आई लव यू पापा

फिर अगले ही कुछ पलों में उन्होंने मेरी लोअर को भी खींच कर नीचे कर दिया. मैंने नीचे से पैंटी भी नहीं पहनी हुई थी क्योंकि पापा के आने से पहले मैं अपनी चूत की सिकाई करने में लगी हुई थी.

पापा का जोश अब सच में बढ़ता ही जा रहा था. उन्होंने धीरे से अपने पैरों को हिलाते हुए नीचे से अपनी पैंट और अंडरवियर दोनों को ही निकाल दिया था. अब वो मुझे किस करने लगे और एक हाथ से अपने लंड को भी हिला रहे थे.

उनके मुंह से दारू की स्मैल आ रही थी. मगर अब मुझे अच्छा लगने लगा था क्योंकि मेरी चूचियों के निप्पल भी अब खड़े हो गये थे. मेरी चूत पापा की गीली जांघों से टच कर रही थी.

पापा ने शर्ट भी निकाल दी थी. उनकी छाती पर जो हल्के बाल थे उन पर मेरी चूचियां टच हो रही थीं. मुझे एक अलग ही मजा सा आने लगा था. अब पापा की हर हरकत मुझे पसंद आ रही थी. अब मैं चुदने के लिए खुद ही तैयार होने लगी थी.

अब पापा ने मुझे अपने नीचे कर लिया और मुझे जोर से चूमने और काटने लगे. भले ही मेरी चूत में दर्द था मगर पापा जिस तरह से मेरे बदन के साथ खेल रहे थे मुझे बहुत मजा आ रहा था. अब उन्होंने अपने लंड को मेरी चूत की दरार के आसपास रगड़ना शुरू कर दिया. उनका लंड पूरा तन गया था.

उनको मेरी चूत में लंड डालने की काफी जल्दी लग रही थी. वो नशे में थे और जोश में हड़बड़ा रहे थे, इसलिए मेरी चूत के आसपास लंड फिसल रहा था लेकिन अंदर नहीं जा पा रहा था.

उसके बाद पापा ने मेरी चूत को अपने हाथ से टटोला और उसको अपने हाथ से सहलाने लगे. अब मुझे और मजा आने लगा. फिर पापा ने एकदम से मेरी चूत पर लंड को लगा दिया और मेरी चूत में लंड को घुसेड़ दिया.

मेरी चूत में पहले से ही दर्द था. पापा का लंड एकदम से चूत में गया तो मैं तड़प उठी ‘उम्म्ह … अहह … हय … ओह …’
मैंने उनके चंगुल से छूटने की कोशिश की मगर पापा ने मेरी चूचियों को अपने मुंह में भर लिया और मेरे निप्पलों को अपने दांतों से काटने लगे.

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चूत में पापा का लंड पूरा घुस चुका था मेरे निप्पल पापा के मुंह में थे. मेरा पूरा बदन पापा के बदन के ऊपर था और हम दोनों के जिस्म गर्म हो चुके थे. मुझे अब धीरे धीरे मजा आने लगा. पापा ने अपनी गांड को ऊपर नीचे करते हुए मेरी चूत में लंड के धक्के देना शुरू कर दिया.

अब मेरी चूत को लंड लेकर मजा आने लगा. पापा ने मेरी चूचियों को छोड़ कर अब फिर से मेरे होंठों को चूसना शुरू कर दिया. पापा के हाथ मेरी गांड पर चले गये. वो मेरे होंठों को चूसते हुए नीचे से लंड के धक्के मेरी चूत में लगा रहे थे.

उनके हाथ मेरी गांड को बार-बार दबा रहे थे. मुझे बहुत मजा आने लगा था. अब मैं भी पापा के लंड की तरफ अपनी चूत को धकेलने लगी थी. मगर पापा की रफ्तार अब धीमी हो गई. वो शायद थक से गये थे. फिर वो धीरे-धीरे मेरी चूत की चुदाई करने लगे.

ऐसे ही कुछ देर तक धीमी चुदाई करने के बाद एकदम से उन्होंने दोबारा से अपने लंड की स्पीड को बढ़ा दिया. उनकी ताकत अब वापस आ गयी थी. पापा मेरी चूत की चुदाई अब तेजी के साथ करने लगे.

अब मेरे मुंह से भी सिसकारियां निकलने लगीं थी. आह्ह पापा … ओह्ह आराम से करो, मेरी चूत में दर्द हो रहा है. मगर पापा अब पूरे जोश के साथ झटके लगा रहे थे. पापा का लंड मेरी चूत में अंदर जाकर मेरी चूत की दीवारों को अंदर तक हिला रहा था. वो मेरी बात पर ध्यान नहीं दे रहे थे.

पांच मिनट के बाद ही ऐसा लगने कि अब पापा झगड़े के कगार पर पहुंच गये हैं. उन्होंने मेरी चूत में ऊपर की ओर लंड को धकेलते हुए दोनों तरफ से बेड की चादर को पकड़ लिया और एकदम से मेरी चूत में पापा के लंड से वीर्य की पिचकारी मेरी चूत में लगती हुई मुझे महसूस होने लगी.

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पापा का गर्म वीर्य मेरी चूत में गिरने लगा. कई पिचकारी मेरी चूत में लगती हुई मुझे महसूस हुई. पापा पूरे निढाल होकर मेरी चूचियों के ऊपर गिर गये और काफी देर तक ऐसे ही पड़े रहे. पापा की प्यास तो बुझ गई थी लेकिन मैं अभी प्यासी ही थी.

मेरी चूत में अब पानी निकले बिना चैन नहीं आने वाला था. पापा एक तरफ बाजू में लेट गये. मैं बिन पानी मछली की तरह हो गई थी. मैं अभी पापा के लंड से और चुदना चाह रही थी. मेरी प्यास को बुझाने के लिए अब मैंने सारी शर्म छोड़ दी.

मैंने पापा के लंड को अपने हाथ में ले लिया और उनके लंड को हिलाना शुरू कर दिया. मगर पापा का लंड सो चुका था. काफी देर तक पापा के लंड को हिलाने के बाद भी वो उठता हुआ नहीं दिखा तो मैंने पापा के लंड को अपने मुंह में ले लिया और जोर से चूसने लगी.

उनके लंड को चूस चूस कर मैंने एकदम से लाल कर दिया और आखिरकार पापा का लंड टाइट हो गया. मैंने और जोर से लंड को चूसा और उसमें पूरा जोश भर दिया. जब पापा का लंड बिल्कुल कड़क हो गया तो मैंने अपनी टांगों को फैला कर पापा के लंड पर अपनी चूत को रख दिया.

पापा के लंड पर चूत को सटा कर मैं उस पर बैठती चली गई. पापा का लंड मेरी गर्म और प्यासी चूत में उतर गया. उनका लंड मेरी चूत में घुसते ही मैं उनके लंड पर कूदने लगी. कभी ऊपर नीचे हो रही थी तो कभी आगे पीछे करते हुए पापा के लंड को अपनी चूत में पूरा ले रही थी.

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