माँ के सात में भी चुद गयी पापा के दोस्त से

मेरा नाम डॉली है मैं अठारह साल की हूँ और मेरी माँ का नाम प्रीति है वो 36 साल की है। घर में मेरी छोटी बहाना और पापा है। मेरी मम्मी बहुत हॉट और सेक्सी महिला है तो मैं भी उनके ही नक़्शे कदम पर चली और अब मैं भी किसी सेक्सी से कम नहीं हूँ। आज मैं आपको अपनी एक सेक्स कहानी हिंडिपोरंकहानी डॉट कॉम पर सुनाने जा रही हूँ। मैं इस वेबसाइट की फैन हूँ और रोजाना इस वेबसाइट कहानियां पढ़ती हूँ और चूत में ऊँगली करती हूँ।

आज मैं जो कहानी आपको सुनाने जा रही हूँ वो मेरे पापा के दोस्त राजीव अंकल के बारे में है वो एक रात को पहले मम्मी को चोदे और फिर मुझे रात भर माँ बेटी को चोदते रहे आज मैं पूरी बात आपको बताने जा रही हूँ। आखिर क्या हुआ था और मेरी माँ मुझे भी चुदने के लिए क्यों कहा बता रही हूँ।

सच्चाई तो ये है की मेरे पापा एक नंबर का हरामजादा है। वो अपनी बीवी यानी मेरी माँ को राजीव अंकल को सौंप चुके है। शायद राजीव अंकल ने ही पापा को मकान बनाने के लिए पैसे दिए और इस वजह से वो मेरी मम्मी की चुदाई करते हैं। उसपर से मेरी मम्मी भी एक नम्बर की चुड़क्कड़ है वो भी बड़े मजे से चुदवाती है क्यों की पापा का लौड़ा छोटा है क्यों की ये बात मैं कई बार मम्मी के मुँह से सुन चुकी हूँ। रात में कई बार कहते सुनी हु नहीं छुड़वाना ऊँगली जैसे लौड़े से।

अब मैं कहानी पर आती हूँ। एक दिन की बात है। मेरे पापा और मेरी छोटी बहन दोनों बुआ के यहाँ चले गए थे। और मैं और मेरी माँ दोनों घर पर थे। मेरी दोस्त का बर्थडे था इसलिए मैं अपने दोस्त के यहाँ चली गई थी। रात को करीब ग्यारह बजे आई जब अंदर आई तो देखि मेरी माँ आह आह आह आह कर रही थी। मैं डर गई लगा की मम्मी कराह रही है उनका तबियत ख़राब हो गया। पर जैसे ही उनके कमरे की खिड़की के पास पहुंची तो दंग रह गई।

मम्मी को राजीव अंकल चोद रहे थे। मम्मी अपने पैरों से राजीव अंकल को जकड़ी हुई थी और मम्मी अपने दोनों हाथ पलंग में बंधी हुई थी। और राजीव अंकल जोर जोर से पेल रहे थे और चूचियां दबा रहे थे।

मैं वही पर स्टूल पर बैठ गई चुपचाप अँधेरे में और मजे लेने लगी। मैं अपना हाथ अपने चूचियों पर रख ली और हौले हौले से प्रेस करने लगी। मम्मी की आह जब निकलती थी तब तब मेरी चूत से गरम पानी निकलती थी। जब जब अंकल मम्मी की चूत माँ धक्के देते थे। चार आवाज निकलती थी पहले से बेड की आवाज चु फिर मम्मी की हाय अंकल ओह्ह्ह और मेरी आ उच्च। दोस्तों मैं तो पानी पानी हो रही थी। मेरा पूरा शरीर गरम हो गया था। मेरी चूत गीली हो गई थी।

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मम्मी अब ऊपर आ गई और अंकल निचे, अब मम्मी अंकल के लौड़े पर बैठ गई और पूरा लौड़ा मम्मी की चूत में समा गया। मम्मी बहुत खुश लग रही थी वो अपना बाल खोल दी। और अंकल मम्मी की बूब को जोर जोर से मसल रहे थे। मम्मी भी खूब मसलवा रही थी।

मम्मी अब उठ उठ पर बैठ जाती और पूरा लौड़ा चूत में समा जाता। मम्मी जोर जोर से चुदवाने लगी और अंकल जोर जोर से निचे से धक्के देने लग्गे। मम्मी ऐसी लग रही थी क्या बताऊँ कभी तो अपना होठ चाटती कभी खुद ही अपना बूब्स दबाती। कभी नशीली आँखों से अंकल को देखती।

मैं पागल रही रही थी। वो सब देख देख कर। दोस्तों अंकल अब मम्मी को घोड़ी बना दिए और अब गांड के तरफ से चूत में पेलने लगे। दोस्तों ऐसा लग रहा था की मैं भी ज्वाइन कर लूँ। मैं अपने आप को संभल नहीं पा रही थी।

करीब दस मिनट बाद दोनों शांत हो गए। मैं जाने लगी तो अंकल बोले आज रात चाहे तो तू पचास हजार रुपया कमा सकती है। मैं रुक कर सुनने लगी क्या बोल रहे हैं। वो मम्मी बोली वाओ कैसे बताओ आप जो कहोगे वही करुँगी गांड मारना है तो मार लो मुँह में अपना वीर्य डालना है तो डाल लो जो मर्जी कर लो।

तो अंकल बोले अरे पहले मेरी बात तो सुनो। पचास हजार के लिए काम भी थोड़ा बड़ा है। मम्मी बोली बोलो जो भी है करुँगी। तभी अंकल पांच सौ का बंडल मम्मी को दे दिया। मम्मी का ख़ुशी का ठिकाना नहीं रहा। बोली अब काम बताओ

अंकल बोले डॉली का नथ उतारनी है। मम्मी बोली नहीं नहीं बेटी को नहीं अभी वो सिर्फ अठारह साल की है। मुझे चोद लो पर उसे नहीं। तभी अंकल बीस हजार और निकाले और बोले ये लो अब मना नहीं करना।

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मैं सोच रही थी मम्मी हां कर दे। तभी मम्मी बोली मैं नहीं बोलूंगी तुम खुद ही बोलना। वो ऊपर कमरे में होगी। मैं भाग कर ऊपर कमरे में चली गई।

दस मिनट बाद ही अंकल मेरे कमरे में आ गए। मैं चुपचाप लेती थी। वो बोले डॉली सो गई क्या मैं अपना आँख बंद कर ली। वो मेरे बेड पर आकर बैठ गए। मैं बर्थडे पर सजी हुई थी आँख में काजल थे मेकअप और अच्छे से बाल भी बाँधी हुई थी।

वो मेरे होठ पर अपना ऊँगली रख दिए। धीरे धीरे वो मेरी चूचियों पर हाथ फेरने लगे। धीरे धीरे वो मुझे सहलाने लगे। और मैं आँख खोल कर उनको देखि तो वो बोले मैं दस हजार तुम्हे दूंगा। अगर आज रात खुश कर दो तो। मैं बोली मम्मी तो वो बोले वो सो चुकी है।

मैं मुस्कुरा दी और वो फ़िदा हो गए।

अब वो मुझे चूसने लगे गाल से लेकर होठ से लेकर चूची से लेकर पेट से लेकर जांघ से लेकर पेअर के अंगूठे तक। मैं पहले से ही गरम थी। और उन्होंने अब मेरे शरीर में आग लगा दिए।

वो मेरे कपडे उतार दिए। और मेरी चूत को चाटने लगे। वो मेरी चूचियां दबाने लगे। मैं आह आह करने लगी मेरे होठ सूखने लगे। चूत गीली हो रही थी और वो चाट रहे थे गरम गरम नमकीन पानी।

अब उन्होंने बिना देर किये मेरी छोटी चूत पर अपना लौड़ा रख कर घुसाने लगे पर जा नहीं रहा था। वो दो तीन बार कोशिश किये और अपना लौड़ा मेरी चूत में घुसा दिए।

मैं दर्द से कराह उठी चूत फट चुकी थी। अब वो जोर जोर से धक्के देने लगे पर मुझे दर्द हो रहा था। वो मेरी चूचियों को सहलाते हुए चोदने लगे।

धीरे धीरे मेरा दर्द खत्म हो गया और अब मैं भी उनको साथ देने लगी। मैं भी दो तीन पोज में उनको ऑफर की चोदने उन्होंने मना नहीं किया और वैसा ही किया।

रात करीब तीन बजे तक वो मुझे चोदे और मैं चुदी। खूब मजे लिए और दिए।

फिर मैं काफी तक चुकी थी और सो गई। जब सुबह उठी तो मम्मी मेरे लिए चाय लेकर आई और अंकल सोफे पर बैठ कर चाय पि रहे थे। फिर हम तीनो मिलकर चाय पिने लगे। हम तीनो ही एक दूसरे को देख रहे थे।

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