किचन में चोद माँ की गांड भाग 2

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मम्मी मेरा पूरा साथ दे रही थी, अब हम एक दूसरे की जीभ चूसने लगे. मुझे बहोट ज़्यादा मज़ा आ रहा था. मैं बूब्स मसलता गया और मम्मी को किस करता गया लगभग 15 मीं तक.

जब हुमको फाइनली किस तोड़ी मुझे मम्मी की आँखों में हवस सॉफ दिख रही थी. मैने पास पड़ी हुई तेल की बॉटल उठाई और उनके बूब्स पे डालने लगा. खूब सारा तेल लगाके मैने उनके बूब्स दोबारा से मसालने और चूसने लगा. मम्मी के मूह से ऊफ़ आ की कामुक आवाज़े निकल रही थी जो की मुझमे और जोश पैदा कर रही थी.

मैने अब उनकी ब्लाउस पूरी तरह निकल दी और सारी खोल दी. अब मेरी मम्मी मेरे सामने एकद्ूम नंगी थी. क्या कमाल का नज़ारा था दोस्तो. मैने उनको उठा के किचन काउंटर पे बिता दिया और उनके बूब्स पे हमला जारी रखा.

वो सिसकिया ले रही थी और कह रही थी – “हन बेटा ऐसे ही चूस, चूस मेरे निपल्स, चूस चूस के लाल कर दे इन्हे मेरी जान”.

मैने उन्हे उल्टा किया और उनकी गांद पे बहोट सारा तेल डालके उनकी गांद चाटने लगा. उनकी छूट एकद्ूम क्लीन शेव्ड थी, जिसे देख के मेरे मूह में पानी आ गया. मैं उनकी छूट और गांद ज़बरदस्त तरीके से चाट रहा था.

मेरे छूट चाटने से मम्मी जैसे एकद्ूम पागल हो गयी, और ज़ोर ज़ोर से सिसकिया लेने लगी. आ ऊफ़ की आवाज़ो से पूरा किचन गूँज रहा था. करीब 15 मीं छूट चाटने के बाद मम्मी एक ज़बरदस्त झटके के साथ झाड़ गयी, और उनका सारा पानी मैं पी गया. इतना मीठा और मज़ेदार स्वाद मुझे ज़िंदगी में कभी नही मिला था. मैं दीवाना बन गया उनके छूट का.

मम्मी ने हानफते हुए कहा – “तूने मेरे होश उड़ा दिए बेटा. मुझे ऐसा मज़ा पहली बार आया है.”

मैने अब अपनी शॉर्ट्स उतार दिए और मेरा 9.5 इंच का मोटा लंड मम्मी के आँखों के सामने आ गया. उससे देखते ही मम्मी की आँखें बड़ी हो गयी, और उन्होने कहा – “हाए राम, ये कितना बड़ा है बेटा. ये मेरे इश्स नन्ही सी छूट में कैसे जाएगा?”

मैने उनके बूब्स मसालते हुए कहा – “सब सेट हो जाएगा मम्मी,पहले तुम इसको तोड़ा चूस के चिकना बना दो”.

मम्मी घुटनो के बाल बैठ गयी और मेरे लंड पे खूब सारा थूक लगा के ज़ोर ज़ोर से हिलने लगी. लंड को गीला करने के बाद वो उसको मूह में लेके ज़बरदस्त तरीके से चूसने लगी.

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मम्मी लंड को पूरे गले तक अंदर ले रही थी, ऐसा ब्लोवजोब मुझे पहली बार मिल रहा था, मैने उनके बाल पकड़ कर लंड उनके गले के अंदर बाहर करने लगा ज़ोर से.

मैं सर्प्राइज़ हो गया की मम्मी ज़रा भी विरोध नही कर रही थी इतने हार्डकोर ब्लोवजोब का भी. इससे मेरा जोश और बढ़ गया. मेरा लंड अब रोड की तरह सख़्त हो गया था.

मम्मी ने कहा – “बेटा अब और सहन नही होता, डाल दे तेरा लंड मेरी छूट में, फाड़ दे मेरी छूट आज. मैं काब्से तड़प रही हूँ, आज मुझे अपना बना ले”.

मैने जल्दी से उन्हे किचन काउंटर पे बिताया और मिशनरी पोज़िशन में लंड उनकी छूट के मूह पे लगाया. मेरा लंड बहोट बड़ा है, इसीलिए मैं शुरुआत में धीरे उनकी छूट में लंड पेलने लगा.

मम्मी की चीख निकल रही थी. इतना बड़ा लंड लेने की आदत नही थी उनको. उनकी छूट बहोट ही गरम और रसीली थी और मेरे लंड को कस के जाकड़ रही थी. अब मैने धक्के लगाने शुरू किए.

धीरे धीरे मैने स्पीड बधाई, अब मम्मी को ज़बरदस्त मज़ा आ रहा था और वो ज़ोर ज़ोर से चीख रही थी और अपनी गांद उठा उठा के मेरा साथ दे रही थी. मैं दमदम धक्के लगाए जेया रहा था. इतना मज़ा आ रहा था हम दोनो को की क्या बतौन. हम दोनो पागल हो रहे थे एक दूसरे की बाहों में.
करीब 20 मीं फुल-स्पीड चुदाई के बाद मम्मी फिरसे झाड़ गयी और छूट की धारा छ्चोड़ दी.

पर मेरा अभी हुआ नही था. अब मैं काउंटर पे लेट गया और मम्मी मेरे उपर कॉवगिरल पोज़िशन में चढ़ गयी. मेरा लंड अपनी छूट में लेके अब वो उछालने लगी, मैं नीचे से उनके बूब्स चूस रहा था.

मम्मी चिल्लाने लगी – “अयाया बेटा इतना मज़ा मुझे कभी नही आया. तेरा लंड कमाल का है बेटा. इतना सुख मुझे कभी मिलेगा मैने सोचा नही था. ऐसे ही मुझे छोड़ता रह, छोड़ता रह बेटा”.

ऐसे 10 मीं उछालने के बाद वो तक गयी. मैने अब उनको काउंटर पे डॉगी स्टाइल में झुका के तेल की बॉटल की तरफ हाथ बढ़ाया. यह देखके मम्मी समझ गयी मेरा इरादा. उन्होने कहा –

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“बेटा मैने कभी गांद में नही लिया है. प्लीज़ मेरी गांद मत मार. मैने सुना है बहोट दर्द होता है”.

मैने कहा – “रिलॅक्स मम्मी. मैं बहोट आराम से करूँगा. आपकी ये गांद का मैं सालो से दीवाना हूँ, आज आपकी गांद मारे बिना मैं कहीं नही जेया रहा”

मम्मी थोड़ी दर रही थी, लेकिन आख़िर मान गयी. “आराम से बेटा” उन्होने कहा.

मैने खूब सारा तेल उनकी गांद के छेड़ में लगाया, और दो उंगली डालने लगा. पहले उन्हे तोड़ा दर्द हुआ, लेकिन धीरे धीरे मेरी मा की गांद खुल गयी और अब उंगली आसानी से जाने लगी.

मैने अपने लंड पे अच्छे से तेल लगाके उनके गांद के मूह पे सेट किया, और एक स्लो लेकिन ज़ोरदार झटका लगाया. लंड गांद को चीरता हुआ अंदर गया, और उनकी चीख निकल गयी.

“बेटा प्लीज़ धीरे से कर, मैं कहीं भागी नही जेया रही.” मैने कुछ देर लंड वैसे ही रहने दिया, और जब उनकी गांद थोड़ी रिलॅक्स हुई, मैने धक्के लगाने शुरू किए.

करीब 5 मीं के बाद मैं वापस फुल-स्पीड धक्के लगा रहा था, और अब मा को भी पूरा मज़ा आ रहा था. मैं मा की गांद पे थप्पड़ मरते हुए दमदम उनकी गांद मार रहा था, और वो चिल्ला रही थी – “फाड़ दे बेटा, फाड़ दे अपनी मम्मी की गांद. बना दे मुझे तेरी रंडी. आज से मैं तेरी हूँ. तू मुझे जब चाहे जितना चाहे छोड़ लेना. छोड़ता रह बेटा.

अब तक करीब 1 घंटे हो गये थे हुमको चुदाई करते हुए. मा इश्स बीच कम से कम 3 बार झाड़ चुकी थी, और अब मैं भी फाइनली झड़ने के करीब आ गया था.

मैने कहा – “मा मेरा निकालने वाला है”

उन्होने कहा – “मुझे तेरा माल पीना है बेटा. मेरे मूह में डालना तेरा माल”.

मैं मा की गांद से लंड निकल के उनके मूह में ज़ोरदार झटको के साथ झाड़ गया. मेरा बहोट सारा माल निकला, जो मा ने पूरा पी लिया.

मा ने कहा – “बेटा तेरा माल बहोट टेस्टी है. मुझे ऐसा सुख कभी नही मिला. आज से मैं तेरी हुई”.

यूयेसेस रात मैने मा को 3 बार और छोड़ा. उसके बाद से हम रोज़ चुदाई करते है. मैं उनको घर में नंगी ही रखता हूँ पूरा दिन, और हम बहोट मज़े करते है. ये कहानी लिखते वक़्त भी वो मेरा लंड चूस रही है.

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