मस्ती से मजबूरी तक

हेलो फ्रेंड्स, मेरा नाम अभिनश है. मई अभी 29 यियर्ज़ का हू और मई मुंबई, महर्षट्रा का रहने वाला हूँ. मई यह जो स्टोरी लिखने जा रहा हूँ 2 साल पहले 2020 को स्टार्ट हुआ था और अभी तक चल रहा है.

इस कहानी में जो भी कॅरेक्टर्स आप पढ़ने वेल हैं सबकी पर्मिशन लेकर ही में ये स्टोरी लिख रहा हूँ. इनफॅक्ट उनी में से एक का आइडिया था.

सॉरी तोड़ा बोर कर रहा हू बुत बड़ी लंबी कहानी है तो तोड़ा सबर तो बनता है. और पहली बार लिख रहा हूँ इसीलिए ग़लती हुई तो माफ़ कर देना, पर सब कुछ सच है एक्सेप्ट नेम्स.

तो चलिए शुरू करते है.

जैसे की आप को पता है मेरा ना अभिनश है. मेरे घर में मेरे अलावा मेरे पापा और मम्मी भी है. मेरी एक गर्लफ्रेंड भी है. जिसके बारे में घर में सबको पता भी है. एंगग (कंप्यूटर साइन्स) के बाद में ने कई सारी जॉब चेंज करी थी.

पैसा तो था पर जॉब सॅटिस्फॅक्षन नहीं मिल रही थी. तो सबके बिचार सुन ने के बाद में ने गूव्ट जॉब्स के किले प्रेपरेशन सुरू कर लिया. और 2 साल के पढ़ाई के बाद 28 की उमर में जॉब भी लग गयी. अब कौन सी जॉब लगी यह तो बता नही सकता फॉर प्राइवसी रीज़न्स. पर इतना है की जॉब ही है सब कुछ सच है.

स्कूल के टाइम से मेरा जो फ्रेंड सर्कल है काफ़ी बड़ा है. 10 से 12 फ्रेंड हम हमेशा ईव्निंग में मिलते हैं और दारू एट्सेटरा सब चलता है.

हम सब फ्रेंड्स काफ़ी क्लोज़ है. सब कुछ शेर करते हैं बुत सेक्स लाइफ नहीं. शृुख, सुल्तान, अजय, सुमन, राहुल, सुनील, सुमित और में बहुत क्लोज़ थे. हम जहाँ भी जाते थे कुछ नही तो हम 8 जान हमेशा जाते थे. और मोस्ट ऑफ थे प्लॅनिंग हम ही करते थे.

अभी तोड़ा में मेरे बारे में खुल के बता रहा हूँ. मेरी हाइट 6 फीट की है, रंग सावनला से तोड़ा जाड़ा गोरा. और लंड के बारे में बतौन तो कवि नापा नहीं.. और फेनकूंगा भी नहीं की 8 इंच या 10 इंच का है. पर 5 तो 6 इंच का है और मोटाई ठीक तक है. जैसे हर आवरेज इंडियन का है.

दिखने में ठीक तक हूँ. स्कूल के टाइम से मेरी काफ़ी सारी गर्लफ्रेंड्स थी. टोटल में 6 थी. अभी जो है उसे छोड़ कर. पर सेक्स मैने सिर्फ़ लास्ट वाली के साथ किया था जो एंगग की 3र्ड एअर में बनी थी.

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ये सब में इसीलिए बता रहा हूँ की आप मुझे आचे से जान जाए. ऐसा नहीं था की मुझे देखते ही लड़कियों की पनटी गीली हो जाती थी. पाटने के लिए बहुत मेहनत किया था मैने. पर हन मई एक चीज़ बोलूँगा की अगर किसी ब लड़की के साथ में बात करना शुरू कर दिया तो वो लड़की को में बहुत अछा लगने लगता हूँ. चलिए फाइनली अब कहानी पे आते है.

इस कहानी में मेरे अलावा जो जो हैं उनके बारे में तोड़ा बता देता हूँ.

सागरिका (रिया) जो अजय की बीवी है, शालिनी (रानी) अजय की साली और रिया की बहें, बर्षा (सीखा) सुमन’स एक्स-गफ़, सुगंधा (अर्पिता) राहुल’स वाइफ, आराधना (मामली) सुल्तान’ एक्स गफ़, और लास्ट में मेरी गफ़ जो की बीवी बनने वाली है आँचल (टीया).

अभी आप सोच रहे होंगे की शृुख और सुनील कहाँ है. वेल शृुख की गफ़ हमारे ग्रूप से ज़्यादा मिलती जुलती नहीं थी और सुनील का कोई है ही नहीं. एंगग के बड़ा सब के जॉब हो गये.

शृुख और सुल्तान 2013 में एंगग ब बाद ही बंगलोरे चले गये. सुमित और राहुल का तो फॅमिली बिज़्नेस था. और सुमन, सुनील और अजय जॉब के लिए ट्राइ कर रहे थे और में जॉब के लिए हयदेराबाद चला गया था. पर हम सब एक साल में दो बार ज़रूर मिलते थे और खूब मस्ती करते थे.

मस्ती मतलब दररूबाज़ी घूमना लड़की ताड़ना ये सब. हम ने कभी लड़कीबाज़ी नही की. अभी भी नही करते. तो ऐसे ही चलता गया 2013 से लेकर 2015 तक.

2015 में मेरा ट्रान्स्फर हो गया था बंगलोरे. और में शृुख और सुल्तान साथ में रहते थे. 2016 में मुझे और पवत् जॉब करना अछा नहीं लगा सो में छोड़ कर वापस मुंबई आ गया. जॉब छोड़ के आया था तो घर में बेते बेते क्या करूँ..

ऐसे ही फ़ेसबुक ब्राउज़ कर रहा थी मेरी नज़र एक लड़की की प्रोफाइल (टीया) पर पड़ी मेरी फ्रेंड लिस्ट में थी. मेरे 700से जाड़ा फ्रेंड्स हैं फ्ब में पर में जनता सिर्फ़ 20 को हूँ. वो लड़की देखने में काफ़ी क्यूट थी.

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तो मैने उसे बात करना स्टार्ट कर दिया. और बात करते करते हम रीलेशन में आ गये. तो धीरे धीरे सबको पता चलने लगा. उस टाइम अजय की गफ़ रिया थी, राहुल की गफ़ नहीं थी सुल्तान आराधान को लाइन मार रहा था. शृुख भी कमिटेड था, और सुमन का ब्रेक उप हो गया था सीखा के साथ. और सुनील का तो आप को पता है कोई नहीं था और सुमित का भी उस टाइम कोई नहीं था.

तो धीरे धीरे घर में पता लगने लगा मेरे और टीया के बारे में. उसकी घर वालों को भी मालों पड़ा.. बुत वो तोड़ा पहले नाराज़ थे क्यूँ की में उसे से बड़ा हूँ. पर अब सब ठीक है.

में मुंबई आने के बाद कन्स्ट्रक्षन लाइन में घुस गया था. कम भी यहाँ वहाँ मिल रहा था. तो घर से बाहर रहना पड़ा ज़्यादा टाइम. यह बात ना टीया को अची लगी ना ही मेरे घर वालों को. पर क्या करूँ कन्स्ट्रक्षन कम बीच में छोड़ के तो आ नहीं सकता क्यूँ की टेंडर मेरे नाम से था. त

ओह मैने रिया को पीयेच किया की टीया बोर हो रही है अगर तू कहीं घूमने जाएगी तो उसे ब साथ बुला लिया कर. क्यूँ की हम सब क्लोज़ थे तो उसे भी कोई प्राब्लम नहीं हुआ. टीया भी मान गयी. रिया की बहें रानी भी मान गयी. वो धीरे धीरे क्लोज़ होने लगे.

रिया और अर्पिता हमारी आगे की थी और रानी हम से 3 साल छोटी है, मामली और सीखा 4 साल छोटी है. सब से छोटी मेरी गफ़ ही है हमारी ग्रूप में. तो क्यूँ की रिया मुझे भाई बुलाती थी तो वो टीया को छोटी बहें की तरह ट्रीट करने लगी. उस टाइम अजय भी राहुल के साथ मिल कर बिज़्नेस लाइन में घुस गया था. तो वो भी बहुत टाइम बाहर ही रहता था.

पर उसके लिए रेआलतिओं में कभी ब दरार नही आई किसीकि भी क्यूँ की हम सब साथ में मिल के एक दूसरे को गाइड करते थे.कोई भी प्राब्लम हो हम मिल के उसका सल्यूशन निकल लेते थे.ऐसे ही कुछ देर चलता रहा.

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