लोलिता को लोल्लिपोप चुसवाया

अब खुद ही मैंने अपने टॉप्स-ब्रा सब उतार दिये और पूरी नंगी-मुच्ची हो ढोंकलसिंह के मोटे लंड के सामने आकर बोली: ‘तो, मुझे सिखायें, क्या करना होता है इसमें!’धौंकल राठौड़ राजा साहब बोले: ‘सिर्फ नंगी होने से कोई कलाकार,स्टार या सेलेब्रिटी नहीं बन जाता; इसमें शरम खोल, अश्लील व गंदी हरकतें करनी होती है। ये मनोरंजन नहीं कला है। मेरी बहिन 23 की है, वो इस लाइन में नाम कमा रही है।’ मैं यह सुन उनके चरणों में गिर पड़ी और बोली ” जो आप कहोगे, करूंगी!पापा जी!!!!!”
वो चहक कर बोले–‘ऐसा है तो चल पलंग के पास, अपनी एक टांग उठा, मैं तेरी फुद्दी में ज़ोर से अंगुली करूंगा, घप्प-घप्प, तुझे आह -ऊह कहते हुये सिसकारियाँ भरनी है, फिर मैं तेरी फुद्दी में अपना मोटा लंड़ ठेलूंगा , ठोंकूंगा, ठरकाउंगा तब तुम्हें ‘ओह, मां, ओह म्मां, मज़ा आगया’ बकना है। ‘उस वक्त धौंकलसिंह राठौड़ राजपूत मेरी चू त बजने लगे, पूरा 8 इंच अंदर घुसेड़ दबाया, और साथ में दो अंगुल भी धंसा दी। भगवान की कृपा से मुझे भी जोश आ गया और मैं चिल्लाने लगी:” आहा, आहा, और ज़ोर से ठोको, हड्डी तोड़ दो, लंड़ को जड़ समेत मेरी चू त में डाल चारों ओर फिराओ! आह, चोदो , अपनी बेटी को चोदो !!!!! ”
धौंकलसिंह ने कहा; “और गंदा बोलने की प्रेक्टिस करो’ फिर मेरी ठुड्डी उठा मेरे को आँख मारी और कहा , ‘मेरी बिटिया रानी,मैं आज दिन दहाड़े तेरी ‘गांड़ मारूँगा’! ‘ बोल, मरवाएगी अपने बाप से अपनी गांड़ ?’मैं नशे में बोली: ‘ हाँ , हाँ , मरवाउंगी, मरवाउंगी अपने बाप से अपनी कमसिन गांड !!!!’धौंकलसिंह ने कहा : ‘बेटी, ये करो,’ तो मैं आगे झुकी, सिर नीचा और गांड ऊंची उठा दी; बाप धौंकल मेरे पिछवाड़े आ मेरी गांड को पहले जीभ से चाटा, फिर थूक लगा गांड के छेद में अंगुल घुसाई—एक, दो, तीन— और फिर हाये , मेरी गांड के छेद में क्रूरतापूर्वक लंड घुसेड़ बेटी चोदने लगा! मैं, दर्द हो रहा था फिर भी चिल्लाई: ‘आह, आह, ओह, ओह, अहा, अहा,ऊई , ऊई — हाँ और मारो, मारो, मा रो !!!!! अर्रेरे!! मज़ा आ गया !!!’
मैं खानदानी वीर राजपूत धौंकलसिंह राठौड़ की शुक्रगुजार हूँ कि उन्होने मुझे अपनी बेटी समझ मेरी चूत बजाई व गांड मारी।

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