हॉस्टिल की रंडी कॉलेज गर्ल सेक्स

हे गाइस, मेरा नाम अलीशा है और मई एक ट्रांसगेंदर लड़की हू. ये नाम मैने अपने आप को दिया है लेकिन घरवालो ने जो मेरा नाम रखा था वो था अविनाश. मेरे घर मे मेरी 2 बड़ी बहने मा बाबा और मई.

मेरी उमर 25 साल है. मई घर गुजरात मे है. मेरे घर वालो ने मुझे निकाल दिया है. लेकिन ये कहानी तबकि है जब मैने ट्रॅन्स्फर्मेशन नही कराया था.

मई तब लड़के जैसी नही दिखती थी. लेकिन मेरी फिगर लड़कियो वाली थी एक दूं पतली कमर और मोटी गांद लेकिन मुझे तो पता ही था के मई लड़की हू तो मेरे हॉ भाव भी लड़कियो वेल ही थे.

मेरे स्कूल के साथ के लड़के मुझे च्छेदते रहते थे के मई लड़का बनू. मई भी उनके सामने लड़का बनने की कोशिश करता था. फिर मेरे साथ एक कांड हो गया उसके बाद तो मैने फ़ैसला कर लिया था के मई ट्रॅन्स्फर्मेशन करौंगी ही.

तो ये कहानी तबकि है जब मई कॉलेज मे आ गया था. मई हॉस्टिल मे रहने आया था. और आब्वियस्ली मुझे लड़को के साथ ही रहना पड़ा. मैने अपने पापा से ज़िद भी की बाहर प्ग मे रहने की लेकिन पापा नही माने.

क्यूकी पापा भी वोही महाराष्ट्रा के कॉलेज से पास आउट थे. तो अब मुझे उनकी ज़िद के कारण वाहा रहना पड़ा. मेरे रूम पार्ट्नर गर्वित भयया जो की सीनियर थे और अमित जो की मेरे ही साथ था.

हॉस्टिल मे मुझे बहोट सारी परेशानिया झेलनी पड़ी जैसे की दोस्त ना मिलना और कपड़े चेंज करने के लिए बातरूम मे जाना. और बातरूम मे कामन थे मतलब हर रूम के लिए अलग नही था और उनमे आधे आधे डोर थे.

मई सबसे अलग ही रहता था. मई किसी से बात भी नही करता था. मेरी पूरी क्लास मे बस एक लड़की से ही बात होती थी और वो थी सौम्या. वो बहोट आक्ची लड़की थी और खूबसूरत भी बाला की थी. उसके पीछे हमारे कॉलेज मे आए दिन लड़ाई होती रहती थी.

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लेकिन वो किसी को भाव नही देती थी. उसको शायद समझ आ गया था मेरी सेक्षुवालिटी का इसलिए वो मेरे साथ ही रहती थी. तो हमारी आक्ची दोस्ती हो गयी. और एक दिन मैने उसको अपनी पूरी सक्चाई बता दी.

सौम्या उप से बिलॉंग करती थी. वो अपने मा बाप की एक लौटी संतान थी. और वो बहोट खुले विचारो वाली लड़की थी. जब मैने उसको अपनी सक्चाई ब्ताई तो उसने बिना किसी की फिकर किए मुझे गले से लगा लिया सबके सामने कॅंटीन मे.

अब पूरे कॉलेज मे ये बात उड़ने लगी के मैने सौम्या को पता लिया है. ये मेरे लिए बहोट बड़ी परेशानी बन गयी क्यूकी जब मई हॉस्टिल पोुंचा तो लड़को ने मुझे घुरती हुई निगाहो से देखा और फिर मुझसे बात करने आने लगे.

एक लड़का आया और उसने पूछा “भाई ये बता तूने सौम्या को प्ताया कैसे. ”

फिर वाहा पेर भीड़ जमा हो गयी और सबकी नज़रे मेरे उपर आ गयी. उस वक़्त मेरे दिमघ मे ये आया के मई भी इनके सामने बड़ाई मारता हू और मैने बिना क्लॅरिफाइ किए के वो मेरी दोस्त है उपर अपने रूम मे आ गया.

उनको मेरा ये आटिट्यूड अक्चा नही लगा लेकिन फिर भी वो मेरे रूम मे आ गये और मुझसे वही सवाल बार बार करने लगे. तो मैने बता दिया के वो मेरी आक्ची दोस्त है बस और कुछ नही है. उन्होने ये बात मानी ही नही और गंदे गंदे कॉमेंट्स पास करने लगे.

“अपने लंड का पानी पीला दिया क्या उस रंडी को तूने”.

“छूट मारली क्या उसकी”

“अक्चा ये बता छूट छाती थी क्या उसकी”

इसी तरह के गंदे कॉमेंट्स वो पास करते रहे. तभी गर्वित भयया आ गये और उन्होने सबको बाहर कार्डिया. गर्वित भयया सूपर सीनियर थे और उनसे सबकी फट-ती थी. लेकिन उन लड़को को भागने के बाद उन्होने मुझसे पूछा.

गर्वित भयया :- देख बेटा या तो सच सच बता दे की क्या चक्कर है. उसने तुझे हग क्यू किया या फिर मुझसे मार खा ले.

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मुझे गर्वित भयया को सारी अपने बारे मे सक्चाई ब्तनी पड़ी. गर्वित भयया मान गये और फिर वो अपने बेड पेर जाकेर सो गये. लेकिन उस दिन के बाद से गर्वित भयया की नज़र मेरे लिए चेंज हो गयी थी.

वो मुझे ताड़ते रहते थे. मई कपड़े चेंज करने के लिए जाता तो मुझे रोकते और वही रूम मे ही चेंज करने के लिए बोलते. और खुद और अमित को बाहर कर देते. मुझे सॅकी बतौ तो पहले दिन से ही गर्वित पेर क्रश था.

लेकिन ये चीज़े देखकर तो मई दीवानी हो गयी थी ई मीन हो गया था. फिर कभी कभी खुद जब कपड़े चेंज करते तो अपना बदन मुझे दिखाते. काई बारी तो मई लंड भी देख लेता था.

उनका लंड बहोट मोटा और लंबा था. मेरा लुल्ली तो उनकी कन्नी उंगली के भी बराबर नही थी. मुझे आज से पहले किसी के लिए सेक्षुयल थॉट्स नही आए थे लेकिन मई अब गर्वित भयया से चूड़ने के रोज़ सपने देखने लगा था.

मैने ये बात सौम्या को भी ब्ताई तो उसने मुझे सुझाव दिया के मई उनके सामने लड़कियो वेल कपड़े पहनु और मेक उप करू. तो ना तो मेरे पास कपड़े थे और ना ही मेक उप तो सौम्या ने मुझे अपने पास से काफ़ी सारी चीज़े लाकर दी जो की वो नही पहनती थी.

उसने मुझे काफ़ी सारी शॉर्ट ड्रेसस, सारी, लिंगेरिएस और हील्स दिए. उसने मुझे मेक उप भी करना भी सिखाया. मैने पहली बार लड़की बनकर देखा और मैने एक वन पीस ड्रेस पहनी हुई थी उसपेर हील्स और मेक उप. मई किसी लड़की से कम नही लग रही थी.

मुझे उतना कॉन्फिडेन्स आज से पहले कभी भी नही आया था. फिर तभी गर्वित भयया आ गये रूम मे. अमित आज बाहर पार्टी मे गया हुआ था. गर्वित भयया मुझे देखते ही रह गये. और फिर बोले..

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