माँ बेटे का प्यार भाग 2

बस बेटे छोड़ दे अब … बहुत हो गया रे … जान ही नहीं है अब मेरे बदन में …. तुझे मेरी कसम मेरे राजा …. लगता है तीन चार घंटे हो गये तुझे मेरी बुर से मुंह लगाकर …. सब रस खतम हो गया … अब तो छोड़ ना मेरे लाल! दस बार तो झड़ा चुका रे …. अब दुखता है रे … दाना सनसनाता है…. कैसा तो भी होता है”

“कहां अम्मा, एक घंटा भी नहीं हुआ होगा …. इतने में थक गयी? खैर चल, छोड़ता हूं तुझे पर अम्मा, बता तो … मजा आया?”

“हां ऽ आं ऽ बेटे …. कितनी मीठी गुदगुदी होती है रे मेरी बुर में जब तू उसे प्यार करता है ऐसे …कितना सुख देता है रे अपनी अम्मा को …. मार डालेगा किसी दिन मुझे …..”

“नहीं अम्मा तुझे तो बहुत दिन जिंदा रखूंगा, बुढ़िया हो जायेगी तो कुछ कर भी नहीं पायेगी मेरे को … और जोर से बिना रोक टोक चोदा करूंगा. अब चल बिस्तर पर, चोद डालता हूं तुझे …. ये देख मेरा लौड़ा? मरा जा रहा है तेरी चूत के लिये”

“अरे ये मुस्टंडा मुझे खतम कर देगा … मुझसे नहीं सहा जायेगा बेटे … चूत ऐसी कर दी है तूने चूस चूस कर कि लगता है कि रेती से रगड़ी हो …. अब उसपे ये जुलम न कर … उई ऽ मां ऽ देखा राजा मुझसे तो चला भी नहीं जा रहा है”

“तो उठा कर ले चलता हूं अम्मा”

“अरे क्यों उठाता है रे, मेरा वजन कोई कम नहीं है … अच्छी खासी मोटी हूं”

“कहां अम्मा, मुझे तो फ़ूल सी लगती है तू, तेरा यह गुदाज गोरा गोरा बदन किसी दुल्हन से कम थोड़े है! …. और रोज तो उठाता हूं तुझे, आज क्या नयी बात है? चल आ जा … ऐसे … मेरी गरदन में बांहें डाल दे दुल्हन जैसे ….. बस हो गया …. आ गया बिस्तर …. ले अब लेट जा और टांगें फ़ैला दे”

“मत चोद राजा … सुन अपनी अम्मा की बात … आ चूस देती हूं इसे … तेरे इस सिर उठाकर खड़े सोंटे की मलाई खाने दे मुझे”

“आज नहीं अम्मा, कल तूने बस चूसा ही चूसा था मुझे, एक बार भी अपने बुर में नहीं लिया इसे, आज तो चोदूंगा तुझे और ऐसा चोदूंगा कि देख लेना तू ही”

“मत चोद रे … छोड़ दे मेरे बच्चे … आज मेरी चूत बहुत थक गयी है रे, छूने से भी दुखती है, चुदवाऊंगी तो मर ही जाऊंगी!”

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“अब किरकिर करेगी तो गांड मार लूंगा अम्मा, फ़िर न कहना”

“नहीं नहीं बेटे …. गांड मत मार …. दुखता है रे … तेरा यह मूसल तो फ़ाड़ देता है मेरी … तू गांड खोलता है मेरी तो दिल धक धक करने लगता है रे बेटा डर के मारे …”

“क्या अम्मा तुम भी … कितना नखरा कर रही है आज … इतने दिन से गांड मरा रही है और फ़िर भी कहती है कि दुखता है… सच बोल हफ़्ते में दो तीन बार नहीं मरवाती तू?”

“सच में दुखता है रे … तू नहीं समझेगा …. मैं कहां मरवाती हूं, तू ही मार लेता है जिद करके …. गांड मत मार राजा … ले मैंने चूत खोल दी तेरे लिये … चोद ही ले पर गांड मत मार!”

“ये बात हुई ना, अब आई रास्ते पर. जरा और फ़ैला टांगें, रखने दे लंड तेरी चूत के दरवाजे पर …. ये ऽ ये घुसा अंदर ऽ … अम्मा तू फ़ालतू में किरकिर कर रही है पर तेरी चूत कितनी पसीज रही है देख … एक झटके में अंदर चला गया मेरा लौड़ा देख!”

“हां बेटे मैं क्या करूं … तू आगोश में होता है तो पागल हो जाती है ये … रस छोड़ती रहती है … आह ऽ … धीरे धीरे बेटे … हौले हौले चोद ना …. चुम्मा दे ना बेटे … चुम्मा ले लेकर चोद … जरा प्यार से चोद ना अपनी मां को … ऐसे रंडी के माफ़िक ना चोद”

“ठीक है मां … धीरे धीरे चोदता हूं पर वायदा नहीं करता … मेरा लंड बहुत मस्ती में है तेरी चूत का भूसा बनाना चाहता है … असल में मां तू किसी रंडी से कम नहीं … तेरे को देखते ही लंड खड़े हो जाते हैं लोगों के … मेरे को मालूम है … ले … ऐसे ठीक है” … चुम्मा दे … तेरा चुम्मा बहुत मीठा है अम्मा …. जरा जीभ दे न चूसने को”

“ऊं ऽ अंम ऽ म ऽ चुम्म ऽ अं ऽ अं ऽ मं ऽ चप ऽ अरे जीभ क्यों चबाता है मेरी, खा जायेगा क्या ऽ ?”

“हां अम्मा चमचम है चमचम रसीली मीठी, चूसने दे जरा सप ऽ सुर्र ऽ अं ऽ ….. अम्मा तेरे मम्मे क्या नरम नरम हैं, रबर के बंपर जैसे लगते हैं छाती पर, भोंपू हैं भोंपू ऽ.”

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“हां राजा तभी तू ये भोंपू बजाता रहता है ना? ले और बजा, दबा ना और ऽ … बहुत अच्छा लगता है रे …. हां ऐसे ही …. ओह ऽ कितना अच्छा चूसता है रे … चूस मेरे लाल …. चूस …. चूस ले मेरे निपल मेरे राजा … पी जा मां का दूध …. हाय ऽ ओह ऽ अरे काट मत … कैसा करता है? … हां ऐसे ही चूस … और … और जोर से …. हाय चोद ना अब”

“अम्मा, अब देख कैसे चूतड़ उछाल उछाल कर चुदवा रही है …. अभी कह रही थी कि धीरे धीरे बेटे …. रंडी जैसे ना चोद … अब खुद रंडी जैसी चूतड़ उछाल कर मेरा लौड़ा खा रही है”

“अरे तू नहीं समझेगा मेरे लाल एक मां के दिल की हालत जब उसका जवान बेटा उसकी चूंचियां चूसता हुआ उसे चोद रहा हो … चोद बेटे चोद … और जोर से चोद … तोड़ दे मेरी कमर … मैं कुछ न बोलूंगी … चोद चोद कर अधमरी कर दे मुझे … चोद मेरे लाल …. और जोर से चोद … जोर से धक्का लगा ना …. पेल दे मेरे लाल लाल … पूरा पेल दे अंदर … ओह ऽ ओह ऽ … हाय ऽ … ऐसे ही मेरे बेटे …. और जोर से मार …. लगा जोर से … घुस जा अपनी मां की बुर में ऽ … उई ऽ मां ऽ आह आह उई मां ऽ ऽ ऽ ऽ चोद चोद कर मार डाल मेरे बेटे … खतम कर दे रे मुझे ऽ ऽ इस रंडी से पैसा वसूल कर ले रे चोद चोद के … मैं सच में तेरी रंडी हूं मेरे राजा बेटा …”

“ले अम्मा ऽ … ले … चोद डालता हूं तुझे आज … ले … और जोर से मारूं ऽ ? .. ये ले … और ये ले … तेरी चूत का आज भुजिया ऽ बना ऽ दे ऽ ता ऽ हूं ऽ ये ले ऽ आया मजा? ऽ नहीं आया ? ऽ तो ये ले …. ओह ऽ ओह ऽ आह ऽ आह ऽ ओह अम्मा ऽ ऽ ओह ऽ आह ऽ आह आ ऽ आ ऽ आ ऽ आह ऽ ऽ ऽ ऽ ऽ”

….. कुछ देर के बाद ….

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