जॉब करने वाली आंटी शीतल

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम बिपुल है.मेरी उम्र 23 साल है .मई डेल्ही का वसंत बिहार इलाके से हु .हलाकि इस साईट पे पहेली बार अपना कहानी लिखने जा रहा हु .अब में असली बात में आता हु .मैंने अपना कॉलेज कम्पलीट करने के बाद जॉब पर लग गया था .क्यों की मई घर का बड़ा लड़का था इसीलिए पापा का तबियत खाराप हो जाने का बाद मुझे ही परिवार को सँभालने पर रहा था . में एक गावं से हूँ और में जॉब के लिए मेरे घर से ऑफिस तक बाईक पर जाता था. में जिस जगह पर जॉब करता हूँ वो एक मेट्रोपोलिटन सिटी है, जहाँ पर मेरी गावं की औरतें भी काम के लिए जाती है और उनको ज्यादातर चलकर या किसी से लिफ्ट लेकर जाना पड़ता है. अब वहाँ मेरे गावं की भी औरतें जाती थी और जो मेरा ऑफिस टाईम था उसी वक्त मुझे रास्तें में दो औरतें चलकर जाती दिखती थी.आप ये स्टोरी  पे पढने जा रहे है .

पहले दो दिन तक मैंने उन पर कुछ ज्यादा ध्यान नहीं दिया, लेकिन एक दिन उनमें से एक औरत ने मुझे रुकने का इशारा किया. फिर मैंने देखा कि वो हमारे पास वाली ही आंटी है तो में रुका.  अब में आपको आंटी के बारे में बता दूँ, वो ज्यादा गोरी नहीं थी, लेकिन मस्त थी, उसका नाम शीतल था और उसकी उम्र 38 साल है, उसकी गांड बड़ी थी और वो साड़ी पहनती थी और बूब्स भी मस्त थे, उसका फिगर स्टेटस 36-28-34 था. फिर उसने हाथ किया तो में रुक गया और अब वो मेरी बाईक पर पीछे बैठ गई और बातें करने लगी.

शीतल  ने मुझे पूछा ,” तुम कब से यहाँ पर जॉब करते हो?”में – 4 दिन से.शीतल – तुम्हारा टाईम क्या रहता है?में – 9 से 6 तक, आपका?शीतल– मेरा भी यहीं टाईम है.

अब ऐसी बातें चलती रही और हम लोग वहाँ पहुँच गये और फिर उसने जाते वक्त ले जाने को कहा तो मैंने भी ठीक है बोला. अब पहले दिन तो वो थोड़ा पीछे बैठी थी, अब दूसरे दिन जब में जा रहा था तो वो मेरा इंतजार कर रही थी, अब मुझे देखकर वो मुस्कुराने लगी.फिर मैंने पूछा कि आज आप बहुत खुश लग रही हो तो वो बोली कि मुझे पार्टनर जो मिल गया है. अब में समझा नहीं, आज वो मेरे साथ चिपक कर बैठी थी और मेरी बैग आगे लेने को कह रही थी. फिर मैंने अपना बैग आगे लिया और अब वो मुझसे चिपक कर बैठ गई, जिससे उसके बूब्स मेरी पीठ को टच हो रहे थे और उसकी जांघे क्या मुलायम थी दोस्तों? अब में जान बूझकर ब्रेक लगाने लगा और अब में मज़ा ले रहा था और उसे भी दे रहा था.

और कहानिया   घरवाली और बाहरवाली भाग 4

फिर जब हम वहाँ पहुँच गये तो वो मुस्कुराने लगी और मेरी आँखो में आँखे डालकर देखने लगी. अब में भी देख रहा था, तभी उसने मेरा मोबाईल नम्बर माँगा. फिर मैंने उसे दे दिया और निकलते समय कॉल करने को कहा. अब में जाते समय उसे लेने गया तो वो बाईक पर मुझसे चिपक कर बैठ गई और अब उसका हाथ मेरी जांघो पर घूम रहा था तो अब मुझे मज़ा आ रहा था. फिर वो बोली कि कल हमारी छुट्टी है तो वो मुझसे कल का प्लान पूछने लगी. फिर मैंने कहा कि कुछ नहीं बस में तो घर पर ही रहूँगा और मैंने उनसे पूछा कि आपका क्या प्लान है? तो उसने कहा कि कुछ नहीं है.

फिर उसने मुझे दोपहर को अपने घर पर बुलाया. अब में दूसरे दिन उठकर फ्रेश होकर नाश्ता कर रहा था कि उसका कॉल आया कि कब तक आओगे? और उसने 1बजे के बाद आने को कहा. फिर में 1बजे के बाद उसके घर गया तो उसके घर पर कोई नहीं था, वो अकेली टी.वी. देख रही थी और उसका पति बाहर गया था और वो शराबी था.अब में उसके घर पर गया तो उसने मुझे बैठने को कहा और पानी लेने किचन में चली गई. उसने काले रंग की साड़ी पहनी थी, क्या गांड लग रही थी उसकी? अब में सोच रहा था कि अभी उसको पकड़कर चोद दूँ, लेकिन में रुक गया. अब वो पानी लेकर आई और वो गिलास देते समय झुकी तो उसका पल्लू नीचे आ गया. अब में तो देखकर दंग ही रह गया और अब में उसके बूब्स देख रहा था और उसे भी वहीं चाहिए था तो उसने पूछा कि क्या देख रहे हो? फिर मैंने नज़र हटाई और कुछ नहीं कहा.

फिर उसने पूछा कि दूध पीओगे या चाय? तो अब में समझ गया कि इसने मुझे चुदवाने के लिए ही यहाँ बुलाया है. फिर मैंने कहा कि जो आप ठीक समझे तो अब वो मेरे पास आकर बैठ गई और बोली कि दूध ही सेहत के लिए अच्छा होता, तुम वही पीयो और अपने बूब्स को देखने लगी. अब मेरी नज़रे भी उसके बूब्स पर ही थी तो वो मेरी तरफ देखते हुए बोली कि पियोगे ना, तो मैंने कहा कि आप पिलाओगी तो ज़रूर.

और कहानिया   लेडी पुलिस वलियो की होगयी सामूहिक चुदाई

शीतल आंटी के आंख से साफ झलक रहा था एक हवस का चिंगारी ,और मई आंटी का हाथ पकड़ लिया और मैंने उसकी चिक लिप सब जगह अपनी जीभ से चाटना शुरू कर दिया और वो पूरी तरह से मदहोश हो गयी और मेरे कपड़े उतारने लगी. हम दोनों के लिप्स अलग होने का नाम ही नहीं ले रहे थे. मैंने किसिंग में ही उसके टाइट ब्लाउज में हाथ डाल दिए और ब्रा के ऊपर से बूब्स को मसलने लगा. वो धीरे – धीरे सोफे पर लेटने लगी और मैं उसके लिप को छोड़ना नहीं चाहता था. तो मैं भी उसके ऊपर आ गया. मेरा हाथ ब्लाउज में जोरो से उसके युम्म्म्मीईईईइ बूब्सस्सस्सस्सस मसल रहा था. उसने मेरे शर्ट के बटन को तोड़ दिया और मेरे गले चेस्ट, सब जगह पर पागलो की तरह किस करने लगी थी. मैं भी जोश में आ गया और उसके ब्लाउज को फाड़ दिया और उसके ब्लाउज के सारे बटन टूट गये.

उसने अन्दर ब्रा भी काले रंग की पहनी हुई थी. उसके अन्दर उसकेबड़े बड़े दूध जेसे सक्त निप्पल बाले बूब्स देख कर ही, कितनो का पानी निकल जाता है. वो मेरे शर्ट के अन्दर घुसे जा रही थी. और फिर अपनी जीभ को हर जगह फिराने लगी. मैंने उसकी पूरी साड़ी निकाल दी और ब्लाउज को भी निकाल दिया. अब वो ब्रा और पेटीकोट में आ अ गयी थी. फिर वो धीरे – धीरे किस्सिंग करते हुए ऊपर आ गयी और मेरे लिप्स को चूसने लगी थी. आज तो उसका दवाब ज्यादा था मेरे से. फिर मैंने उसकी ब्रा में मुह डाल दिया और उसके बूब्स चाटने लगा. वो बोल रही थी आममम अममम अममामा अममम ह्म्म्मम्म अममम्मा चुसो… चुसो… अममम अममम अममम हममम उम्म्मम्म्म्म.. प्लीज काटो ना… प्लीज करो ना… प्लीज और जोर से और जोर से … हाहाह अहहाह अहहाह अहः ममममम उम्म्म्म ह्म्म्मम्म… चुसो ना…

Pages: 1 2

Leave a Reply

Your email address will not be published.