कन्या लड़की की सील तोड़ी भैया के दोस्त ने

दीपक ने समय खराब ना करते हुए मेरे टाँगों के बीच बैठ कर अपना लंड मेरी चूत के मुँह पर रख दिया। दोस्तों मैं पहले कभी भी नहीं चुदी थी.. मेरी चूत सील पैक थी.. पर मुझे तो बस उस टाइम अजीब सा फील हो रहा था ये लग रहा था कि इसका ये मोटा लंड मेरी चूत में जल्दी से घुस जाए।

फिर दीपक ने लंड पर हल्का सा ज़ोर लगाया और चूत में चिकनाहट की वजह से उसका टोपा अन्दर घुस गया।
मेरे मुँह से दर्द भरी ‘आईई… ईई..’ की चीख निकल गई।

दीपक ने कहा- चुप हो जा रंडी.. तेरा भाई सुन लेगा।
मैंने कहा- भैया.. प्लीज मुझे छोड़ दो.. बहुत दर्द हो रहा है प्लीज..
दीपक ने कहा- साली रंडी चोद ही तो रहा हूँ।
मैंने कहा- भाई बाहर निकालो नहीं तो अभी भैया को बता दूँगी।

तो दीपक ने कहा- जल्दी बता.. देख तेरी वीडियो बन रही है.. वो भी दिखा दूँगा.. कि कैसे तू मेरा लंड पी रही थी मेरा..
मैं चुप हो गई और मेरी आँखों में आँसू आ गए।

दीपक ने मेरे मुँह पर हाथ रखा और तेज झटके के साथ आधा लंड मेरी चूत में उतार दिया।

मैं तिलमिला गई.. पर दीपक पर कोई असर नहीं पड़ा.. उसने एक झटका और दिया और उसका पूरा लंड मेरी चूत में घुसता चला गया। अब वो झटके देने लगा और पूरे जोश में मुझे चोदने लगा।

मैं ‘अहह… उउउह..’ करती हुई रोती रही।
दीपक ने मुझे 5 मिनट तक चोदने के बाद अपना लंड बाहर निकाल लिया और मेरे मुँह में दे दिया।
मैं लंड चूसने लगी और 2 मिनट बाद लंड का सारा पानी मेरे मुँह में घुस गया।

तब दीपक ने लंड मेरे मुँह से निकाला और मुझे सलवार दी। मैंने पैन्टी माँगी तो उसने देने के लिए मना कर दिया।
मैंने बहस ना करते हुए जल्दी से अपनी सलावार पहनी और देखा कि मेरी टाँगों में सब जगह खून ही खून लगा है.. मैं सलवार पहन कर वहीं लेट गई।

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भाई भी नहा चुके थे, भाई बाहर आए तो मैं सोई हुई थी और दीपक भी सोफे पर बैठा था। फिर भाई रेडी हो चुका था.. वे दोनों चले गए।

दीपक ने जाते-जाते मुझे स्माइल दी और मैंने ख़ड़ी होकर गेट बंद किया। फिर नंगी हुई और सारा खून साफ़ किया।

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