कामवाली की सेक्स स्टोरी

दोस्तों मेरा नाम राहुल हैं उम्र 24 और आज मैं आपको सुनाँऊगा कामवाली की सेक्स स्टोरी की कहानी!

दोस्तों मेरे घर में सब जॉब करने वाले हैं और मम्मी की तबियत रहती थी खराब तो सबने कामवाली रखने का सुझाव दिया!

तो मैं था घर में सबसे छोटा और मुझे पसंद थी मेरी गली के कोने में काम करने वाली कामवाली!

क्या गजब के चुचे थे उसके मजा आ जाता है जब भी वो बहार झाड़ू पोछा लगाती है तब उसके बूब्स बहार निकलने को होते हैं!

तो मैंने घरवालों को बोला वो सस्ते में और काम अच्छा कर देगी! घरवाले मान गए और उससे बात करने चले गए और सब ओके हो गया फिर!

अगले दिन सुबह मैं उठा तो वो काम करने वाली मेरे सामने पोछा लगा रही थी तो वो पोछा गिला करने के लिए उठी और फिर जुकी तो उसका चुचा बहार आ गया!

उसने मुझे देखा और मैंने उसे तो उसने तुरंत अंदर दाल दिया अपना चूचा और मैं शर्म से वंहा से चला गया!

मुझे तो बहुत मजा आया साला सुबह सुबह जिसका इन्तजार था वो कमरे में चुचा दिखा गयी और क्या चाहिए मुझे!

मैं उसे वैसे ही चोदने की सोचता था क्युकी घर में ज्यादातर मैं रहता था बाकी सब जॉब करते थे!

मम्मी भी कहि न कहि चली जाती थी और घर में मैं और कामवाली रहते थे !

दो तीन दिन तो मैं उसे समझने में निकाल गया की कहि तेज न निकले! पर उसे बस काम और पैसो से मतलब था ये समज में आ गया मुझे!

अब मैं बार बार उसे देखने आता कुछ न कुछ बहाने से और वो समज गयी थी की जवान लोंडा क्यों उसके आस पास बटक रहा हैं!

पर वो कुछ नहीं कहती थी मुझे तो एक दिन वो फ़ोन में किसी से बात कर के रो रही थी मैंने सुना तो पता चला की वो कर्जे में हैं और कर्जा देने वाला डेली दमकी दे रहा हैं!

फ़ोन काटने के बाद वो रोने लगी फिर मैं पीछे से आया और उसे बोला की क्या हुआ ?

उसने फटाफट आंसू पोछे और बोली कुछ नहीं साहब बस आंख में कुछ चला गया था!

मैंने उसे बोला की मैंने सब सुन लिया हैं तो मुझसे मत छुपाओ कितने पैसे देने हैं!

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तो उसने बताया 30,000 रुपए देने हैं उसको वरना वो घर का सामान लेकर चला जाएगा!

फिर मैंने उसे कहा मैं उसे देदूंगा तुम आराम से मुझे देदेना उसने मना किया की उधार में नहीं फसना और!

मैंने समझाया की अगर तुम अभी नहीं दोगी पैसे उसे तो वो उसे और उसके घरवलो को हानि पहुचायेगा!

वो कहने लगी आप घर में सबसे छोटे हैं आप पैसे कंहा से लाएंगे तो मैंने कहा मेरी सेविंगस हैं आप टेंशन मत लो उसकी!

अगले दिन मैंने उसे पैसे देदीये और वो उसे चुकाकर आ गयी! घर में कोई नहीं था वो बहुत खुश होकर आयी और मुझे धन्यवाद् देने लगी!

बस ऐसे वो इम्प्रेस हो गयी और कभी कभी मैं काम में उसकी मदद कर देता तो वो और खुश हो जाती!

एक दिन वो कपड़े धो रही थी तो मैं उसकी मदद करने लगा! वो बोली वैसे आप मुझे पहले अजीब लगते थे पर आप वैसे नहीं हैं!

मैंने कहा मतलब तो उसने कहा पहले दिन याद हैं आप कैसे देख रहे थे मैं हसने लगा और मैंने बोला हुआ भी तो ऐसा था की मैं देखता रह गया!

तो वो शर्माने लगी तो मैंने कहा कोई बात नहीं पर दिखने में अच्छे थे! वो चुप हो गयी और शर्मा रही थी!

मैंने कहा बुरा तो नहीं माने उसने कहा नहीं नहीं बस डर जाती हु कहि मेरा कोई फायदा न उठाले!

मैंने उसे कहा फायदा तो पता नहीं पर मदद जरूर करूँगा आपकी हमेशा और आँख मारकर चला गया!

फिर कुछ दिन ऐसा चला अब वो मुझे जब भी देखती मैं उसे हँसा देता वो जब भी जुक कर पोछा लगाती लगाती बूब्स बहार आ जाते उसके!

तो मैं उसे देखता वो शर्मा जाती और बूब्स छिपाने लगती फिर एक दिन सब घरवाले बहार थे!

कामवाली अच्छी से बनकर आयी थी मैं पुरे मूड में था कंडोम लेकर आ गया था!

वो आयी और काम करने के लिए मेरे कमरे में आकर मुझसे काम का पूछने लगी!

मैंने उसे कहा बेड से मेरे कपड़े निकल दो और वो कपड़े लेने के लिए जुख़ी तो मैंने पीछे से उसे गले से लगा लिया!

पहले वो डर गयी की ये क्या कऱ रहे हो आप? मैंने कहा आपको देखकर मुझसे रहा नहीं जाता!

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उसने कहा कोई देख लेगा मैंने कहा घर पर कोई नहीं हैं! उसने कहा कलतक बड़े शांत थे आज क्या हो गया आपको?

मैंने कहा कलतक कंट्रोल था पर आज तो तुम कहर डा रही हो बड़ी सुंदर लग रही हो इसीलिए मुझसे नहीं रहा गया!

फिर मैंने उसे घुमाया और उसके होंठ चूमने लगा वो ढीली पढ़ गयी और फिर मेरा साथ देने लगी!

मैंने उसका सूट ऊपर कर दिया और उसकी ब्रा भी और उसके बूब्स चूसने लगा!

वो घबरा रही थी की कहि कोई आ न जाए मैंने कहा दरवाजा बंद हैं तुम टेंशन मत लो!

फिर जब मैंने उसके निप्पल काटे वो सिसकारियां भरने लगी और मदहोश हो गयी!

मैंने उसका नाडा तो खोल दिया पर वो चूत मारने के लिए मना करने लगी!

तो मैंने उसके होंठो का ऐसा जोरदार चुम्बन लिया की वो और पागल होने लगी मुझे उसे मदहोश करना था!

मैंने उसकी गर्दन चूमा उसके निप्पल रगड़े और कुछ देर बाद जो हाथ उसका सलवार को पकडे हुआ था वो ढीला हो गया और सलवार निचे हो गयी!

उसने पैंटी नहीं पहनी थी तो मैंने उसकी चूत पर हाथ फेरना शुरू किया और कुछ देर हाथ रोकने के बाद उसे भी मजा आने लगा!

फिर मैंने उसे पूरा नंगा कर दिया और बेड पर लिटाकर उसकी टाँगे उठा दी!

मैंने सटाक से लंड अंदर डाला वो चिल्लाई उह्ह्ह्ह अम्मा धीरे से करो! पर मैं पूरा उतावला था तो मैंने तेज तेज चुदाई करना शुरू कर दिया!

पच पच पच पुरे कमरे में उसकी चूत बजने की आवाज आने लगी और वो मुँह से आह आयी आ आए आह्हः की दर्द वाली आवाज निकालने लगी!

कुछ देर बाद मैं चरम सीमा पर आ गया और मैंने सारा माल निकाल दिया बहुत शांति मिली मुझे और फिर वो मेरे होंठ चूमने लगी!

मैंने उसे कहा की मजा आया? उसने कहा हां और आपको ? मैंने कहा हां तो उसने कहा आप तो पहले दिन से मुझे चोदने के चककर में थे आज तो आपको मजा आ गया होगा!

मैंने कहा अरे तुम्हे कैसे पता तो उसने कहा आस पास घूमते रहते थे इसीलिए!

=उसके बाद जब भी मौका मिलता हम मस्त नंगे होकर चुदाई करते !

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