खेल खेल में भाग 2

पीछे….मम्मूउउद्दू तो….मैने अपना थूक अंदर घुटकते हुए कहा……

वो मूडी…..

आआआआआआआहहहहाहह…..व्वाअहह हह……

क्या ग़ज़ब का दिर्ष्या था….!दाग रहित गोरा धुधिया बदन….!उसके
बटक्स बिल्कुल डी शेप मैं थे…बड़े बड़े….पूरे नंगे…गस्टरिंग उनको
बिल्कुल भी नहीं ढक रही थी…..

मैने कहा…..बहुत कमसिन और खूबसूरत है तुम्हारा बदन मेरी
बबली….बहुत मादक और सेक्सी हो तुम….

आअप भी बहुत हॅंडसम और मसकुलीन हैं……..वो बोली….

उसकी नज़र मेरे तने हुए अंडरवेर पर थी. मेरा लंड जैसे की
अंडरवेर फाड़ देने को बेताब था.उसने अंडरवेर को एकदम 120 डिग्री
का तनाव दिया हुआ था…..और साइड से देखने पर मेरे टेस्ट्स…जो की
लगभग एग्स जैसे बड़े हैं….सॉफ दिख रहे थे….और साथ मैं मोटी
तनतनी शाफ्ट भी. जहाँ पर मेरे लंड का हेड अंडरवेर को छू रहा
था वहाँ अंडरवेर गीला हो गया था.

मैं आगे बड़ा…..वो पीछे हटने लगी…..चलते समय मेरा लंबा लंड
उप आंड डाउन हिल रहा था…मैने देखा उसकी नज़र वहीं पर थी. पीछे
जाते जाते वो दीवार पर चिपक गई….उसने एक मादक सी आंगड़ाई अपने
बदन को दी…..मेरे लंड ने प्री-कम की एक और बूँद उगली.

मैं जानती हूँ उस दिन आप मेल के किस साइज़ की बात कर रहे थे…..!

मैने उसे बाहों मैं लेते हुए कहा…..किस चीज़ के साइज़ की बात कर
रहा था मैं…?

आब तक मेरे हाथों ने उसकी कमर को पकड़ लिया था……

उसने अपने हाथ से मेरे अंडरवेर के उपर से मेरे लंड को हल्का सा
पकड़ते हुए कहा ……. इसकी….! ये 8 इंच लंबा है…और 6 इंच मोटा
है…सर्कंफरेन्स मैं…..!

गुड…! किसने बताया …?

मेरी सहेली ने…..वो तो आपका ये देखना चाहती है…..!

तुम नहीं देखना चाहोगी?

उसने शरम से चेहरा नेरए सीने मैं छुपा लिया……मैने उसकी पीठ को
सहलाया….एक हाथ से उसके चेहरे पर से जुल्फ हठाते हुए उसके कानों
के नीचे…नरम गोस्त पर लजरता चुंबन दिया. मेरी उंगलियों ने ब्रा का
धागा खोल लिया……ब्रा गिर गई….नंगे बूब्स जैसे ही आज़ाद हुए उनके आकर
मैं बाडोतरी हुई और मेरे सीने पर उन्होने दस्तक दी. शायद नीचे
मेरा लंड और थोडा लंबा होकर थोडा और हार्ड हो गया. आब मेरे हाथ
उसके चुटटर सहला रहे थे.वो कामुक हो चुकी थी…..उसके और ज़्यादा
कठोर होते बूब्स इस बात की गवाही दे रहे थे.मैने ज्यों ही पॅंटी के
अंदर हाथ डाल कर उसके चुचि पर उंगली फिराई….उसके मुँह से आवाज़
निकली ….सस्स्स्सस्स म्‍म्म्ममम….राआअज

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हन मुझे भी देखना है…आआ..आ…प्प..प्प…कककक…सीसी..आ..आ…..ळ्ळ्ळुउउउन्न्द्द… ..!

तो फिर मेरा अंडरवेर उतारो…!

वो झुकी घुटनो पर बैठ गई……और मेरा अंडरवेर उसने निकाल दिया.
लंड जैसे….की कोई शेर पिंजरे से आज़ाद हो गया हो….तुरंत ही उसने 3-4
प्रेकुं की बूँदें उगली…..

कैसा है…..

बड़ा गरम है…वो छूकर बोली….बाप रे कितना लंबा और मोटा है..पर
बहुत शानदार…..कितना बड़ा है आपका….और कितना मोटा….

किस करो ना…इसे…तुम्हे अच्छा लगा मेरी रानी..मैने उसके बालों मैं
हाथ फिरते हुए और अपने टेस्ट्स उसके होंठो पर रगड़ते हुए कहा.

उसने अपने होंठ पीछे बढ़ाए….और लंड के हेड को चूम लिया. फिर
थोडा रुककर एक और चुंबन उसका लिया….लंड दहाड़ उठा….और प्रेकुं की
चार बूंदे उसके होंठो पर गिरा दी……

क्या तुम इसे चूसना पसंद करोगी……? इसकी पूरी लंबाई को?

ऊओ…हां…आप कहते हो तो…ज़रूर…पर ये बहुत मोटा है मेरे मुँह
मैं जाएगा…?

हां कोशिश तो करो…

वो मेरी टाँगों से चिपक गई. उसने मेरे चुट्टर पकड़ लिए. उसके बूब्स
मेरी झंघाओ से घर्षण कर रहे थे. बबली ने तने हुए लंड के
हेड को अपने मुँह से पकड़ा और फिर पुश करते हुए…पूरा हेड पहले
अंदर ले लिया. मैं तड़प उठा….मैने उसका सिर पकड़ा और लंड को आगे
पुश किया….आधा लंड उसके मुँह मैं था. वो उसे अपने थूक से गीला
कर रही थी. फिर उसने उसे चूसना सुरू किया.मुँह के अंदर
बाहर….फिर उसने उसे निकालकर चाटा …शाफ्ट की लंबाई पूरी चाटी. मैं
स्वर्ग मैं था…थोड़ी देर बाद मैने उसे मना किया की वो आब मत करे.
वो उठ गई…

कैसा लगा आपको?

तुम बहुत अच्छा चूस्ति हो….आब मुझे अपनी चूत नहीं दिखावगी?

पहले आप एक वादा करो!

क्या…?

कि आज रात आप मेरे साथ सुहग्रात मनाओगे……मैने सुना है उस्मै
बड़ा मज़ा आता है! सुना है दूल्हा और दुल्हन सारी रात नंगे होकर
बिस्तर पर कोई खेल खेलते हैं….चुदाई का….फिर दूल्हा दुल्हन को अपने
बच्चे की मम्मी बना देता है….अपने लंड को दुल्हन की चूत मैं
डालकर…और इस मैं बड़ा मज़ा आता है….

तुम्हे किसने बताया..? मैने पूछा.

मेरी सहेलिओं ने क्लास मैं….

ओह….15 साल की उमर मैं ही तुम्हारी सहेलिया बड़ी होशियार हो गई हैं…

हां मेरी एक सहेली की दीदी की शादी हुई है ना अभी 2 महेने पहले.
तो उसकी दीदी ने उसे बताया की सुहग्रात मैं बड़ा मज़ा आया. इतना की
सारी रात मनाई. उसकी दीदी ने तो ये भी बताया की उसके जीजाजी ने उसकी
दीदी की चूत मैं अपने लंड से खूब वीएरया भरा और आब उसकी दीदी
मम्मी बन जाएगी. फिर एक दिन मेरी सहेली ने अपने जीजाजी से कहा की वो
उसके साथ भी मना दे सुहग्रात…..एक दिन वो सोई भी अपने जीजाजी के
साथ …पर जीजाजी उसके साथ चुदाई ना कर सके…..

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क्यों?

वो अपना ये लंड मेरी सहेली के चूत मैं घुस्सा ना सके. मेरी सहेली
तदपकर रह गई…

अपनी सहेली को मेरे पास लेकर आना…कितनी उमर है तुम्हारी सहेली की?

14 साल…..आपके पास लाउन्गी तो आप उसके चूत मैं घुसा दोगे?आपका तो
इतना मोटा लंड है….

पगली ये लंड घुस्साना तो एक कला है ……हर मर्द थोड़े ही जानता
है…..खास तौर से कक़ची चूत छोड़ना आसान नहीं है…और कितनी
सहेलियाँ है तुम्हारी…..जो अपना कौमार्या लुटाना चाहती हैं?

सात – आठ…है…लेकिन किसी ने सुहग्रात नहीं मनाई..कभी …आप
मनाओगे ना आज मेरे साथ….मेरे दूल्हा बनकर…..?

हां ज़रूर…तुम्हारे इस मादक जिस्म की कसम मैं आज रात वो सुहग्रत
मनऊंगा तुम्हारे साथ …जैसी किसी लड़के ने किसी लड़की के साथ नहीं
मनाई होगी!

साच….? और फिर मेरे गर्भ को भी सींच देना….मैं आपको अपने
जीवन का पहला पुरुष मानकर अपने गर्भ मैं सबसे पहले आपके
वीरया की बूँद चाहती हूँ……आप दोगे ना?

हां मेरी रानी….क्यों नहीं….

तो फिर मैं आपके लंड के लिए अपना कौमार्या समर्पित करती
हूँ….!पर आप प्यार से करना मेरे साथ….मैं कच्ची कली हूँ
ना…..मेरी चूत बहुत टाइट है…..प्लीज़ धीरे धीरे चोदना मुझे
मेरे राजा……मेरे दूल्हे…..और वो मुस्कुरई…

उसने फिर जल्द ही अपनी पॅंटी उतार दी और पूरी नंगी खड़ी हो
गई…..मेरे तने लंड के सामने. मैने देखा… उसके चूत से रस बह रहा
था. वो पूरी तरह गीली थी. मैने उसे उठाया और बेडरूम मैं लाकर
उसे बिस्तर पर रख दिया. फिर उस पर चढ़ बैठा….उसके बूब्स चूसने
के लिए बेताब था मैं. हम जल्द ही गूँथ गये….दो जवान भूखे
जिस्म…जो आज पहली बार कॉम्क्रीडा करने जा रहे थे…! एक दूसरे पर
जैसे झपट पड़े….मैं उसके बूब्स बुरी तरह चूस रहा था…

उउउफ़फ्फ़…आ..हह..आआ..हह प्लीज़ थोड़ा धीरे….कतो ना…..उूउउइयौर
ज़ोर से चूसो…

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