हररमी बेटे ने पूरी रात चूत मारी

मेरा नाम पद्मा है. मेरे पति का नाम सुभाष जोशी और बेटे का नाम राहुल और बेटी का नाम चिंकी है. आज में आपको अपने जीवन की सच्ची घटना बताने जा रही हू. दोस्तो आज तक ये बात मेने किसी से भी शेर नही करी और कर भी नही सकती थी क्योंकि हुमारा समाज का कुच्छ ढाँचा ही अलग है.लेकिन आप तो जानते है की औरत अगर कोई बात को अपने सीने मे ही दबाए रखे तो घुट जाती है इसलिए मे इश्स के माध्यम से आपको अपना एक्सपीरियेन्स शेर कर रही हू.

जिससे मेरी आत्मा को काफ़ी शॅंटी मिली. मुझे नही पता की मेरे साथ जो हुआ शायद वो दुनिया मे किसी के साथ ना हो. में देहरादून मे रहती हूँ. मेरी आगे इस समय 42य्र्स है. मेरे हज़्बेंड बॅंक मे मॅनेजर थे.करीब 10य्र पहले उनकी डेत ब्लड कॅन्सर से हो गयी. अब उनकी जगह मे बॅंक मे जॉब करती हू. जिस समय मेरे पति की डेत हुई उस समय मेरे दो बच्चे थे पहला बेटा **य्र और दूसरी मेरी बेटी जो मात्रा **य्र की थी.

पति की मौत के बाद तो मे बहुत टूट चुकी थी. पति की मौत के बाद मेरे मा बाप मुझे दूसरी शादी के लिए फोर्स कर रहे थे. लेकिन बच्चों के फ्यूचर के लिए मेने अपना ध्यान शादी पर नही दिया. धीरे धीरे समय बीतता गया. मेने भी अपने औरत के जमीर को मार दिया. मेने सजना सवरना छ्चोड़ दिया. आख़िर औरत सजे भी किस के लिए. मात्रा 32य्र की आगे मे मेरे ऊपर काफ़ी ज़िम्मेदारी आ गई.

जब मेरा बेटा 9त स्टॅंडर्ड मे था तो वो काफ़ी बिगड़ चक्का था जिसका कारण पिता का ना होना था. वैसे अधिकतर बच्चे पिता के ना होने पर बिगड़ ही जाते है. ये बात मेने तब नोटीस की जब में उसके कपड़े ढोने के लिए निकले. तो उसकी जेब मे कॉंडम मिले. में तो काफ़ी हैरान हो गई की मात्रा ** य्र की आगे मे इसे कॉंडम की क्या ज़रूरत पढ़ गई. फिर मेने देखा की उसके उंदर्वेरे मे भी वाइट-वाइट लगा है. में साँझ गई थी की अब वो जवान होने लग गया है.

बाद मे मेने उसकी आल्मिरा भी चेक की तो देखा की वाहा उसने असलील मागसिनेस और ब्लू फिल्म की सीडी चुपाई हुई थी. मुझे मेरे बेटे की चिंता सताने लग गई. जाहिर सी बात है कोई भी मा को अगर असी सिचुयेशन फेस करनी पढ़े तो उसे टेन्षन तो बहुत होगा. लेकिन दोस्तो मे ये बात किसी को कह भी नही सकती ना अपने बेटे से सीधा बात कर सकती थी. उस समय मुझे अपने पति की कमी काफ़ी खाल रही थी की काश वो होते तो ये सिचुयेशन उनसे ही हॅंडल करवाती.

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दोस्तो लेकिन मेने अपने बेटे से कुच्छ नही किया.धीरे-धीरे समय बीतता गया और मेरा बेटा और बिगड़ता चला गया. मेरा बेटा अब मुझे भी अजीब नज़रो से घूरता है. दोस्तो मे तोड़ा अपने बारे ने बताती हू मे एक साधारण फॅमिली से बिलॉंग करती हू लेकिन में काफ़ी खूबसूरत और भरे बदन की मालकिन हू. मेरे चूतड़ 42” इंच क मेरी छूनचिया 40द की और मेरी कमर 32” इंच की है.

इस से आप मेरे फिगर को इमॅजिन कर सकते है. इसीलिए मेरी शादी बॅंक मॅनेजर के साथ बगैर किसी दहेज के हुई. ये तो सारी औरतें जानती है की मर्द तो हेवी चूतड़ और छूनचियो के तो दीवाने होते है. मेने कई बार गौर काइया वो मेरी छूनचियों और चूतड़ को घूर रहा है. मुझे मान ही मान काफ़ी गुस्सा आया क्योंकि सब औरतें चाहती है की मर्द उनपर अट्रॅक्ट हो लेकिन कोई औरत ये नही चाहती की उसका बेटा उसे बुरी नज़रो से देखे.

समय बीतता गया और उसकी आदतें और भी खराब होती गई. यहा तक की वो शराब भी पीने लग गया. एक दिन वो शराब पीकर घर आया तो मेने उसे खूब दांता. लेकिन वो तो उल्टा मुझसे ही ज़ुबान चलाने लग गया. में अपने बêते की वजह से काफ़ी परेशान हो गई.

अब में उस दिन की घटना बताने जेया रही हू. उस समय में 37 य्र की मेरा बेटा 18य्र का और मेरी बेटी *य्र की थी. मेरे घर से मेरे बड़े भाई साब आए हुए थे.

वाहा कन्या पूजा थी तो उन्होने बेटी को साथ ले जाने के लिए बोला. तो मेने हामी भर दी. वैसे भी मेरी बेटी को ननिहाल मे अच्छा लगता. मेरी बेटी चींकी भी खुश हो गई. मेरे भाई साब मेरी बेटी को लेकर चले गये मेरा बेटा भी कॉलेज चला गया.

शाम को जब मेरा बेटा घर आया तो उसने शराब पी हुई थी. में उसे डाँटने लगी उसको भी गुस्सा आ गया.

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मेरा बेटा(गुस्से से):चुप साली रांड़ बहुत बोलती है साली कुटिया हमेशा उपदेश ही देती है

में :बेटा अपनी मा के साथ ऐसी बात करते है

बेटा(गुस्से से): अगर बात नही सुनना चाहती है तो मेरे रास्ते मे टाँग मत अड़ाया कर.

उसके बाद वो अपने कमरे मे चला गया. कुच्छ देर बाद में उसके रूम मे ही खाना ले गयी. क्योंकि मा का दिल तो आप जानते ही है. मेने खाना टेबल पर रखा और उसे उठाने के लिए जैसे ही झुकी तो मेरी सॅडी का पल्लू नीचे गिर गया. उठते ही उसकी नज़र मेरी गुडांज़ छूनचियों पर पढ़ी.

मेरी छूनचियो को देखकर उसकी आँखो मे चमक आ गई. तभी उसने मेरा हाथ खीच कर मुझे बिस्तर पर पटक दिया. मेरे तो होश ही उध गये. में उसे छ्छूटने के लिए च्चटपटाने लग गई. में (सकपकते हुए): ये क्या कर रहा है बेटा छ्चोड़ दे मुझे में तेरी मा हूँ.

मेरा बेटा: मा हुई तो क्या हुआ आज तो तुझे छोड़ के ही रहूँगा. साली बहुत दीनो से तेरे नाम की मूठ मार रहा हू. कब से इस दिन का इंतेजर कर रहा था.

में(रोते हुए):प्लीज़ बेटा ये ग़लत बात है तू मेरा बेटा है मेने तुझे जन्म दिया है.

मेरा बेटा(पूरी मस्ती मे):आज में जहाँ से पैदा हुआ हूँ वही अपना लंड भी डालूँगा.

वो मेरी छूनचियों को बुरी तरह मसल रहा था और में बेबसी के आँसू रो रही थी. बदनामी के दर से मे चिल्ला भी नही सकती थी. अब वो मेरे होंठो को चूस रहा था और दोनो हाथो से छूनचियों को बेरहमी से मसल रहा था.

उसके मूह से शराब की स्मेल भी मुझे मदहोश कर रही थी. में लगातार उसे छ्छूटने का प्रयास कर रही थी. लेकिन वो काफ़ी हटता कटता नौजवान और कहा में एक कमसिन औरत उसके सामने मेरी क्या चलती. उसने ने मेरी सॅडी और ब्लाउस को खोलना चाहा. में उसका विरोध करने लगी. लेकिन वो तो सेक्स मे पूरी तरह से अँधा हो चुका था. उसने मेरी सॅडी को एक झटके मे ही उतार दिया.

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