हैल्लो दोस्तो, वैसे में अपनी गर्लफ्रेंड के साथ बहुत खुश था और वो बहुत हॉट सेक्सी किस्म की लड़की है. फिर हम जब भी साथ होते.. तब कम से कम 4 बार तो चुदाई पक्की रहती और एक लड़के को अपनी गर्लफ्रेंड से और क्या चाहिए. मेरी गर्लफ्रेंड एक स्वभाविक लड़की है.. वो अकेली रहती है और में उसके छुट्टियों के समय भी हमेशा सेक्स करता हूँ. समस्या सिर्फ़ तब आती.. जब वो पीरियड में हो. वैसे हमने उस वक़्त भी कई बार सेक्स किया है.. लेकिन वो दर्द की वजह से मना कर देती है और उस वक़्त सेक्स करना बहुत गम्भीर हो जाता है और वो दर्द की गोली लेकर सोती है.. लेकिन वो फिर भी मेरा लंड चूसकर मुझे एक बार तो चुदाई का मज़ा दिला ही देती है.
दोस्तों अब आज की स्टोरी पर आते है. यह बात उन दिनों की है.. जब मीना पीरियड में थी और में चुदाई के मूड में था.. लेकिन शुरू के दिन होने की वजह से दर्द के साथ साथ दबाव कुछ ज्यादा था और वो मूड में नहीं थी. फिर मैंने उससे कहा कि जानेमन प्लीज एक बार कम से कम लंड चूसकर मज़ा तो दिला दो.. वो लंड चूसने से मना कभी नहीं करती थी और वो मेरे लंड को तो अपना लोलीपोप समझती थी और जब में उससे मेरे लंड को चुसवाता.. तो उसे बहुत मज़ा आता और लंड का सारा का सारा रस पीना उसे बहुत पसंद है.
मीना ने उसके दर्द की दवाई ले ली थी.. जिसका मतलब था कि वो ज़्यादा देर तक मज़े नहीं लेने वाली थी और वो सोना चाहती थी.. लेकिन में बहुत गरम मूड में था. फिर मैंने उसकी बड़ी बड़ी चूचियाँ दबाना और मसलना शुरू कर दिया और में जानता था कि अगर मैंने इसे गरम कर दिया.. तो यह मेरा पानी पिए बिना मानेगी नहीं. फिर मैंने प्यार से उसके निप्पल को काट लिया और उसके गले पर किस देने लगा.
फिर उसके बड़े बड़े बूब्स को चूस चूसकर मैंने उसे गरम कर दिया था. अब उसने सीधा मुझ पर झपट्टा मारा और मेरे अंडरवियर को उतारकर मेरे लंड को अपने हाथ से धीरे धीरे सहलाने लगी. उसके हाथों में अजीब सी नज़ाकत है और जिन लड़को की गर्लफ्रेंड है.. वो बहुत अच्छी तरह जानते है कि चाहे कितना भी मुठ अपने हाथ से मार लो.. जब कोई लड़की लंड हाथ में लेती है.. तो उसमे कुछ अलग ही मज़ा आता है.
फिर में भी मज़ा लेने लगा और थोड़ी देर सहलाने के बाद उसने मेरा लंड अपने मुहं में ले लिया.. वाह क्या मज़ा आ रहा था कि बता नहीं सकता और मेरे लंड को वो लोलीपोप की तरह चूसे जा रही थी. फिर मैंने अपना हाथ उसके बालों में डाला और बालों को कसकर पकड़ लिया और ज़ोर ज़ोर से धक्के देकर उसके मुहं को चोदने लगा. दोस्तों चूत तो सबने चोदी होगी.. लेकिन जिन खुश किस्मत वालो ने मुहं चोदा है और वो ही जानते है कि उसमे क्या मज़ा है. मीना के सारे बाल बिखर गये थे और में अपने पूरे जोश में धक्के देकर अपने लंड से उसके मुहं को चोदने में लगा हुआ था और इन सब के बीच उसके घर के दरवाजे की घंटी बजी.
फिर मैंने उससे कहा कि रहने दो मेरी जान चूसती रहो.. थोड़ी देर में पानी छोड़ दूँगा.. लेकिन घंटी फिर से बजी और वो उठकर दरवाजे की तरफ चल पड़ी. फिर उसने दरवाजा खोलकर देखा.. तो उसकी फ्रेंड रीना वहाँ पर उदास खड़ी थी.. लेकिन किस्मत से वहाँ पर कोई और नहीं था.. क्योंकि जिस हाल में मीना ने दरवाजा खोला था.. अगर कोई आदमी होता.. तो उसके बिखरे हुए बाल और कपड़े देखकर समझ जाता कि अंदर क्या हो रहा है. फिर रीना को अंदर आने को कहकर मीना ने मेरी तरफ इशारा किया कि अपना लंड अंदर डालो.
दोस्तों में तो लंड को अंदर डालने के मूड में बिल्कुल भी नहीं था.. लेकिन क्या करता और इस कमिनी को भी अभी आना था.. तो फिर रीना ने कहा कि उसका उसके बॉयफ्रेंड के साथ झगड़ा हो गया है और उसने उसको रात को ही अपने घर से बाहर निकाल दिया और अगर इस टाईम पर वो घर गयी.. तो घर वाले बहुत सारे सवाल करेंगे और वो तो घर पर कहकर आई थी कि आज की रात मीना के यहाँ पर ही गुजारेगी.. अचानक वापस घर आने की क्या वजह दे.. तो उसे कुछ नहीं सूझा और वो यहाँ पर आ गयी.
फिर जब मैंने उससे पूछा कि तुम्हारे बीच में झगड़ा क्यों हुआ.. तो उसने पर्सनल बात कहकर बताने से मना कर दिया. फिर मीना ने कहा कि रीना और वो बेडरूम में सोयेंगे और मुझे बाहर दूसरे रूम में सोना पड़ेगा. फिर मैंने जब मीना से लंड चूसने का इशारा किया.. तो उसने साफ मना कर दिया और बोला कि जाओ सो जाओ.
फिर में करूं तो क्या करूं और में बाहर के रूम में आ गया और मीना ने एक और दर्द की गोली लेकर सोने की तैयारी की और उन दोनों को अंदर गये हुए 30 मिनट हो गये होंगे.. लेकिन मुझे नींद नहीं आ रही थी. फिर मैंने अपना लैपटॉप चालू किया और हेडसेट लगाकर पॉर्न फिल्म देखने लगा और फिल्म देखकर में अपने लंड को सहलाने लगा. दोस्तों लंड का काम कभी भी आधा नहीं छोड़ा जाता.. यह सभी लोग जानते है और फिर में मुठ मारने का मज़ा ले रहा था कि तभी मेरे खड़े हुए लंड पर किसी ने अपना हाथ रखा और मैंने पीछे मुड़कर देखा.. तो रीना खड़ी थी और मैंने तुरंत अपना लंड अपनी अंडरवियर के अंदर डाल दिया.
मुझे यकीन था कि उसने बहुत कुछ देख लिया था और उसने मुझे सॉरी कहा. फिर मैंने कहा कि नहीं यार मेरी तरफ से सॉरी तुमने मुझे ऐसे देख लिया. तो वो बोली कि नहीं में इसके लिए सॉरी नहीं बोल रही.. में तो थोड़ी देर पहले मैंने जो तुम दोनों को बीच में रोक दिया.. उसके लिए सॉरी बोल रही हूँ.
फिर जब मैंने कहा कि नहीं.. हम कुछ भी नहीं कर रहे थे.. तो उसने कहा कि उसने मीना के बिखरे हुए बाल और उखड़ती हुई सांसो को महसूस कर लिया था. फिर मैंने सिर्फ़ ठीक है कहा और फिर उसने कहा कि क्या तुम जानते हो मेरा और मेरे बॉयफ्रेंड का झगड़ा क्यों हुआ.. तो मैंने पूछा कि क्यों? तो उसने कहा कि वो कमीना मुझसे अपना लंड चुसवाता है.. लेकिन मेरी चूत नहीं चाटता है और वो कहता है कि उसे ये पसंद नहीं. फिर मैंने उसका लंड चूसकर उसका सारा पानी पिया और जब उससे मैंने अपनी चूत चटवानी चाही.. तो उसने मुझसे झगड़ा करके मुझे घर से बाहर निकाल दिया और यह बात सुनकर मेरा मुहं खुला का खुला रह गया.. क्योंकि में उससे ऐसे शब्दों की उम्मीद नहीं कर रहा था.