोई 28-24-30. पिंकी एक बे इंतेहा खूबसूरत लड़की है. पिंकी से भी मेरी अछी ख़ासी दोस्ती है. हम एक दूसरे के साथ जोकिंग भी करते है और खेलते भी हैं और बिंदास एक दूसरे के बदन पे इधर उधर हाथ भी लगा लेते है और कभी एक दूसरे के गाल पे या चूतड़ पे चुटकी भी काट लेते है. रोमॅंटिक और डबल मीनिंग वाले सेक्सी जोक्स भी शेर कर लेते हैं और कभी कभी तो उसको अपनी बाँहो मे भी भर लेता हू और जब उसका बदन मेरे लंड से लगने लगता है तो वो अपने बदन को मेरे बदन से और ज़ियादा चिपका लेती है ताकि मेरे लंड को अछी तरह से फील कर सके और फिर मुझे अजीब नज़रो से देखती हुई मुस्कुरा देती. और एस्पेशली हम जब होली खेलते है तो मे उसके बूब्स को भी अछी तरह से मसल देता हू जिस्मै मुझे बोहोत ही मज़ा आता है उसके छोटे कड़क बूब्स एक दम से मस्त है और होली खेलते समय जब वो हंसते हुए झुक जाती तो मे उसको पीछे से पकड़ लेता जिसकी वजह से मेरा लंड अकड़ जाता और उसकी गंद मे लगता रहता और मैं उसके बूब्स को मसलता रहता और वो भी मेरे इतने करीब हो के रंग लगाती है के उसके बूब्स मेरे बदन से टच करते रहते है और कभी तो मेरा लंड उसके बदन से भी लग जाता है और कभी वो ऐसे हाथ फिराती है के मेरे लंड से उसका हाथ भी टच होता है और ऐसे टाइम पे वो बड़ी ज़ोर से खिल खिला कर हंस देती . मतलब के हम दोनो एक दूसरे के साथ बोहोत ही फ्री रहते हैं और इस बात को सब घर वाले भी जानते हैं वो सब भी यही सोचते है के हम एक आछे दोस्त और साथी है और फ्रेंड्स जैसा ही रहते है. वो मुझे राजा कह कर पुकरती है तो मैं शरारत से कहता हू के अरे कभी तो “मेरे राजा” कह के बुला लिया करो ना मेरी जान तो वो अपनी ज़ुबान बाहर निकाल के मुझे चिढ़ाती हुई मुस्कुराती और बोलती के जब तुम मेरे राजा बनॉगे तब पुकारूँगी तो मैं भी हंस देता और
कहता के चलो ठीक है देखते है वो दिन कब आता है तो वो भी हंस देती इसी तरह से हसी मज़ाक मे मस्ती मे दिन गुज़रते रहे और मैं जैसे उनके घर के एक सदस्य ही बन गया था उनके घर मे ही खाना भी खा लेता था और कभी कभी तो शाँतिलाल या पिंकी के कमरे मे सो भी जाता था. पूनम की माताजी जिनका नाम पूजा है सब लोग उनको सेठानी मा या माताजी कह कर बुलाते है पर मैं उन्हे आंटी कह कर बुलाता हू और वो भी मुझे राजा ही कह कर पुकारती है लैकिन सेठ कांतिलाल और उनका बेटा शाँतिलाल मुझे राजू, राजा या राज ही कह कर बुलाते है. पूजा माताजी की एज होगी कोई 36-37 साल की लैकिन वो किसी 20 साल की लड़की से ज़ियादा नही लगती और वो भी एक बोहोत ही सुंदर औरत हैं. हाइट होगी कोई 5’ 5” के करीब. दुबली पतली, गोरे रंग की. बड़ी बड़ी आँखें, फिगर होगा कोई 36-32-36. वो हमेशा सारी ही पेहेन्ति है और बटक्स पे सारी उनकी थोड़ी टाइट होती है जिस से चलते समय उनके चूतड़ बड़े सेक्सी स्टाइल मे हिलते हैं और रात मे नाइटी पेहेन्ति है. कभी नाइटी पतली हो तो उनकी ब्रस्सिएर और पॅंटी भी दिखाई देती है और अगर कभी ब्रस्सिएर नही पहनी हो तो उनके गोरे गोरे बूब्स और गुलाबी निपल भी सॉफ दिखाई देते है ऐसा मुझे देखने का दो तीन टाइम मोका मिला जब मैं रात को किसी काम से उनके घर गया था. उनके बूब्स भी टाइट ही लगते है शाएद ब्रस्सिएर टाइट पेहेन्ति हैं या उन्हे ज़ियादा दबाया और चूसा नही गया होगा इसी लिए टाइट होंगे. आँखों पे गोलडेन फ्रेम की नाज़ुक ऐनक उनके चेहरे पे बोहोत ही अछी लगती है. हमेशा ही अछी ड्रेसिंग मे रहती है ऐसा लगता है जैसे कही बाहर जाने के लिए रेडी हुई हो. मैं उनकी बोहोत इज़्ज़त करता हूँ और वो भी मुझे बोहोत ही चाहती है एक फॅमिली मेंबर की तरह से ट्रीट करती है और हमेशा मुझे कुछ ना कुछ गिफ्ट्स भी देती ही रहती हैं.

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