मैनेजर के सात सेक्स किया अद्भुत अनुभव

अगले दिन मैम ने छुट्टी ले रखी थी. साराह के दोनों बच्चे स्कूल चले गए तो मैम किचन में कुछ बना रही थी. मैडम ने एक पतला सा होजरी का गाउन पहन रखा था वो भी ढीला ढाला सा… मैं गया और पीछे से उसे पकड़ लिया, मैं अपना लंड उनकी गांड की दरार में छुआ कर उनकी चूचियां पकड़ कर मसलने लगा…
मैडम ने मुस्कुराते हुए पीछे देखा और बोली- बहुत बेसबरे हो रहे?

मैं बोला- मैडम चौदह घंटे बीत गए मुझे यहाँ आये हुआ और अभी तक कुछ नहीं हुआ, फिर भी कहती हो कि बेसबरे हो रहे हो? और कितना इम्तिहान लोगी मेरे सब्र का?
तो मैम ने एक हाथ से मेरे गाल को थपथपाते हुए कहा- तो चलो बेडरूम में चलते हैं.

मैं साराह को लेकर के बेडरूम में आ गया. मैंने साराह के होंठों को किस करना शुरू कर दिया. लगभग 3-4 मिनट के बाद मैंने साराह का गाउन उतार दिया और उस में से उसके 32 साइज के मम्मों को देख कर मैं हैरान था कि दो बच्चों की माँ और फिगर इतना मस्त.

खैर.. मैंने साराह की ब्रा भी उतार दी और मैंने उसके मम्मों पर किस करना शुरू कर दिया. दोस्तो क्या बताऊं यार साराह के चूचे पीते हुए मैं खुद को भूल गया. मैं उसके चूचे ऐसे पीने लगा जैसे मैं वर्षों का प्यासा हूँ. साराह अब सिर्फ पैंटी में थी.

साराह के मम्मों को चूसते चूसते मैंने अपना एक हाथ उन की पैंटी में घुसा दिया और मैडम की चूत में उंगली करने लगा. मैडम की चूत एक दम क्लीन शेव चिकनी लग रही थी, मुझे ऐसे लगा कि मेरा हाथ मक्खन पर फिसल रहा हो.

तभी साराह ने कहा- अपना लंड भी मुझे देखने दो ना.
तो मैंने अपना लोअर नीचे करते हुए कहा- खुद ही निकाल लो. साराह ने मेरी चड्डी नीचे सरकाते हुए मेरा लंड बाहर निकाल लिया.
मेरा लंड देख के साराह खुश हो गई और बोली कि ये तो एक दम मेरे पति जैसा ही है, उतना ही लंबा और मोटा!

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साराह मेरे लंड को अपने नाजुक हाथ में पकड़ कर आगे पीछे करने लगी, मुझे बहुत मजा आ रहा था.
कुछ देर के बाद बाद मैंने साराह की पैंटी भी निकाल दी और साराह को बेड पर लेटा दिया. पूरी नंगी साराह मेरे सामने लेटी थी, मेरा लंड उसका चिकना बदन देख कर सलामी दे रहा था, लंड को हिलते देख मैडम ने उसे फिर अपने हाथों में पकड़ लिया और बोली- ये कुछ ज्यादा ही उतावला हो रहा है.
मैंने कहा- यार इसे अपना निशाना सामने दिख रहा है.
मैडम बोली- तो देर किस बात की है, आ जाओ!
मैंने कहा- इतनी जल्दी नहीं, अभी तो बहुत कुछ बाक़ी है.

फिर मैंने साराह से पूछा- घर में शहद नहीं है क्या?
तो साराह ने कहा- फ्रिज में है.. निकाल लाओ.

मैं रसोई में गया और शहद ले आया. मैंने थोड़ा सा शहद साराह की नाभि पर गिरा दिया और चाटने लगा. उसके बाद मम्मों और बगल में भी शहद डाल के चाटने लगा.

जब मैंने शहद साराह की जांघ पर और चूत के अगल बगल में डाल कर अपनी जीभ घुमाई, तो साराह का पूरा शरीर कंपकंपाने लगा. साराह उत्तेजना के मारे कुछ बोल नहीं पा रही थी.

अब मैं साराह की जांघों और चूत के अगल बगल में बड़ी तल्लीनता से चाट रहा था और साथ में मम्मों को भी दबा रहा था.
दोस्तो अब मैंने थोड़ा सा शहद सीचे मैडम की चूत की दरार के बीच में टपकाया और जैसे ही मैंने अपनी जीभ की नोक साराह की चूत में घुसाई, वैसे ही साराह की चीख निकल गई और ढेर साराह गाढ़ा चूतामृत निकल कर बाहर आ गया, जिसको मैंने शहद के साथ ही चाट लिया.

अब मैडम बेचैन हो गई, कहने लगी- बस अब बहुत खेल लिए, अब अपने शेर को मेरी गुफा में घुसा दो.
मैंने भी मैदन की तड़प को समझा और अपना शर्ट उतार दिया. लोअर और चड्डी तो मेरी पहले ही उतर चुकी थी. बनियान मैंने पहनी ही नहीं थी.
पूरा नंगा मैं पूरी नंगी लेटी मैडम के बदन के ऊपर आ गया. मेरा लंड मैडम की चूत पर दस्तक दे रहा था, मैंने कोई जल्द बाजी नहीं की, मैं आराम से मैडम के होंठ चूसने लगा, उनके मुख में अपनी जीभ घुसाने लगा. मैडम मेरी जीभ को चूसने लगी. लेकिन मैडम को चुदाने की बेचैनी हो रही थी तो वो खुद अपने हाथ से मेरा लंड पकड़ कर अपनी चूत पर लगाने लगी.

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मैंने मैडम को जांघें चौड़ी करने को कहा, उन्होंने अपने पैर दायें बायें फैला कर अपनी जांघें खोल दी और मेरे लंड का निशाना अपनी चूत के छेद में सेट कर लिया. उन्होंने नीचे से अपने चूतड़ उचकाये कि लंड अंदर घुस जाए लेकिन ऐसे कैसे लंड अंदर घुस जाता… जब मैंने ऊपर से एक झटका अंदर को मारा तो गीली चूत में मेरा लंड ऐसे घुस गया जैसे मक्खन में गर्म छुरी.
मैडम से मुख से निकला- उम्म्ह … अहह … हय … ओह …

बस इसके बाद साराह की चुत की दमदार चुदाई हुई लेकिन दोस्तो अब इससे ज्यादा मैं नहीं लिख सकता.. क्योंकि मेरे लंड महाराज अपने रौ में आ गए हैं और इसको शान्त करना जरूरी है.

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