मैने मेरे ऑफीस मे स्टाफ की लड़की को छोड़ा

ही ई’म कुणाल फ्रॉम जाईपुर. मई मेरे बारे मे बता डू की मेरी आगे 27 है, मेरी हाइट 6 फीट है और मे दिखने मे पतला हू. पर सेक्स मे किसी को भी सॅटिस्फाइ कर सकता हू.

तो बात उन दीनो की है जब मे मेरे ऑफीस मे काम करता था. तब वाहा एक लड़की थी स्टाफ मे. उसके बारे मे क्या बतौ, उसको पहली बार देखते ही मुझे उसको छोड़ने का मॅन किया पर उस टाइम क्या कर सकता था.

धीरे धीरे दिन निकलते गये और मे उसे देखकर बस यही सोचता की इसे कब छोड़ू. फिर हमारे ऑफीस मे स्टाफ की कमी होने लगी तो मई और वो ही बचे थे ऑफीस मे काम करने के लिए.

एक दिन वो ऑफीस मे आई तो मैने देखा की उसकी त-शर्ट है जो हल्की सी साइड से फटी हुई है. मैने उसको धीरे से बोला की उसकी त-शर्ट साइड से फटी हुई है. तो उसने मुझे बोला की कुछ दिख रहा है क्या?

मैने बोला की साइड से तो सब देख रहा है. तो वो बोली की अछा है सिर्फ़ आपने ही देखा कोई और देख लेता तो प्राब्लम हो जाती. मैने कहा केसे? तो
वो हासणे लग गयी. मैने उसको बोला की मुझे तो आयेज से भी तो दिखना चाहिए फिर.

तो वो कुछ न्ही बोली और गुस्से से देखने लगी. मई फिर व्हा से चला गया और उसकी त-शर्ट को देख कर उसके नामे की मूठ मारी. और रोज सोचता की उसे केसे छोड़ू.

एक दिन हुँने ऑफीस शिफ्ट करा था नया और तब हम दोनो ही ऑफीस मे सामान शिफ्ट कर र्हे थे. तब वो दीवार पर वॉच लगा रही थी चेर पर खड़ी होके.

तभी अचानक से वो चेर से गिर गयी और ज़ोर से छीलाने लगी. तब मई उसके पास गया और हासणे लग गया तब वो रोने लग गयी. मैने फिर उसको उठाया तो देखा की उसके पेर मे मोच आ गयी है.

मैने उसको उठा कर के दूसरी चेर मे बिताया तो मेरे हाथ उसके बूब्स पर लग गया. उसने मुझे कुछ न्ही बोला तो मैने देखा की उसकी पेंट पूरी खराब हो गयी. मैने उसको बोला की तुम चेंज कर लो इसको.

तो हमारा जो नया ऑफीस था वो ऐसा था की 3र्ड फ्लोर पर था और वाहा कोई आता जाता न्ही था और उसमे 2कॅबिन थे. दूसरे वेल कॅबिन मे वो चेंज करने चली गयी.

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उसके 2 मिंट बाद ही लाइट चली गयी और पूरा अंधेरा हो गया. और वो ज़ोर से चिल्लाई तो मई भाग कर उसके पास गया. वो अपनी पेंट आधी खोल चुकी थी और जेसे ही मई उसके पास फुचा तो वो मेरे सीने लिपट गयी. मुझे ऐसा एहसास हुआ की बस इसको अभी छोड़ डू. और मेरा लंड एक ही झटके मे पूरा खड़ा हो गया.

उसको भी टा चल की मेरा लंड खड़ा हो गया है. उसने हाथ लगाया और बोली की ये क्या है? तो मैने कहा तुम्हे टा न्ही है क्या की क्या है ये? वो बोली की इतना बड़ा होता है क्या? क्यूकी वो वर्जिन थी और उसकी आगे 19 की थी. उसके घरवाले बहोट ही ज़्यादा स्ट्रिक्ट थे.

मैने उसको होतो पर किस कर दिया तो उसे भी अछा ल्ज्ने लगा और वो भी मेरा साथ देने लगी. फिर मैने उसकी त-शर्ट कर उपर से ही उसके बूब्स दबाने लगा और वो धीरे धीरे जोश मे आने लगी. तब मैने पीछे से हाथ डाल कर उसकी छूट मे एक उंगली डाल दी. जिससे वो सिहर उठी और मुझे माना करने लगी की नही वाहा कुछ मत करो. तो मई रुक गया.

फिर मैने उसको किस करना चालू कर दिया. उसके बाद उसकी त-शर्ट को खोल कर ब्रा भी निकाल दी और बूब्स को खाने लग गया. वो खुद ही थोड़ी देर बाद मेरे हाथ को पकड़ कर छूट की तरफ रख दी. और मई धीरे धीरे उसकी छूट मे उंगली करने लगा. उसकी छूट काफ़ी गिल्ली हो चुकी थी.

उसके बाद उसको मैने बोला की अब तुम मेरा लंड चूस लो. तो वो म्ना करने लगी फिर मेरे ज़्यादा फोर्स करने पर वो मान गयी.

उसने मेरे लंड का सुपरा मूह मे लिया तो बोली की ये इतना मोटा और लंबा है तो ये छूट मे कैसे जाएगा?? मेरे मूह मे ही न्ही जा रहा तो ये तो छूट को बुरी तरीके से फाड़ देगा.

तो मैने कहा एक बार का दर्द होता है उसके बाद जन्नत का मज़ा आता है. वो बोली की मुझे तो नही फदवाणी मेरी छूट. फिर उसने मेरे लंड को आधा मूह मे ले कर आराम से चूस रही थी.

मुझे मज़ा आ रहा था की बस इसकी छूट को फाड़ डू आज. फिर मैने उसको उठाया और साइड मे खड़ा करके उसकी छूट के नीचे जाके उसकी छूट को चाटने लगा.

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उसने मूह से सिसकारिया आ रही थी आअहह आहह आहह मुहह मुहहाअ आहाआ…

फिर उसने मेरे बालो को पकड़ कर छूट मे धकेलने लगी. और मे उसकी छूट को मजे से चाट रहा था. वो अपने एक हाथ से बूब्स को दबा रही थी फिर उसने मुझे कहदा किया और होतो को चूसने लगी. बोली की अब डाल दो मेरे से बर्दस्त न्ही हो रहा. फिर मैने बोला की अब ये कैसे जाएगा तुम्हारी छूट मे? तो बोली की आराम से डालना धीरे धीरे.

तो मैने उसको नीचे फर्श पर लिटा दिया और उसकी टाँगो को छोड़ा करा. फिर धीरे से लंड का सुपरा छूट पर रखा था. वो बोली की दर्द हो रहा है तो मैने बोला की अभी तो डाला भी न्ही है.

फिर धीरे से लंड को हल्का सा अंदर किया और उसकी चीख निकल गयी और उसकी आँखो से आँसू आ गये. तो मैने उसके होंठो पर अपने होंठ र्ख दिए और चूसने लगा.

थोड़ी देर के बाद उसे रिलॅक्स फील हुआ तो तोड़ा सा धक्का और मारा तो आधा लंड उसकी छूट मे घुस गया. और उसकी चीखते हुए बोला की इसको बाहर निकालो मेरे से दर्द शहन न्ही हो रहा.

मैने प्यार से उसके होंठ पर किस करना चालू र्खा. और उसे ई लोवे योउ बोला तो वो भी ई लोवे योउ टू बोली और धीरे धीरे छुड़वाने लगी. थोड़ी देर बाद मेरा निकालने वाला था तो उसने कहा की बाहर ही छोड़ना.

मैने मेरा माल उसके पेट पर ही छोड़ दिया. मेरे लंड पर खून लगने की वजह से वो दर गयी और उठी तो उससे उठा न्ही जा रहा था. फिर मैने उसे उठा कर बाथरूम मे ले गया और उसको सॉफ करवाया. उसने मुझे हग किया और किस किया फिर मैने उसे बोला की तुम अब आराम कर लो.

फिर वो 2 दिन तक काम पर न्ही आई और उसके बाद मई उसे रोज दिन मे 2 बार छोड़ता था. कभी बातरूम मे तो कभी फर्श पर. फिर स्टाफ के आने की वजह से मई उसको होटेल मे ही ले जाता था छोड़ने के लिए.

तो दोस्तो बताओ कैसी लगी मेरी फर्स्ट स्टोरी आपको, आपके सामने पहली बार लिखी है ये स्टोरी तो प्लीज़ कोई ग़लती हो तो माफ़ कर देना.

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