कुवारी चुत का रास

फौजी का मोटा लंड अब एक कुंवारी चूत में जाने के लिए तड़प उठा था. लंड में दर्द होने लगा था. मैं पायल की चूचियों के निप्पलों को काटने लगा. उसने मेरे जांघिया को उतार दिया और मेरे लंड को अपने हाथ में भर लिया. वो लंड के सुपारे की त्वचा को ऊपर नीचे करने लगी.

एक जवान लड़की के कोमल हाथों में जब लंड गया तो मैं खुद को रोक नहीं पाया.
मैंने उसको पीठ के बल सीधी किया और उसकी चूत को जीभ लगा कर चाटने लगा. उसकी कुंवारी चूत की खुशबू मुझे पागल करने लगी.

दो मिनट तक अपनी नातिन की कुंवारी चूत को जीभ से चोदने के बाद मैंने पायल की टांगों को फैला कर अपना अंडरवियर अपनी जांघों से नीचे करते हुए उसको अपनी टांगों से निकाल दिया.

फिर मैं नीचे बैठ गया और पायल को उठा कर अपनी गोद में अपनी जांघों पर बैठा लिया. मैं भी पूरा नंगा था और भी पूरी नंगी थी. मैंने उसको इसी मुद्रा में घुटनों के बल खड़ा होने के लिए कहा.

मैं बोला- तुमने घोड़े की सवारी तो कर ली है, अब जरा लौड़े की सवारी भी कर लो. उसके लिए जैसा मैं कहूं तुम्हें वैसा ही करना होगा. अब उठ जाओ.

वो उठ गई और मैंने अपने मूसल लंड पर तेल लगा लिया. फिर पायल से कहा- मेरे कहने पर तुम अपनी चूत को मेरे लंड पर टिका देना. अपनी चूत के छेद को टिका कर झटके से मेरे लंड पर बैठती हुई जाना.

लौड़े पर लंड लगाने के बाद मैंने अपने लंड को उसकी बुर पर सटा दिया. फिर उससे कहा- झटके से मेरे लंड पर बैठ जाओ.
उसने ऐसा ही किया. उसके बैठते ही मेरे लंड का सुपारा उसकी चूत में घुस गया और उसकी चीख निकल गयी ‘उम्म्ह… अहह… हय… याह…’ मगर वो रुकी नहीं.

और कहानिया   सेक्सी माँ और हसीन बेटियां

उसने मेरे लंड के दर्द को झेल लिया. मैंने नीचे से एक झटका दिया और लौड़ा उसकी चूत में अंदर तक घुसा दिया. वो मेरे सीने से लिपट गई और मुझे पीठ पर अपने नाखूनों से कचोटने लगी. मैंने भी उसको बांहों में भर लिया.

दो मिनट तक वो मेरे सीने से चिपकी रही. जब दर्द कुछ कम हुआ तो उसने पीछे हटकर मेरी आंखों में देखा. उसकी आंखों में लंड के अंदर जाने की मदहोशी मैं पढ़ पा रहा था.
मैंने कहा- अब तुम मेरे लौड़े पर सवार हो गई. मेरे हाथों की लगाम को पकड़ो और अपनी चूत की सवारी मेरे लौड़े पर शुरू कर दो.

उसने मेरे कंधों पर दोनों तरफ हाथों से थाम लिया और उसके बाद उसने उछलना शुरू कर दिया. गच-गच करते हुए चिकना लंड उसकी चूत में जाने लगा. उसकी चूचियां मेरी आंखों के सामने ही उछलने लगीं. मैं उसकी चूचियों को मुंह में भर कर पीने लगा.

पायल ने मेरे कंधों से हाथ मेरे मजबूत बाजुओं पर लाकर अब पूरे रिदम के साथ मेरे लंड पर कूदना शुरू कर दिया. मैंने भी उसकी कमर को थाम लिया और उसको लंड पर उछलने में मदद करने लगा. पंद्रह मिनट की चुदाई में मेरी नातिन की चूत ने तीन बार पानी छोड़ दिया.

अब मेरा घोड़ा भी हांफने लगा था. मैंने उसको बेड पर पटका और उसकी टांगों को उठा कर अपना लंड उसकी चूत में पेलना शुरू कर दिया. वो कराहने लगी. मगर कुंवारी चूत का मजा इतना था कि न कुछ सुनाई दे रहा था और न कुछ दिखाई दे रहा था.

पायल की आंखें बंद हो गई थीं, वो मेरे धक्कों को झेलने की पूरी कोशिश कर रही थी. उसकी चूत चरमरा रही थी. अब मेरा वीर्य निकलने के कगार पर आ पहुंचा और उस असीम आनंद को भोगने के लिए मेरी आंखें भी बंद हो गईं.

और कहानिया   सेक्स की भूख मोठे लुंड ने भुजा दी

दो मिनट के चूतफाड़ धक्कों के बाद मेरे लंड ने मेरी नातिन की टाइट चूत में थूकना शुरू कर दिया. पिचकारी दर पिचकारी उसकी चूत को मैंने अपने वीर्य से भर दिया. लगभग आधी मिनट तक मेरे लंड से उसकी चूत में वीर्य की पिचकारियां लगती रहीं.

मैं उसके ऊपर हांफता हुआ लेट गया. वो भी जैसे लम्बी रेस जीतकर थक कर चूर हो गई थी. मैं उसके ऊपर पड़ा रहा. लंड को उसकी चूत से बाहर निकाला तो उसकी चूत के खून से लंड लाल हो गया था. उसकी चूत फैलने के बाद अपने आकार में आने की कोशिश कर रही थी.

लंड को निकालने के बाद मैंने अपना जांघिया पहन लिया. पायल अभी भी पड़ी हुई थी. जब वो उठने लगी तो उसकी चूत में जबरदस्त दर्द हुआ और वो उठते-उठते बैठ गयी.

मैंने उसकी चूत को मसाज देते हुए उसको कुछ राहत देने की कोशिश की. फिर वो उठ गई. मगर उसकी टांगें अभी भी कांप रही थीं.
मैंने पूछा- कैसी लगी मेरे घोड़े की सवारी?
उसने कुछ नहीं कहा और मेरे सीने से लिपट कर मेरे सोये हुए लंड को अपने हाथ से सहलाते हुए मेरे सीने पर चूमने लगी.

जब तक पायल वहां रही उसने मेरे लौड़े की सवारी लगभग रोज ही की.
कहानी आपको कैसी लगी, मुझे इसके बारे में अपनी राय जरूर दें. मैंने ई-मेल आईडी नीचे दिया हुआ है.

Pages: 1 2 3

Leave a Reply

Your email address will not be published.